Old Toothbrush Uses: पुराना टूथब्रश फेंकने की गलती न करें! घर के इन 5 कामों में आएगा बेहद काम
Old Toothbrush Uses: टूथब्रश कुछ समय इस्तेमाल करने के बाद बदलना जरूरी माना जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पुराने ब्रश को सीधे कूड़ेदान में फेंक दें। टूथब्रश के छोटे और मजबूत ब्रिसल्स ऐसी जगहों की सफाई में काम आ सकते हैं, जहां कपड़ा या सामान्य ब्रश आसानी से नहीं पहुंच पाता। इससे घर की सफाई के छोटे-छोटे काम आसान हो सकते हैं।
पुराने टूथब्रश का दोबारा इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको अलग से छोटा सफाई ब्रश खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। बस इस्तेमाल से पहले इसे अच्छी तरह धोकर और सैनिटाइज करके साफ-सफाई से जुड़े कामों के लिए अलग रख लें। हालांकि, जिस ब्रश का इस्तेमाल दांत साफ करने के लिए हो चुका है, उसे दोबारा व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
नल और सिंक की सफाई
नल के आसपास जमा गंदगी, साबुन की परत और सिंक के कोनों में जमी मैल को साफ करने के लिए पुराना टूथब्रश उपयोगी हो सकता है। इसके छोटे ब्रिसल्स नल के बेस और किनारों तक आसानी से पहुंच जाते हैं। थोड़े से लिक्विड क्लीनर के साथ ब्रश की मदद से रगड़ने पर जमा गंदगी हटाई जा सकती है।
टाइल्स की दरारों की सफाई
बाथरूम या किचन की टाइल्स के बीच की संकरी जगहों में धूल और गंदगी जमा हो जाती है। इन जगहों तक कपड़ा पहुंचाना मुश्किल होता है। पुराने टूथब्रश से ग्राउट लाइनों को हल्के हाथ से रगड़कर साफ किया जा सकता है। सफाई के बाद सतह को पानी से धोकर सूखे कपड़े से पोंछ दें।
जूतों की सफाई में आएगा काम
जूते के सोल और किनारों पर जमा मिट्टी साफ करने के लिए भी पुराना टूथब्रश इस्तेमाल किया जा सकता है। खासकर जूते के तलवे की छोटी-छोटी लाइनों में फंसी गंदगी निकालने में इसके ब्रिसल्स मदद कर सकते हैं। जूतों की सामग्री के हिसाब से सफाई का तरीका चुनें और नाजुक सतह पर बहुत जोर से ब्रश न करें।
इलेक्ट्रॉनिक सामान के किनारों की सफाई
कीबोर्ड, रिमोट कंट्रोल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान के बाहरी किनारों और बटनों के आसपास जमा धूल हटाने के लिए सूखे पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल किया जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण साफ करते समय उन्हें बंद रखें और ब्रश को गीला न करें। पानी या क्लीनिंग लिक्विड सीधे उपकरण पर डालने से नुकसान हो सकता है।
किचन की छोटी चीजों की सफाई
किचन में गैस स्टोव के आसपास की संकरी जगह, कंटेनर के ढक्कन की ग्रूव और ऐसी छोटी जगहें जहां हाथ से सफाई करना मुश्किल होता है, वहां पुराना टूथब्रश काम आ सकता है। इस्तेमाल के बाद ब्रश को साफ करके सूखने दें और उसे अलग सफाई उपकरण के रूप में रखें।
इस्तेमाल से पहले रखें इन बातों का ध्यान
पुराने टूथब्रश को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धो लें। सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले ब्रश को अलग रखें और उसे दोबारा दांत या शरीर साफ करने के लिए इस्तेमाल न करें। यदि ब्रिसल्स बहुत ज्यादा घिस चुके हैं या ब्रश गंदा हो गया है, तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय फेंक देना बेहतर है।
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लेखक: (कीर्ति)
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Junk Food Side Effects: पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज, नूडल्स और पैकेज्ड स्नैक्स स्वाद में भले ही अच्छे लगते हों, लेकिन इन्हें बार-बार खाने की आदत शरीर के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। इनमें अक्सर ज्यादा कैलोरी, नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा होती है। लंबे समय तक इनका अधिक सेवन वजन बढ़ने के साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।
खास बात यह है कि जंक फूड का असर हमेशा तुरंत नजर नहीं आता। धीरे-धीरे बढ़ता वजन, पाचन संबंधी परेशानी, ऊर्जा में कमी और ब्लड शुगर या ब्लड प्रेशर में बदलाव जैसे संकेत लंबे समय में सामने आ सकते हैं। इसलिए स्वाद के लिए कभी-कभार जंक फूड खाने और इसे रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बना लेने में अंतर समझना जरूरी है।
मोटापा बढ़ने का खतरा
जंक फूड में कैलोरी की मात्रा अधिक और पोषण अपेक्षाकृत कम हो सकता है। बार-बार अधिक कैलोरी लेने से शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा वसा के रूप में जमा होने लगती है। इससे वजन बढ़ सकता है और मोटापे का खतरा बढ़ सकता है। खासकर कम शारीरिक गतिविधि करने वालों में यह समस्या तेजी से बढ़ सकती है।
ब्लड शुगर पर पड़ सकता है असर
कई जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और अतिरिक्त चीनी अधिक होती है। इनका लगातार ज्यादा सेवन ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। लंबे समय तक ऐसी डाइट वजन बढ़ने और इंसुलिन से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है।
दिल की सेहत पर असर
अत्यधिक नमक, संतृप्त वसा और कैलोरी वाली डाइट हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। लंबे समय तक असंतुलित खानपान से वजन, ब्लड प्रेशर और रक्त में कोलेस्ट्रॉल जैसे जोखिम कारक प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए हार्ट हेल्थ के लिए जंक फूड की मात्रा सीमित रखना जरूरी है।
पाचन तंत्र हो सकता है प्रभावित
जंक फूड में फाइबर की मात्रा अक्सर कम होती है। इसके बजाय इसमें ज्यादा वसा, नमक और रिफाइंड सामग्री हो सकती है। ऐसे भोजन का बार-बार सेवन कब्ज, पेट फूलने और अपच जैसी परेशानियों से जुड़ा हो सकता है। रोजाना की डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों को शामिल करना बेहतर विकल्प है।
पोषक तत्वों की कमी का खतरा
अगर जंक फूड की वजह से पौष्टिक भोजन की जगह कम हो जाती है तो शरीर को जरूरी विटामिन, खनिज, फाइबर और प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते। लंबे समय तक ऐसा खानपान डाइट की पोषण गुणवत्ता को खराब कर सकता है। बच्चों और किशोरों के लिए संतुलित आहार खास तौर पर महत्वपूर्ण है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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