Supreme Court ने मुल्ला अफरोज पर NSA हिरासत की रद्द, सरकार पर 10 लाख का जुर्माना
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि किसी आरोपी के इकबालिया बयान को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत उसे हिरासत में रखने का आधार नहीं बनाया जा सकता। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए मुल्ला अफरोज की एहतियातन हिरासत को रद्द कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने 2024 में संभल में हुई सांप्रदायिक हिंसा में मुल्ला अफरोज की कथित भूमिका को लेकर अक्टूबर 2025 में उसके खिलाफ कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की थी।
उच्चतम न्यायालय ने अवैध एहतियातन हिरासत आदेश पारित करने के लिए सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस संबंध में विस्तृत फैसले की प्रति की प्रतीक्षा है। यह फैसला सुनाने के दौरान न्यायमूर्ति दत्ता ने अपने विधि लिपिक को भी श्रद्धांजलि दी, जिनका अपने 27वें जन्मदिन से चार दिन पहले निधन हो गया।
उल्लेखनीय है कि रासुका केंद्र और राज्य सरकारों को व्यक्तियों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, ताकि उन्हें भारत की रक्षा के लिए प्रतिकूल तरीके से कार्य करने से रोका जा सके। हिरासत की अधिकतम अवधि 12 महीने है, हालांकि इसे इससे पहले भी रद्द किया जा सकता है। रासुका के तहत स्थानीय प्रशासन हिरासत का आदेश जारी कर सकता है, जिसे उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले एक बोर्ड से अनुमोदित कराना होता है।
चूंकि यह गिरफ्तारी नहीं बल्कि निवारक हिरासत होती है, इसलिए हिरासत में लिए गए व्यक्ति को अदालत के समक्ष पेश करने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं होती। नवंबर 2024 में संभल में तनाव उस समय बढ़ गया था, जब वहां स्थित शाही जामा मस्जिद का अदालत के आदेश पर सर्वेक्षण किया जा रहा था। यह सर्वेक्षण उन दावों के बाद कराया गया था कि इस स्थान पर पहले हरिहर मंदिर मौजूद था।
सर्वेक्षण के दूसरे दौर के दौरान 24 नवंबर को प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों की सुरक्षा कर्मियों से झड़प हो गई थी। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।
तूतीकोरिन में 17 करोड़ रुपये का Hashish Oil बरामद, मालदीव तस्करी की कोशिश में चार गिरफ्तार
अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने यहां 17 करोड़ रुपये मूल्य का हशीश का तेल जब्त किया है और इसे कथित रूप से मालदीव तस्करी करने की कोशिश कर रहे चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मादक पदार्थों की आवाजाही के संबंध में मिली विशेष सूचना के आधार पर एक विशेष पुलिस दल ने पूबालरायरपुरम में इस खेप को रोका।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस महंगे मादक पदार्थ को सोमवार को कार से कोयंबटूर से तूतीकोरिन लाया गया था। आरोपियों ने इस अवैध खेप को समुद्र के रास्ते मालदीव पहुंचाने के लिए नाव रवाना करने की योजना बनाई थी। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी तूतीकोरिन के रहने वाले हैं।
पुलिस अधिकारियों ने परिवहन में इस्तेमाल वाहन के साथ हशीश का तेल भी जब्त किया है। मामले में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि कोयंबटूर में हशीश के तेल के स्रोत का पता लगाया जा सके और मालदीव में इस खेप का इंतजार कर रहे कथित अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्यों की पहचान की जा सके।
मामले में आगे जांच जारी है।
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