उत्तराखंड में पूर्व सैनिक की एकेडमी से निकले 200 फौजी:ट्रेनिंग, रहना और खाना सब फ्री; सेना, ITBP और CRPF में दे रहे सेवा
उत्तरकाशी के पहाड़ों में एक पूर्व सैनिक ने ऐसा मॉडल खड़ा किया है, जहां बिना एक भी रुपया लिए युवाओं को फौजी बनाया जा रहा है। मुफ्त ट्रेनिंग, मुफ्त रहना-खाना और फौजी अनुशासन के दम पर अब तक 200 से ज्यादा युवा सेना और अर्धसैनिक बलों में भर्ती हो चुके हैं। जो वर्तमान में सेना, ITBP और CRPF में सेवा दे रहे हैं। सुबह की ठंडी हवा, पहाड़ों के बीच घुमावदार सड़क और दौड़ते कदमों की थाप… उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के तिलोथ–कुटेटी देवी मोटर मार्ग पर हर रोज यही नजारा दिखता है। यहां दर्जनों युवा पसीने से तर-बतर होकर दौड़ लगा रहे होते हैं। कोई पुश-अप करता है, तो कोई सिट-अप। न कोई ट्रेनिंग फीस, न रहने-खाने का खर्च। बस एक ही लक्ष्य, फौजी की वर्दी पहनना। सेना की भर्ती की तैयारी करते युवाओं की PHOTOS... पूर्व सैनिक चंद्र मोहन पंवार ने दिया सपनों को आकार इन युवाओं के सपनों को आकार दे रहे हैं पूर्व सैनिक चंद्र मोहन सिंह पंवार। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने उत्तरकाशी में गंगोत्री फिजिकल एकेडमी खड़ी कर दी। उत्तरकाशी के अलावा टिहरी, पौड़ी और चमोली से भी युवा यहां ट्रेनिंग लेने पहुंच रहे हैं। 100 से ज्यादा युवा ले रहे नियमित रूप से ट्रेनिंग अब तक इस एकेडमी से प्रशिक्षण लेकर 200 से अधिक युवा भारतीय सेना और अर्ध सैनिक बलों में चयनित हो चुके हैं। जबकि कुछ युवा उत्तराखंड पुलिस और वन विभाग में सेवा दे रहे हैं। वर्तमान में 100 से ज्यादा युवा नियमित रूप से ट्रेनिंग ले रहे हैं। अग्निवीर भर्ती में भी दिखा दम कोटद्वार में 15 जनवरी से चल रही अग्निवीर भर्ती में एकेडमी के 70 युवाओं ने फिजिकल और मेडिकल टेस्ट क्लियर कर लिया है। वहीं, 30 युवाओं के मेडिकल का री-टेस्ट होना है। सड़क से मैदान तक… ऐसे शुरू हुई ‘सैनिकों की फैक्ट्री’ साल 2020 में चंद्र मोहन पंवार ने गंगोत्री फिजिकल एकेडमी की शुरुआत की। उद्देश्य साफ थाआर्थिक रूप से कमजोर पहाड़ी युवाओं को निशुल्क आर्मी ट्रेनिंग देना।शुरुआत बेहद कठिन रही। न मैदान था, न संसाधन। युवाओं को सड़क पर दौड़ाया गया, खुले मैदान में अभ्यास कराया गया। पहले बैच के 10 युवाओं का चयन भारतीय सेना में हुआ, यहीं से इस मिशन को नई रफ्तार मिली। सुबह-शाम 6 घंटे की सख्त ट्रेनिंग पंवार रोजाना सुबह और शाम युवाओं को 3-3 घंटे की कड़ी ट्रेनिंग देते हैं। दौड़, पुश-अप, सिट-अप और बाधा दौड सब कुछ सेना जैसी सख्ती और अनुशासन के साथ कराया जाता है। ‘चार साल रहें या चालीस, मर-मिटेंगे देश के लिए’ अग्निवीर योजना को लेकर विरोध और दुष्प्रचार के बावजूद युवाओं का जोश कम नहीं हुआ। ट्रेनिंग ले रहे युवाओं का साफ कहना है—“सेना में चार साल रहें या चालीस, मर-मिटेंगे तो देश के लिए ही।” ट्रेनिंग के साथ रहना-खाना भी पूरी तरह फ्री जहां बड़े शहरों में लाखों खर्च कर युवा ट्रेनिंग लेते हैं, वहीं उत्तरकाशी की इस एकेडमी में ट्रेनिंग, रहना और खाना पूरी तरह मुफ्त है। इसमें पूर्व सैनिकों के साथ-साथ काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत अजय पुरी भी सहयोग कर रहे हैं। विधायक से मिला सहारा, युवाओं को छत दूसरे जिलों से आने वाले युवाओं के ठहरने की समस्या सामने आई। इस पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने जल विद्युत निगम से तिलोथ में एक हॉल उपलब्ध करवाया। इससे बाहर से आने वाले युवाओं को रहने की सुविधा मिली और ट्रेनिंग और मजबूत हो गई। अब अग्निवीर योजना के बारे में जानिए... भारत सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना शुरू की। इसके तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में 17.5 से 21 वर्ष के युवाओं की चार साल के लिए भर्ती की जाती है। योजना का उद्देश्य सेना को युवा, फिट और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। चार साल बाद चयनित अग्निवीरों को स्थायी सेवा का अवसर मिलता है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें : उत्तराखंड के ‘भगत दा’ को पद्म भूषण: लेक्चरर की नौकरी छोड़ पॉलटिक्स में आए, राज्य के दूसरे CM बने, 2 साल जेल में बिताए गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (83) को इस साल पद्म भूषण देने की घोषणा हुई है। (पढ़ें पूरी खबर)
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26 January 2026 Ka Panchang: यहां पढ़ें सोमवार (26 जनवरी 2026) पौष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का पंचांग, शुभ मुहूर्त, तिथि शुभ योग; नक्षत्र और राहुकाल।
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