Gorakhpur में बोले Yogi Adityanath, महापुरुषों की दूरदर्शी दृष्टि बनती है भविष्य की मजबूत नींव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि सामान्य व्यक्ति अपने परिवार के बारे में सोचता है, लेकिन महापुरुषों की दृष्टि दूरदर्शी होती है। वह यहां गोरखनाथ मंदिर में आयोजित युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि विषयक व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। आदित्यनाथ अपने गुरु के गुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं तथा राष्ट्रसंत एवं अपने गुरु महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सप्त दिवसीय पुण्यतिथि समारोह में शामिल होने के लिए सोमवार को ही यहां पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि जब देश गुलाम था तब महंत दिग्विजय नाथ ने बालिका शिक्षा और संस्कृत शिक्षण संस्थान की स्थापना की थी तथा उनके जैसे कुछ ही लोग थे जो कहते थे कि गुलामी की बेड़ियां टूटेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वास्तव में आप जब महापुरुषों के बारे में सुनते हैं, पूज्य संतों के जीवन चरित्र को पढ़ते हैं तो एक नयी प्रेरणा प्राप्त होती है। महापुरुष केवल वर्तमान में नहीं जीता।
जिनके कार्य दूरदर्शी होते हैं, वे हमें भले ही प्रत्यक्ष रूप में वर्तमान में दिखते हों, लेकिन उनकी कार्ययोजना भविष्य के एक सुदृढ़ नींव के रूप में नयी प्रेरणा देती है।’’ आदित्यनाथ ने कहा, आज युगपुरुष महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि है और कल मेरे पूज्य गुरुदेव राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ महाराज की पुण्यतिथि है।’ उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद और अन्य संस्थाओं द्वारा किये जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि आज से लगभग 94-95 वर्ष पहले जब देश गुलाम था, संसाधनों का अभाव था, तब महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की थी। उन्होंने बताया कि जब महंत से पूछा गया कि आपने महाराणा प्रताप के नाम पर इसका नामकरण क्यों किया तो उन्होंने कहा था कि जब भी भारत को स्वदेश, स्वाभिमान और स्वधर्म का एहसास कराने के लिए किसी महापुरुष को आदर्श बताना हो, ‘‘तो हम सबके लिए महाराणा प्रताप एक आदर्श उदाहरण हो सकते हैं।’’ मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि महाराणा प्रताप ने अकबर के खिलाफ 28 वर्ष की उम्र में स्वदेश, स्वाभिमान और स्वधर्म के लिए पहला युद्ध लड़ा था तथा अकबर द्वारा छीने गये सभी दुर्ग को अंतत: वापस लेकर मेवाड़ की धरती पर हिंदुत्व की ध्वजा को पुनर्स्थापित किया था।
Pitru Paksha Special Recipe: पितृपक्ष की थाली के लिए बनाएं यूपी स्टाइल कद्दू की स्वादिष्ट सब्जी, आसान है रेसिपी
Pitru Paksha Special Recipe: पितृमोक्ष के दिनों में घर पर बनने वाली भोग की थाली में सादा और सात्विक खाना खास जगह रखता है। अगर आप भी भोग की थाली के लिए ऐसी सब्जी बनाना चाहते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ पारंपरिक भी लगे, तो कद्दू की सब्जी बना सकते हैं।
यूपी स्टाइल कद्दू की सब्जी का स्वाद हल्का मीठा, खट्टा और मसालेदार होता है, जो पूरी या रोटी के साथ खूब पसंद किया जाता है। इसमें सौंफ, मेथी, अमचूर और थोड़ा-सा गुड़ डालने से सब्जी का स्वाद और भी बढ़ जाता है। जानें स्वादिष्ट कद्दू की सब्जी बनाने का आसान तरीका।
भोग की थाली के लिए कद्दू की सब्जी की सामग्री
- कद्दू – 250 ग्राम
- सरसों का तेल – 1 बड़ा चम्मच
- राई – 2 छोटी चम्मच
- सौंफ – 1 छोटी चम्मच
- मेथी दाना – ¼ छोटी चम्मच
- अदरक – 1 इंच, बारीक कटा हुआ
- हरी मिर्च – 2, लंबाई में कटी हुई
- हल्दी – ½ छोटी चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटी चम्मच
- धनिया पाउडर – ¼ छोटी चम्मच
- अमचूर पाउडर – स्वादानुसार
- गुड़ – 1 बड़ा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- हरा धनिया – सजाने के लिए
ऐसे बनाएं यूपी स्टाइल कद्दू की सब्जी
1. कद्दू काटकर रखें
सबसे पहले कद्दू को छीलकर उसके बीज निकाल लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। कद्दू को धोकर अच्छी तरह पानी निकाल दें।
2. मसालों का लगाएं तड़का
कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। इसमें राई, मेथी दाना और सौंफ डालें। मसाले चटकने लगें तो कटा हुआ अदरक डालकर हल्का भूनें।
3. कद्दू और मसाले डालें
अब कड़ाही में कटे हुए कद्दू के टुकड़े डालें। इसके साथ हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हरी मिर्च और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें।
4. धीमी आंच पर पकाएं
कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर कद्दू को पकने दें। बीच-बीच में चलाते रहें। जब कद्दू नरम हो जाए, तो चम्मच की मदद से इसके कुछ टुकड़ों को हल्का मैश कर दें। इससे सब्जी का स्वाद मसालों के साथ अच्छी तरह मिल जाता है।
5. गुड़ और अमचूर से आएगा खास स्वाद
अब इसमें गुड़ और अमचूर पाउडर डालें। दोनों को अच्छी तरह मिलाकर कुछ मिनट और पकाएं। गुड़ से हल्की मिठास और अमचूर से खट्टापन आएगा, जिससे कद्दू की सब्जी का स्वाद संतुलित हो जाएगा।
6. हरे धनिए से करें गार्निश
आखिर में ऊपर से हरा धनिया डालें। तैयार है भोग की थाली के लिए स्वादिष्ट यूपी स्टाइल कद्दू की सब्जी। इसे पूरी, रोटी या पराठे के साथ परोसा जा सकता है।
पितृमोक्ष के दौरान कई परिवार अपनी परंपरा के अनुसार भोग या श्राद्ध की थाली तैयार करते हैं। कद्दू की यह सब्जी पूरी, दाल, चावल और खीर जैसी चीजों के साथ थाली का हिस्सा बनाई जा सकती है।
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