Responsive Scrollable Menu

Jaishankar ने ईरान के साथ ऐसा क्या किया? खामनेई ने कहा धन्यवाद, चौंके ट्रंप-नेतन्याहू

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ईरान जब दुनिया के मंच पर आलोचनाओं और प्रतिबंधों का शिकार हो रहा था तब भारत ने तेहरान को बड़ी मदद दी है। इस मदद से अमेरिका और इजराइल दोनों ही चौंक गए थे। संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार परिषद के 39वें सत्र में ईरान के खिलाफ एक प्रस्ताव लाया गया था और यह प्रस्ताव आइसलैंड की तरफ से आया था। लेकिन इस पहल में कई और देश भी शामिल थे। जिसमें आइसलैंड ने जर्मनी, उत्तरी मेसडोनिया, मोलदोवा, गणराज्य और ग्रेट ब्रिटेन के साथ-साथ उत्तरी आयरलैंड के साथ मिलकर 20 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर इस विशेष सत्र को बुलाने का अनुरोध किया था। जिसके लिए परिषद के कम से कम 1/3 यानी कि हम कहें तो 16 से ज्यादा या फिर 16 लोगों के समर्थन की जरूरत होती है। 

इसे भी पढ़ें: Iran-USA Tension: अमेरिकी वॉरशिप की घेराबंदी के बीच बंकर में ख़ामेनेई में शिफ्ट

हालांकि इस सत्र में अपनाए गए प्रस्ताव ने ईरान में मानव अधिकारों की बिगड़ती हुई स्थिति की निंदा की और स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय तथ्य खोज मिशन यानी कि इंडिपेंडेंट इंटरनेशनल फैक्ट फाइंडिंग मिशन के जनादेश को भी 2 साल के लिए और ईरान पर विशेष दूत के जनादेश को एक साल के लिए बढ़ा दिया।  हालांकि ईरान ने इस प्रस्ताव को अन्यायपूर्ण राजनीति से प्रेरित और एकतरफा बताया था और इसी के चलते जब कई देश या तो दबाव में आकर उसका समर्थन कर रहे थे। जब कुछ देश डर के कारण अनुपस्थित रहे तब वो भारत ही था जिसने खुलकर इस प्रस्ताव के विरोध में वोट दिया था। आंकड़ों की तरफ अगर हम नजर डालेंगे तो आपको पता चलेगा कि उसके मुताबिक 25 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में  मतदान किया था। सात देशों ने इसके विरोध में मतदान किया था और 14 देश तो वोटिंग से दूर ही रहे थे। 

इसे भी पढ़ें: सुनो 'हिटलर' मुंहतोड़ जवाब मिलेगा! ये आदमी बीमार इसकी सत्ता खत्म करेंगे!

 इसी बीच भारत ने ना तो चुप्पी चुनी और ना ही कूटनीतिक सुविधा। भारत ने सिद्धांत चुना। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतली ने पब्लिकली भारत सरकार  को धन्यवाद किया है और कहा है कि यह रुख न्याय, बहुपक्षवाद और राष्ट्रीय संप्रभुता के प्रति भारत की प्रतिबुद्धता को दर्शाता है। हालांकि भारत का हमेशा से यह मानना रहा है कि किसी भी देश के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप बिल्कुल स्वीकारने नहीं होता और संप्रभुता कोई वैचारिक शब्द नहीं होती बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की बुनियाद भी होती है।

Continue reading on the app

  Sports

माधवराव सिंधिया से YSR से अजित पवार तक, वे हवाई हादसे जिन्होंने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी, हमेशा उठे सुरक्षा पर सवाल

भारतीय राजनीति का इतिहास कई ऐसे दर्दनाक हवाई हादसों का गवाह रहा है, जिनमें देश ने अपने कई कद्दावर नेताओं को हमेशा के लिए खो दिया। आज सुबह विमान हादसे में अजित पवार के निधन की खबर ने एक बार फिर पुराने हादसों को ताजा कर दिया। ये घटनाएं सिर्फ व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि इन्होंने … Wed, 28 Jan 2026 12:30:51 GMT

  Videos
See all

Ajit Pawar Death live updates: अजित पवार की मौत, सुप्रिया सुले का रो-रोकर बुरा हाल! Helicopter Crash #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-28T07:04:50+00:00

Ajit Pawar Plane Crash Video live: अजित पवार के प्लेन क्रैश का वीडियो देखें | Ajit Pawar Passed Away #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-28T07:10:10+00:00

गजवा ए हिन्द का सपना..हिन्दू मंदिर में कलमा ! #Rajasthan #TempleControversy #ViralVideo #Kalma #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-28T07:00:48+00:00

नहीं रहे अजित पवार, प्लेन क्रैश में मौत | Maharashtra | Baramati Plane Crash l Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-28T07:04:06+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers