Responsive Scrollable Menu

बद्रीनाथ और केदारनाथ में 'गैर हिंदुओं' की एंट्री होगी बैन:BKTC अध्यक्ष बोले- देवभूमि की पवित्रता की रक्षा होगी; जानिए ये कितना मुमकिन

उत्तराखंड के केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लग सकती है। रविवार यानी 25 जनवरी को बद्रीनाथ केदारनाथ टेंपल कमेटी (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि दोनों धामों समेत मंदिर समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा और इसके लिए आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर से लोग चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं। बिहार, यूपी, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर साल बद्रीनाथ और केदारनाथ दर्शन के लिए आते हैं। इसी बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास हो गया तो क्या वाकई धामों में गैर-हिंदू यात्रियों की एंट्री रोकी जा सकेगी? इसका जवाब उस कानून में छिपा है जिसके तहत मंदिर समिति बनी है। ये फैसला किसके बयान से आया और आगे क्या होने वाला है? केदारनाथ-बद्रीनाथ में गैर-हिंदुओं की एंट्री रोकने को लेकर जो बात सामने आई है, वह मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के बयान के जरिए आई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का पालन जरूरी है, इसलिए समिति अपने अधीनस्थ मंदिरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर प्रस्ताव लाएगी। अभी यह फैसला लागू नहीं हुआ है, बल्कि यह कहा गया है कि आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास किया जाएगा। यानी यह मामला इस समय प्रस्तावित निर्णय के तौर पर सामने है। 2025 में केदारनाथ और बद्रीनाथ में कितने श्रद्धालु पहुंचे? केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी वजह से एंट्री बैन से जुड़ा कोई भी कदम सीधे यात्रियों पर असर डाल सकता है। 2025 के यात्रा सीजन में रिपोर्ट के मुताबिक केदारनाथ धाम में 16,56,539 श्रद्धालु पहुंचे, जबकि बद्रीनाथ धाम में करीब 16.5 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यह आंकड़े बताते हैं कि दोनों धामों से जुड़ा कोई भी फैसला सिर्फ उत्तराखंड नहीं, पूरे देश के यात्रियों से जुड़ा मुद्दा बन जाता है। केदारनाथ-बद्रीनाथ मंदिर समिति किस कानून के तहत बनी है? श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का गठन द यूपी श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ टेंपल एक्ट 1939 के तहत किया गया था। यह कानून मंदिरों के बेहतर प्रशासन और प्रबंधन के लिए बनाया गया था। इस अधिनियम में समिति की संरचना, उसके अधिकार, मंदिर संचालन, व्यवस्था बनाए रखने और नियम बनाने से जुड़ी बातें तय की गई हैं। यानी समिति के पास मंदिरों के प्रशासन और व्यवस्था को लेकर निर्णय लेने का अधिकार इसी कानून के तहत आता है। क्या प्रस्ताव पास होते ही गैर-हिंदुओं की एंट्री तुरंत रोकी जा सकती है? 1939 के अधिनियम में समिति को बायलॉज बनाने का अधिकार दिया गया है, जिनके जरिए मंदिर के अंदर व्यवस्था, संचालन और प्रवेश से जुड़े नियम तय किए जा सकते हैं। लेकिन इस अधिनियम में यह भी स्पष्ट है कि बायलॉज प्रभावी करने के लिए उन्हें निर्धारित तरीके से प्रकाशित करना और राज्य सरकार से पुष्टि जैसी प्रक्रिया अहम हो जाती है। इसलिए केवल प्रस्ताव पास होना ही आखिरी कदम नहीं माना जाएगा, बल्कि उसके बाद यह देखना होगा कि नियम किस प्रक्रिया से लागू किया जाता है। देशभर से आने वाले यात्रियों के लिए इसका मतलब क्या है? केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में बिहार समेत पूरे देश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। बहुत से लोग महीनेभर पहले ट्रेन-फ्लाइट टिकट, होटल और यात्रा की योजना बनाते हैं। ऐसे में गैर-हिंदू एंट्री बैन की बात सामने आने के बाद यात्रियों में असमंजस बढ़ना स्वाभाविक है। फिलहाल स्थिति यही है कि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव आना बाकी है। इसलिए यात्रियों के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि प्रस्ताव पास होने के बाद इसे किस रूप में लागू किया जाता है और प्रशासनिक तौर पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

Continue reading on the app

F-35 पर इतराता है अमेरिका, मगर रूस ने 60 साल पहले ही बना दिया था समंदर का सुल्‍तान, पर एक चूक पड़ी भारी

K-222 Fastest Nuclear Submarine: बदलते सामरिक माहौल में अमेरिका से लेकर रूस, चीन और भारत जैसे देश अपने डिफेंस सिस्‍टम को अपग्रेड करने की प्रक्रिया को रफ्तार दे दी है. आर्मी, एयरफोर्स और नेवी को नई टेक्‍नोलॉजी से लैस करने की कोशिश की जा रही है. पूर्व सोवियत संघ ने 60 के दशक में ही ऐसा वेपन सिस्‍टम डेवलप कर लिया था, जैसा आज तक अमेरिका भी नहीं बना सका है. हालांकि, एक चूक इसपर भारी पड़ गई.

Continue reading on the app

  Sports

आज सोना खरीदने की प्लानिंग है क्या? ये 26 जनवरी का नया ताजा, देखें अपने शहरों का भी 22-24 कैरेट का लेटेस्ट रेट

फरवरी महीने के आगमन से पहले सोने व चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। अगर आप आज 26 जनवरी 2026 को पर सोना या चांदी खरीदने के लिए बाजार जाने के मूड में हैं तो पहले 18, 22 और 24 कैरेट का ताजा भाव जान लीजिए। सोमवार शाम (मंगलवार को गणतंत्र दिवस … Mon, 26 Jan 2026 10:33:19 GMT

  Videos
See all

Republic Day Parade 2026 News: कर्तव्य पथ पर नौ सेना की दहाड़, दुश्मन को ललकार | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-26T06:08:16+00:00

77th Republic Day : CM Vishnudeo Sai की छत्तीसगढ़ वासियों को बड़ी सौगात | Chattisgarh #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-26T06:12:11+00:00

Republic Day पर आज दुनिया देख रही भारत का दम | Kartavya Path | 77th Republic Day 2026 #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-26T06:08:16+00:00

कर्तव्य पथ पर नौसेना की झांकी | युवाओं और नौसेनिक की ताकत | Republic Day Parade 2026 #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-26T06:07:37+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers