Pitru Paksha Special Recipe: पितृपक्ष की थाली के लिए बनाएं यूपी स्टाइल कद्दू की स्वादिष्ट सब्जी, आसान है रेसिपी
Pitru Paksha Special Recipe: पितृमोक्ष के दिनों में घर पर बनने वाली भोग की थाली में सादा और सात्विक खाना खास जगह रखता है। अगर आप भी भोग की थाली के लिए ऐसी सब्जी बनाना चाहते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ पारंपरिक भी लगे, तो कद्दू की सब्जी बना सकते हैं।
यूपी स्टाइल कद्दू की सब्जी का स्वाद हल्का मीठा, खट्टा और मसालेदार होता है, जो पूरी या रोटी के साथ खूब पसंद किया जाता है। इसमें सौंफ, मेथी, अमचूर और थोड़ा-सा गुड़ डालने से सब्जी का स्वाद और भी बढ़ जाता है। जानें स्वादिष्ट कद्दू की सब्जी बनाने का आसान तरीका।
भोग की थाली के लिए कद्दू की सब्जी की सामग्री
- कद्दू – 250 ग्राम
- सरसों का तेल – 1 बड़ा चम्मच
- राई – 2 छोटी चम्मच
- सौंफ – 1 छोटी चम्मच
- मेथी दाना – ¼ छोटी चम्मच
- अदरक – 1 इंच, बारीक कटा हुआ
- हरी मिर्च – 2, लंबाई में कटी हुई
- हल्दी – ½ छोटी चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटी चम्मच
- धनिया पाउडर – ¼ छोटी चम्मच
- अमचूर पाउडर – स्वादानुसार
- गुड़ – 1 बड़ा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- हरा धनिया – सजाने के लिए
ऐसे बनाएं यूपी स्टाइल कद्दू की सब्जी
1. कद्दू काटकर रखें
सबसे पहले कद्दू को छीलकर उसके बीज निकाल लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। कद्दू को धोकर अच्छी तरह पानी निकाल दें।
2. मसालों का लगाएं तड़का
कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। इसमें राई, मेथी दाना और सौंफ डालें। मसाले चटकने लगें तो कटा हुआ अदरक डालकर हल्का भूनें।
3. कद्दू और मसाले डालें
अब कड़ाही में कटे हुए कद्दू के टुकड़े डालें। इसके साथ हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हरी मिर्च और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें।
4. धीमी आंच पर पकाएं
कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर कद्दू को पकने दें। बीच-बीच में चलाते रहें। जब कद्दू नरम हो जाए, तो चम्मच की मदद से इसके कुछ टुकड़ों को हल्का मैश कर दें। इससे सब्जी का स्वाद मसालों के साथ अच्छी तरह मिल जाता है।
5. गुड़ और अमचूर से आएगा खास स्वाद
अब इसमें गुड़ और अमचूर पाउडर डालें। दोनों को अच्छी तरह मिलाकर कुछ मिनट और पकाएं। गुड़ से हल्की मिठास और अमचूर से खट्टापन आएगा, जिससे कद्दू की सब्जी का स्वाद संतुलित हो जाएगा।
6. हरे धनिए से करें गार्निश
आखिर में ऊपर से हरा धनिया डालें। तैयार है भोग की थाली के लिए स्वादिष्ट यूपी स्टाइल कद्दू की सब्जी। इसे पूरी, रोटी या पराठे के साथ परोसा जा सकता है।
पितृमोक्ष के दौरान कई परिवार अपनी परंपरा के अनुसार भोग या श्राद्ध की थाली तैयार करते हैं। कद्दू की यह सब्जी पूरी, दाल, चावल और खीर जैसी चीजों के साथ थाली का हिस्सा बनाई जा सकती है।
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CWC की बैठक के बाद KC Venugopal बोले, PM Modi के पास पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 29 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में हेरफेर और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में गड़बड़ियों के आरोपों के बीच उन्हें प्रधानमंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेणुगोपाल ने बताया कि दो चुनाव आयुक्तों ने ECI के कामकाज और फैसलों के बारे में कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था, और इस मामले की जानकारी प्रधानमंत्री को भी है। वेणुगोपाल ने ज़ोर देकर कहा कि इस मामले में दखल देना प्रधानमंत्री की ज़िम्मेदारी है।
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वेणुगोपाल ने कहा कि यह उनके आकाओं के साफ़ निर्देशों पर किया जा रहा है; इस देश में दो चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सेक्रेटरी को भी पत्र लिखा है, इसलिए प्रधानमंत्री को भी इसकी जानकारी है। इसमें दखल देना प्रधानमंत्री की नैतिक ज़िम्मेदारी है। CWC की राय है कि प्रधानमंत्री मोदी के पास प्रधानमंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की तारीफ़ करते हुए वेणुगोपाल ने बताया कि गांधी पिछले 18-19 महीनों से लगातार सबूत पेश कर रहे हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह से समझौता कर चुके हैं और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को फ़ायदा पहुँचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की गई है।
वेणुगोपाल ने कहा कि पूरी वर्किंग कमेटी ने ‘वोट चोरी’ अभियान के ज़रिए भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े मुद्दे को उठाने के लिए राहुल गांधी को बधाई दी। पिछले 18-19 महीनों से, वह लगातार देश के सामने सबूत पेश कर रहे हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह से समझौता कर चुके हैं; देश की चुनाव प्रणाली में गड़बड़ी है, चाहे वह EVM मशीन हो या वोटर लिस्ट, दोनों ही समझौता कर चुके हैं, दोनों को ही BJP को चुनाव जिताने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
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उन्होंने इंडियन नेशनल कांग्रेस के 1930 के लाहौर अधिवेशन का भी ज़िक्र किया और ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ आंदोलन के दौरान 'पूर्ण स्वराज' (पूरी आज़ादी) की मांग को याद किया। वेणुगोपाल ने इस ऐतिहासिक संदर्भ को मौजूदा हालात से जोड़ते हुए कहा कि आज राहुल गांधी ने हमें 1930 के लाहौर कांग्रेस अधिवेशन - इंडियन नेशनल कांग्रेस के AICC अधिवेशन - की याद दिलाई। जब अंग्रेज़ों ने इंडियन नेशनल कांग्रेस को प्रांतीय शासन देने से भी इनकार कर दिया था, तब हमने 'पूर्ण स्वराज' के लिए आंदोलन करने का फ़ैसला किया था। मौजूदा सरकार देश के लोगों की आवाज़ नहीं सुन रही है; वे देश के लोगों की मांगें नहीं सुन रहे हैं; ऐसे में लोकतंत्र में यकीन रखने वाली पार्टियों के पास विरोध करने का बस एक ही रास्ता है।
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