Responsive Scrollable Menu

बजट रखिए तैयार! ग्राहकों को मिलने जा रहे हाइब्रिड SUV के 5 शानदार ऑप्शंस, माइलेज 35 KM+ तक

कार कंपनियां अब स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड इंजन वाली गाड़ियां लाने की बड़ी तैयारी कर रही हैं। ये सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड कारें पेट्रोल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के बीच का एक बेहतरीन ऑप्शन बनकर उभर रही हैं।

Continue reading on the app

ये 4 बड़ी IT कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड, जानें रिकॉर्ड डेट और किसे मिलेगा मुनाफा

List of Upcoming Dividend Stocks in October: अक्टूबर का महीना वह समय है जब भारत की बड़ी IT कंपनियां सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करना शुरू करती हैं. इस बार निवेशक न केवल नतीजों पर बल्कि इन नतीजों के साथ आने वाले डिविडेंड के ऐलान पर भी नजर रखेंगे. डिविडेंड तभी मायने रखता है जब आपके पास पहले से शेयर हों, या आप रिकॉर्ड डेट से पहले उन्हें खरीदने पर विचार कर रहे हों. यहां हम उन कंपनियों पर नजर डाल रहे हैं जिनके डिविडेंड के फैसले अभी आने बाकी हैं, और यह भी देखेंगे कि उन्होंने पहले कितना डिविडेंड दिया था और इसके पीछे कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी रही है. एक और बात, 5 में से 3 कंपनियों के डिविडेंड की रकम अभी तय नहीं हुई है. यह फैसला संबंधित बोर्ड मीटिंग के दौरान ही लिया जाएगा. जहां अक्टूबर में होने वाले भुगतान का ऐलान नहीं किया गया है, वहां हमने जानकारी के लिए पिछले समान डिविडेंड का जिक्र किया है.

1. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)

रेवेन्यू के मामले में TCS भारत की सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी है. इसके बोर्ड की बैठक 8 अक्टूबर को होनी है, जिसमें 30 सितंबर, 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही और छमाही के नतीजों को मंजूरी दी जाएगी. इस दौरान, वित्तीय वर्ष के दूसरे अंतरिम डिविडेंड पर भी विचार किया जाएगा. रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर 2026 तय की गई है. कंपनी ने अभी तक डिविडेंड की रकम का ऐलान नहीं किया है. इससे पहले, जुलाई में दिया गया अंतरिम डिविडेंड ₹12 प्रति शेयर था. TCS ऐतिहासिक रूप से कैश बनाने वाला मजबूत बिजनेस रहा है. इसका 3 साल का रिटर्न ऑन इक्विटी लगभग 52% है, जबकि पेआउट रेशियो लगभग 78% है. लगभग ₹2,100 की शेयर कीमत पर, डिविडेंड यील्ड लगभग 3% है. 

फिलहाल बड़ा सवाल यह है कि आगे कमाई कैसी होगी. TCS ने जून तिमाही के मुनाफे में 2.7% की गिरावट की जानकारी दी है, जिससे मुनाफा ₹13,349 करोड़ (₹133.5 अरब) हो गया है. इस साल अब तक इसके शेयर में भी लगभग 35% की गिरावट आई है. IT खर्च पर दबाव बना हुआ है, खासकर उन प्रोजेक्ट्स पर जो जरूरी नहीं हैं (discretionary projects). इसके अलावा, AI को लेकर एक बड़ा लॉन्ग-टर्म सवाल भी है कि यह पारंपरिक बिल-योग्य काम (billable work) की कितनी जगह ले लेगा. डिविडेंड इन्वेस्टर्स के लिए सिर्फ पेआउट ही सब कुछ नहीं है. यह भी उतना ही जरूरी है कि कंपनी लगातार कैश बनाती रहे और कंपनी कमाई बढ़ाती रहे. 

यह भी पढ़ें- Stock Market Today: शेयर बाजार में आज भी भारी गिरावट, सेंसेक्स 620 अंक टूटा, निफ्टी 22,600 से नीचे फिसला

2. HCL टेक्नोलॉजीज

HCL टेक्नोलॉजीज की बोर्ड मीटिंग TCS के चार दिन बाद, 12 अक्टूबर को होगी. कंपनी सितंबर तिमाही के नतीजों के साथ-साथ इस साल के अपने तीसरे अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) पर भी विचार करेगी. कंपनी पहले ही अप्रैल में ₹24 प्रति शेयर और जुलाई में ₹12 प्रति शेयर का भुगतान कर चुकी है. अक्टूबर के डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट अभी घोषित नहीं की गई है. कंपनी लगभग कर्जमुक्त है और लगातार 7 सालों से अपना डिविडेंड बढ़ा रही है. एक दिलचस्प आंकड़ा जरूर ध्यान देने लायक है. इसका पेआउट रेशियो लगभग 91% है. पहली नजर में यह आंकड़ा ज्यादा लग सकता है. लेकिन एसेट-लाइट IT सर्विस कंपनी के मामले में, इसे सही नजरिए से देखना जरूरी है. 

HCL टेक्नोलॉजीज को फैक्टरियों या फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च नहीं करना पड़ता है. अगर कोई बिजनेस अपनी जरूरत से ज्यादा कैश बना रहा है, तो उसका एक बड़ा हिस्सा शेयरहोल्डर्स को वापस करना कोई असामान्य बात नहीं है. असली मुद्दा ग्रोथ का है. HCL टेक्नोलॉजीज ने पिछले 3 सालों में लगभग 11.5% की सेल्स ग्रोथ दिखाई है. लगभग ₹3.4 लाख करोड़ के मार्केट कैप पर, यह स्टॉक अभी लगभग 4.3% की डिविडेंड यील्ड दे रहा है. इसका मतलब है कि ज्यादा पेआउट रेशियो जरूरी नहीं कि कोई समस्या हो. असली सवाल यह है कि क्या आगे भी कंपनी की कमाई बढ़ती रह सकती है?

3. इंफोसिस (Infosys)

अक्टूबर में नतीजे जारी करने वाली भारत की 3 बड़ी IT कंपनियों में इंफोसिस आखिरी होगी. इसकी बोर्ड मीटिंग 23 अक्टूबर को तय है, जिसमें फाइनेंशियल ईयर के पहले अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा. पिछले 12 महीनों में, इंफोसिस ने प्रति शेयर ₹48 का डिविडेंड दिया है और शेयर बायबैक भी किया है. कंपनी का 3 साल का रिटर्न ऑन इक्विटी लगभग 31% है और पेआउट रेशियो लगभग 68.5% है. यह कर्ज-मुक्त है, जबकि वर्किंग कैपिटल डेज 42 से बेहतर होकर 32.7 हो गए हैं. यह सुधार ध्यान देने लायक है. वर्किंग कैपिटल डेज कम होने का मतलब आमतौर पर यह होता है कि कंपनी कामकाज से कैश को ज्यादा कुशलता से बदल पा रही है. 

निकट भविष्य के लिए कामकाज की स्थिति उतनी उत्साहजनक नहीं है. इंफोसिस ने अपने FY27 के लिए कॉन्स्टेंट-करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस के ऊपरी स्तर को पहले के 3.5% से घटाकर 3% कर दिया है. इसका ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस 20-22% पर बना हुआ है. कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹4.1 लाख करोड़ है और स्टॉक अभी लगभग 4.7% यील्ड दे रहा है. इसलिए, भले ही इसकी डिविडेंड यील्ड कुछ दूसरी बड़ी IT कंपनियों की तुलना में आकर्षक लग रही हो, फिर भी निवेशकों को ग्रोथ आउटलुक पर नजर रखनी होगी.

यह भी पढ़ें- Gold-Silver Price Today: त्योहारों से पहले सस्ता हुआ सोना, चांदी के भी गिरे दाम; ये हैं नई कीमतें

4. CRISIL

CRISIL इस IT-हैवी लिस्ट में थोड़ी विविधता लाती है. यह रेटिंग्स और रिसर्च कंपनी है, जिसमें बहुमत हिस्सेदारी S&P Global की है, और यह भारत के अप्रैल-मार्च फाइनेंशियल ईयर की बजाय कैलेंडर ईयर फॉलो करती है. अभी तक अक्टूबर डिविडेंड की कोई डेट घोषित नहीं हुई है. लेकिन एक पैटर्न जरूर ध्यान देने लायक है. CRISIL पिछले 3 सालों से अपनी सितंबर तिमाही नतीजों के साथ तीसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान करती आई है. 2025 में डिविडेंड ₹16 प्रति शेयर था और इसका ऐलान 17 अक्टूबर को हुआ था. एक साल पहले पेआउट ₹15 था. इस साल की शुरुआत में कंपनी ने अप्रैल में ₹9 प्रति शेयर और जुलाई में ₹10 प्रति शेयर का भुगतान किया.

कंपनी ने जून तिमाही में प्रॉफिट बिफोर टैक्स में 24% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹2.8 अरब पर पहुंच गया. इसके पास करीब ₹13.7 अरब की नेट कैश पोजिशन भी थी. इसका 3-साल का रिटर्न ऑन इक्विटी करीब 30% के करीब है, हालांकि यह दो साल पहले देखे गए मिड-30% लेवल से थोड़ा घटा है. करीब 1.3% की डिविडेंड यील्ड इस लिस्ट की IT कंपनियों के मुकाबले काफी कम है. इसकी एक वजह सिर्फ वैल्यूएशन है. स्टॉक करीब ₹4,800 प्रति शेयर के भाव पर ट्रेड करता है. ऐतिहासिक रूप से CRISIL का पेआउट रेशियो 51-67% के बीच रहा है. इससे कंपनी के पास डिविडेंड देने के बाद भी अपनी कमाई का एक अच्छा हिस्सा बिजनेस में दोबारा निवेश करने के लिए बच जाता है.

5. Wipro

कंपनी द्वारा जारी किए गए फाइनेंशियल कैलेंडर के मुताबिक, विप्रो अक्टूबर के तीसरे हफ्ते में अपने सितंबर तिमाही नतीजे जारी कर सकती है. इन नतीजों के साथ अगला क्वार्टरली डिविडेंड का फैसला भी आना चाहिए. Wipro ने जुलाई में ₹2 प्रति शेयर का भुगतान किया था. इस पेआउट की रिकॉर्ड डेट 27 जुलाई थी, वहीं कंपनी का डिविडेंड पेआउट रेशियो करीब 47% है. क्वार्टरली डिविडेंड पॉलिसी अपनाने के बाद से यह हर तिमाही डिविडेंड देती आ रही है. लेकिन डिविडेंड यील्ड को बिजनेस में हो रहे बदलावों के साथ ही देखना जरूरी है.

विप्रो के शेयर इस साल अब तक करीब 30% गिर चुके हैं. कंपनी 30 सितंबर से निफ्टी 50 से बाहर भी हो जाएगी, जिसकी जगह BSE लेगी. यह बदलाव विप्रो के रिलेटिव फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन से जुड़ा है, न कि किसी एक तिमाही के नतीजों से. फिर भी बड़े आंकड़े ध्यान देने लायक हैं. विप्रो का रिटर्न ऑन इक्विटी करीब 15% है, जो TCS और Infosys के मुकाबले काफी कम है. डिविडेंड स्टॉक्स देखने वाले निवेशकों के लिए यह फर्क मायने रखता है, क्योंकि ऊपर से देखने पर एक ऊंचा पेआउट आकर्षक लग सकता है, जबकि अंडरलाइंग बिजनेस उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहा होता.

यह भी पढ़ें- OpenAI: ओपनएआई को सता रही सुरक्षा चिंता, रोकी अपने नए मॉडल की लॉन्चिंग

Desclaimer: यह जानकारी अलग-अलग एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों की राय पर आधारित है. इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है, इसलिए निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.

Continue reading on the app

  Sports

नीरू ढांडा उधार की बंदूक से बनीं निशानेबाज, अब एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास; 10 दिन पहले हुआ ऐसा

निशानेबाज नीरू ढांडा का सफर उधार की बंदूक से शुरू हुआ था। उन्होंने टिन के डिब्बे को अस्थायी निशाना बनाकर गलतियों के जरिए निशाना साधना सीखा। उनके पिता किसान और मां गृहिणी है। Tue, 29 Sep 2026 16:36:49 +0530

  Videos
See all

CM योगी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वेक्षण किया #cmyogi #kushinagar #upfloods #aajtak #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-29T11:14:48+00:00

Aaj Tak Vertical LIVE TV: Dangal | Election Commission | SIR | INDIA Alliance Metting | CWC Meeting #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-29T11:12:12+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers