श्राद्ध में तर्पण के दौरान बड़ा हादसा, झांसी में नदी में डूबने से पिता-पुत्र समेत 5 की मौत
Jhansi News: यूपी में जल तर्पण के दौरान मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया. झांसी के मऊरानीपुर में सुखनई नदी में डूबने से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई. हादसे की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए.
हादसा मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र की रानीपुर चौकी के देवरी सिंह पुरा में हुआ. मृतकों की पहचान देवरी सिंह पुरा निवासी अनूप तिवारी, उनके 12 वर्षीय बेटे अर्पित, परिवार के अभिनव तिवारी (25) और श्रेयांश तिवारी (21) के रूप में हुई है. इनके अलावा जालौन के हरेदाई निवासी 23 वर्षीय पुष्कर शुक्ला की भी हादसे में जान चली गई. जल तर्पण के दौरान हुए इस हादसे से परिवार में चीख-पुकार मच गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग नदी किनारे जमा हो गए.
झांसी में श्राद्ध कर्म के दौरान बड़ा हादसा हो गया। नदी में एक ही परिवार के पांच लोग डूब गए। हादसे में बाप-बेटे, भतीजे और भांजे समेत 5 लोगों की मौत हो गई। #Jhansi pic.twitter.com/DcjihH1V84
— Arun (आज़ाद) Chahal ???????? (@ArunAzadchahal) September 29, 2026
पटा श्राद्ध का था कार्यक्रम
जानकारी के मुताबिक, देवरी सिंह पुरा निवासी अनूप तिवारी के चाचा काशी प्रसाद तिवारी का पटा श्राद्ध था. इसी सिलसिले में मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे अनूप तिवारी अपने 12 वर्षीय बेटे अर्पित और परिवार के अभिनव तिवारी व श्रेयांश तिवारी के साथ सुखनई नदी पहुंचे थे. उनके साथ जालौन के हरेदाई निवासी पुष्कर शुक्ला भी थे. सभी लोग नदी में पूर्वजों को जल तर्पण करने के लिए गए थे. बताया जा रहा है कि जल तर्पण के दौरान अचानक अनूप तिवारी का पैर फिसल गया और वह नदी के गहरे पानी में चले गए. उन्हें डूबता देख साथ मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की.
बालाघाट में प्रशासन के दावों की खुली पोल: आधी सड़क बहने के बाद ग्रामीणों ने खुद उठाया मोर्चा
मध्य प्रदेश के बालाघाट में बारिश ने प्रशासन और ठेकेदारों के दावों की पोल खोल कर रख दी है. जाते हुए मानसून की तेज बारिश के कारण गढ़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाटी नाला का साइड शोल्डर बह गया है. इसके कारण आधी से ज्यादा सड़क कट गई है और इस मुख्य मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है. प्रशासन की ओर से कोई मदद न मिलने पर अब ग्रामीणों ने खुद ही इस समस्या का समाधान निकालने का बीड़ा उठाया है. सड़क कटने से आवागमन बाधित होने के कारण ग्रामीणों को साप्ताहिक बाजार जाने और अपने रोजमर्रा के कामों के लिए लंबा सफर तय करना पड़ रहा था. ऐसे में गांव के लोगों ने एकजुट होकर खुद ही रास्ता बनाने का फैसला किया. सबसे हैरान और भावुक कर देने वाली तस्वीर यह है कि इस काम में केवल बड़े-बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं. गांव वाले और बच्चे मिलकर मिट्टी, पत्थर और मुरम डालकर सड़क के कटे हुए हिस्से को भर रहे हैं ताकि दुर्घटनाओं को टाला जा सके और यातायात सुगम हो सके.
ठेकेदार की बड़ी लापरवाही आई सामने
इस पूरी घटना के पीछे ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आ रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात से पहले ठेकेदार ने रिटेनिंग वॉल बनाने के लिए गड्ढा खोदा था, लेकिन काम को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया. तेज बारिश में पानी का बहाव ज्यादा होने के कारण मिट्टी कट गई और आधी सड़क बह गई. यदि ठेकेदार ने समय रहते काम पूरा कर लिया होता, तो आज यह नौबत नहीं आती. यह सड़क कोई आम रास्ता नहीं है, बल्कि यह दो दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है. न्यूज स्टेट के संवाददाता चित्रंजन की रिपोर्ट के अनुसार, यह सड़क मध्य प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ और कान्हा नेशनल पार्क के बफर एरिया तक जाती है. अगर यह सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो हजारों ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होगा.
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