Responsive Scrollable Menu

डीआरसी में इबोला जागरूकता अभियान से लौटे राजनेता की पीट-पीटकर हत्या

किन्शासा/बुटेम्बो, 29 सितंबर (आईएएनएस)। अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। इबोला संक्रमण के खिलाफ जागरूकता अभियान में हिस्सा लेकर लौटे सत्तारूढ़ दल के एक वरिष्ठ नेता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पार्टी के अनुसार, मैरी-सेलेस्टिन करोंडवा ने एक रेडियो कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, जिसमें उन्होंने लोगों से इबोला से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की थी। इसके बाद रविवार को उन पर हमला किया गया।

करोंडवा डीआरसी के सत्तारूढ़ यूनियन फॉर डिमोक्रेसी एंड सोशल प्रोग्रेस (यूडीपीएस) की बुटेम्बो संघीय कार्यकारिणी के कार्यवाहक अध्यक्ष थे। पार्टी के मुताबिक, रेडियो कार्यक्रम से लौटने के दौरान हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और बुरी तरह पीटा। हमलावरों ने उनका सामान लूट लिया तथा उनके घर में आग लगा दी। गंभीर चोट के कारण बाद में उनकी मौत हो गई।

बुटेम्बो में यूडीपीएस/त्शिसेकेदी फेडरेशन ने सोमवार को जारी एक शोक संदेश में मौत की पुष्टि की। बताया गया कि करोंडवा पर तब घात लगाकर हमला किया गया, जब वह एक रेडियो स्टेशन पर हुए कार्यक्रम से लौट रहे थे; उस कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से इबोला वायरस के खतरे को गंभीरता से लेने की अपील की थी।

हमले के पीछे कौन लोग थे और उनकी संख्या कितनी थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। हमले का मकसद भी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। हालांकि, उनकी पार्टी ने उन्हें इबोला वायरस के अस्तित्व और उससे पैदा खतरे के बारे में लोगों को जागरूक करने के कारण निशाना बनाए जाने वाला ‘निर्दोष पीड़ित’ बताया है। पार्टी ने घटना की पूरी जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

करोंडवा की हत्या ऐसे समय हुई है जब पूर्वी डीआरसी में इबोला के खिलाफ अभियान को अफवाहों, गलत सूचनाओं और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति अविश्वास से गंभीर चुनौती मिल रही है। स्वास्थ्यकर्मियों और इबोला उपचार केंद्रों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। शनिवार को भी बुटेम्बो के आसपास बेनी इलाके में एक हाथ धोने के चेकपॉइंट पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई और कई घायल हुए।

डीआरसी में मौजूदा इबोला प्रकोप की घोषणा 15 मई 2026 को की गई थी। यह दुर्लभ बुंडीबुग्यो वायरस से फैल रहा है, जिसके लिए फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन या उपचार उपलब्ध नहीं है। 26 सितंबर तक स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 8,067 मामले और 3,901 मौतें दर्ज की जा चुकी थीं। संक्रमण देश के सात प्रांतों तक पहुंच चुका है और मृत्यु दर 48 प्रतिशत से अधिक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार बुटेम्बो और उत्तरी किवु इस समय संक्रमण के प्रमुख केंद्रों में हैं। यहां स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की संख्या बढ़ रही है और समुदाय के एक हिस्से में बीमारी को लेकर अविश्वास तथा गलत सूचनाएं उपचार और संक्रमण रोकने के प्रयासों को प्रभावित कर रही हैं।

इबोला संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ या दूषित सामग्री के संपर्क से फैलता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बीमारी पर नियंत्रण के लिए संक्रमित लोगों की पहचान, उन्हें अलग रखना, संपर्क में आए लोगों की निगरानी और सुरक्षित अंतिम संस्कार बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों और उपचार केंद्रों पर हमले इन प्रयासों को बाधित कर रहे हैं।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

ऊंची बॉन्ड यील्ड और वैश्विक अनिश्चितताओं से कीमती धातुओं पर दबाव, सोने-चांदी में 1 प्रतिशत से ज्यादा तक की गिरावट

मुंबई, 29 सितंबर (आईएएनएस)। ऊंचे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के चलते मंगलवार के सत्र में सोने-चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दोनों कीमती धातुओं में 1 प्रतिशत से ज्यादा तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बुलियन बाजार पर दबाव बना रहा।

एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 487 रुपए या 0.33 प्रतिशत गिरकर 1,48,410 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोना 747 रुपए या 0.50 प्रतिशत टूटकर 1,48,150 रुपए के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं इसका दिन का उच्चतम स्तर 1,49,034 रुपए रहा।

दूसरी ओर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी वायदा में अधिक दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान चांदी 2,942 रुपए या 1.29 प्रतिशत गिरकर 2,24,500 रुपए प्रति किलोग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गई। बाद में यह 2,104 रुपए या 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,25,338 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं में यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के कारण आई। इस तनाव ने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को ऊंचा बनाए रखा है, जबकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी ने सोने और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों को कम आकर्षक बना दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट गोल्ड दबाव में रहा। पिछले कारोबारी सत्र में इसमें लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जिससे यह सात सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले वॉशिंगटन के साथ किसी समझौते की संभावना को लेकर निराशा जताई है।

यह स्थिति तब और जटिल हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर फिर से खोलने संबंधी ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशकों का रुझान सुरक्षित परिसंपत्तियों के बजाय यील्ड-आधारित निवेशों की ओर बढ़ा है।

कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, सोने के लिए निकट अवधि में 1,50,000 से 1,50,700 रुपए का स्तर पहला प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) क्षेत्र है। इसके ऊपर 1,52,000 से 1,52,600 रुपए का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं नीचे की ओर 1,48,000 से 1,47,300 रुपए का दायरा प्रमुख समर्थन (सपोर्ट) क्षेत्र है। यदि सोना 1,48,000 रुपए के नीचे मजबूती से फिसलता है, तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है।

वहीं, चांदी के लिए 2,27,000 से 2,28,000 रुपए प्रति किलोग्राम का स्तर निकटतम प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) माना जा रहा है। इसके ऊपर अगला प्रतिरोध 2,32,000 से 2,33,000 रुपए के क्षेत्र में है। वहीं नीचे की ओर 2,24,000 से 2,23,000 रुपए और उसके बाद 2,20,000 से 2,19,000 रुपए का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल सोना और चांदी दोनों में रुख सतर्क से नकारात्मक बना हुआ है। सोने को मजबूती के संकेत देने के लिए 1.50 लाख रुपए के ऊपर टिकना होगा, जबकि चांदी के लिए 2.28 लाख रुपए का स्तर पार करना जरूरी होगा। दूसरी ओर, समर्थन स्तरों के टूटने पर दोनों धातुओं में और गिरावट की आशंका बनी रहेगी।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

Shubman Gill: शुभमन गिल ने रचा इतिहास, 3500 वनडे रन बनाकर तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड

IND vs WI 2nd ODI: शुभमन गिल ने वनडे क्रिकेट में एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया. वो इस फॉर्मेट में सबसे तेज 3500 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने हाशिम अमला को पीछे छोड़ा है. Wed, 30 Sep 2026 19:49:51 +0530

  Videos
See all

PM Modi 25 Years : 7 अक्टूबर को PM मोदी के जनसेवा के 25 साल पूरे, BJP का बड़ा अभियान | #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-30T14:45:09+00:00

हिमालय का यह प्राचीन जीव क्या बच सकेगा [Can a Himalayan living fossil still be saved?] #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-30T14:40:28+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers