Heart Attack Causes: हार्ट अटैक और स्ट्रोक से होने वाली मौत का आंकड़ा हुआ कम! नई रिसर्च में खुलासा, इन बदलावों से बच रही जान
Heart Attack Causes: दिल की बीमारियां और उससे होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं. भारत हो या पूरा विश्व, हर देश में इस समस्या से लोग ग्रसित है. आज भी अमेरिका में युवाओं की मौत की सबसे बड़ी वजह हार्ट अटैक और स्ट्रोक बनी हुई है. कोरोना के बाद से यह मामला काफी सक्रिय हो गया था. हाल ही में अमेरिका में एक स्टडी में पाया गया कि इससे होने वाली मौतों की संख्या कुछ कम हुई है. इसकी वजह ये है.
क्या कहती है स्टडी?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा की गई 2026 'हार्ट डिजीज एंड स्ट्रोक स्टैटिस्टिक्स' रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में अमेरिका में हृदय रोग, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप और हार्ट फेलियर सहित हृदय संबंधी बीमारियों से करीब 9 लाख 15 हजार लोगों की मौत हुई. यह आंकड़ा 2022 की तुलना में कम है, जिससे यह पता लगता है कि मौत का आंकड़ा कम हुआ है.
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रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023 में औसतन हर 34 सेकंड में एक व्यक्ति की मौत दिल की बीमारी से हुई. वहीं, स्ट्रोक से हर 3 मिनट 14 सेकंड में एक व्यक्ति की मौत हुई है. कोरोनरी हार्ट डिजीज, जो दिल की बीमारी का सबसे आम रूप है, 2023 में लगभग 3.49 लाख मौतों का कारण बनी.
अब भी टला नहीं है खतरा
स्टडी के अनुसार, कुल मौतों में कमी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि युवाओं और बुजुर्गों में स्ट्रोक से होने वाली मौतें अब बढ़ रही हैं. 25 से 34 वर्ष की उम्र के युवाओं और 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों में स्ट्रोक से मृत्यु दर बढ़ी है.
क्या है इसका कारण?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका मुख्य कारण अमेरिका में हाई बीपी, शुगर और मोटापे के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के लगभग आधे वयस्कों को किसी न किसी प्रकार की हृदय संबंधी बीमारी है. इसके अलावा, बच्चों और टीनएजर्स में मोटापा भी तेजी से बढ़ रहा है, जो हार्ट डिजीज का एक कारण है.
क्या इसकी रोकथाम की जा सकती है?
जी हां, स्टडी के मुताबिक बताया गया है कि हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के रिस्क को कम करने के लिए आपको अपने लाइफस्टाइल में परिवर्तन करना चाहिए. अच्छी जीवनशैली लोगों को इन अक्समात समस्याओं से बचाने में मदद कर सकती है.
ये हैं बचाव के उपाय
- संतुलित आहार का सेवन करना.
- नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करना.
- तंबाकू से दूरी बनाना.
- पर्याप्त नींद लेना.
- वजन को नियंत्रित करना.
- ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना.
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वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतें 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार
नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। दुनिया भर में बढ़ती अनिश्चितता और तनाव के बीच सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया है और इसने नया रिकॉर्ड बना लिया है।
सुरक्षित निवेश वाली कीमती धातु सोना कारोबार के दौरान 5,026 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि चांदी पहली बार 102 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। जनवरी 2024 में सोने का भाव 2,000 डॉलर प्रति औंस से थोड़ा ऊपर था।
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे हम 2026 में आगे बढ़ रहे हैं, कीमती धातुएं यानी सोना और चांदी मजबूत तेजी वाले बाजार में कारोबार कर रही हैं, और बीच-बीच में थोड़ी गिरावट के बावजूद इनकी तेजी की रफ्तार कायम है।
विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा स्थिति कमजोरी की नहीं बल्कि कीमतों के स्थिर होने की है। लॉन्ग टर्म के मजबूत कारणों का असर शॉर्ट टर्म के उतार-चढ़ाव से ज्यादा है।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थटेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर. ने कहा कि सुरक्षित निवेश की मांग, केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद और वैश्विक स्तर पर नरम मौद्रिक नीतियों की उम्मीदें कीमतों को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले जिन स्तरों पर रेजिस्टेंस रहता था, अब वहीं मजबूत मांग देखने को मिल रही है, जिससे बाजार की मजबूती और बढ़ी है।
चांदी ने इस तेजी में सोने से भी बेहतर प्रदर्शन किया है। कॉमेक्स सिल्वर 100 डॉलर के पार चली गई है और नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि चांदी की खासियत यह है कि यह निवेश के साथ-साथ उद्योगों में भी इस्तेमाल होती है। इसी वजह से चांदी की मांग ज्यादा मजबूत दिख रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह तेजी अफवाहों या सट्टेबाजी की वजह से नहीं, बल्कि मजबूत आर्थिक कारणों से आई है।
आने वाले समय में, खासकर 2026 की पहली तिमाही और उसके बाद भी सोने और चांदी का भविष्य मजबूत बना हुआ है।
विश्लेषकों का कहना है कि कम आपूर्ति, निवेश और उद्योग दोनों की मांग और दुनिया में नकदी की उपलब्धता कीमतों को आगे भी सहारा देगी। अगर थोड़े समय के लिए कीमतों में गिरावट आती भी है, तो वह ज्यादा नहीं होगी और निवेशक इसे खरीद का मौका मान सकते हैं।
चांदी में आगे भी बेहतर प्रदर्शन की संभावना है, जबकि सोना आर्थिक और वैश्विक अनिश्चितताओं से बचाव का सबसे भरोसेमंद साधन बना हुआ है।
सोना और चांदी दोनों को केंद्रीय बैंकों की खरीद, मुद्राओं में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव जैसे वैश्विक कारणों से फायदा मिल रहा है।
--आईएएनएस
डीबीपी/एएस
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