सूना मकान देख चोरों ने तोड़ी दीवार, SAF जवान के घर से 10 लाख के गहने और 50 हजार नकद चोरी
मुरैना शहर में बेखौफ चोरों के हौसले लगातार बुलंद नजर आ रहे हैं। इस बार शातिर चोरों ने पुलिस परेड ग्राउंड के ठीक सामने बने एसएएफ (SAF) के पुराने शासकीय आवास को अपना निशाना बनाया। यहां रहने वाले एसएएफ जवान अरुण सिंह भदौरिया का परिवार किसी काम से कानपुर गया हुआ था। मकान को सूना पाकर चोरों ने बेझिझक धावा बोल दिया और लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
ऊपर की दीवार में सेंध लगाकर घुसे अंदर
चोरों ने वारदात के लिए काफी चालाकी दिखाई। वे मकान की छत पर पहुंचे और ऊपर की दीवार में सेंध लगाकर अंदर दाखिल हो गए। इसके बाद चोरों ने आराम से अलमारी के ताले तोड़े और उसमें रखे करीब 8 से 9 तोला सोने के कीमती जेवरात और 50 हजार रुपये की नकदी समेट ली। परिजनों के मुताबिक चोरी हुए जेवरातों की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।
कानपुर से लौटे परिजन तो उड़ गए होश
जब जवान का परिवार कानपुर से वापस अपने घर लौटा, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी खाली मिली। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। स्थानीय स्तर पर हो रही पूछताछ में इस चोरी की वारदात में कुछ स्थानीय नाबालिग बच्चों की भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है।
सीएसपी बोलीं- संदिग्धों से हो रही पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास के इलाकों और संदिग्ध लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है। सीएसपी दीपाली चंदौरिया ने बताया कि सूने मकान में चोरी होने की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें चोरों की सुरागकशी में लगी हुई हैं। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का खुलासा कर दिया जाएगा।
गांधी सागर बांध का निरीक्षण करने पहुंची टीम, जांची मजबूती और मेंटेनेंस व्यवस्था
मंदसौर के गरोठ स्थित गांधी सागर बांध की मजबूती और रखरखाव का जायजा लेने लिए भोपाल से विशेषज्ञों की टीम पहुंची। बांध सुरक्षा एक्ट के तहत तकनीकी विशेषज्ञों की ये टीम यहां पहुंची थी। इस दौरान बांध से जुड़ी सबही व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
रविवार और सोमवार दो दिन तक टीम ने बांध के निर्माण के इतने सालों के बाद इसमें आए बदलावों और मौजूदा स्थिति की तकनीकी जांच की। अब टीम एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। जिसके आधार पर आवश्यक कार्य प्रस्तावित किए जाएंगे।
यहां है 115 मेगावाट का विद्युत गृह
बता दें कि गांधी सागर बांध से बड़ी मात्रा में बिजली का उत्पादन भी होता है। यहां 115 मेगावाट का विद्युत गृह है। इसमें 23 मेगावाट की पांच इकाइयां बनाई गई है। यहां बनने वाली बिजली मध्य प्रदेश और राजस्थान दोनों ही राज्यों के काम आती है।
विशेषज्ञों ने की जरूरी जांच
निरीक्षण के लिए पहुंचे विशेषज्ञों की टीम ने बांध के गेट खोलने और बंद करने की प्रक्रिया की जांच की। इसी के साथ परिचालन क्षमता और कंक्रीट की दीवारों की मजबूती की जांच भी की गई। सारी चीजों को बारीकी से देखा गया ताकि खामियों को दूर कर भविष्य की संभावित आपदाओं से बचाव के उपाय किए जा सकें।
रिपोर्ट के बाद होगा आगे काम
गांधी सागर बांध के इस निरीक्षण का उद्देश्य बांध के स्वास्थ्य और रखरखाव की व्यवस्था को अच्छी तरह से जांचना है। अब निरीक्षण टीम द्वारा एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर अगर जरूरत पड़ती है बांध के रखरखाव और मजबूती के लिए काम किए जाएंगे।
1954 में रखी गई थी नींव
मध्य प्रदेश से लेकर राजस्थान तक के नागरिकों को पानी उपलब्ध कराने वाले इस बांध की नींव 1954 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने रखी थी। निर्माण पूरा होने के बाद साल 1960 में इसे मध्य प्रदेश शासन को समर्पित किया गया था। इसकी जलभराव की क्षमता 7164 मिलियन घन मीटर है।
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