अमेरिका में गोल्डी बराड़ पर ₹10 करोड़ का इनाम:FBI की टॉप 10 मोस्ट वांटेंड लिस्ट में शामिल, लॉरेंस गैंग से जुड़ा, निज्जर की हत्या करवाने का आरोप
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को टॉप 10 मोस्ट वांटेड की सूची में शामिल किया है। बराड़ की जानकारी देने वाले को 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपए) तक का इनाम देने की घोषणा की गई है। बराड़ को लॉरेंस ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप का उत्तरी अमेरिका में प्रमुख ऑपरेशनल लीडर बताया गया है। लॉरेंस और गोल्डी बराड़ पर 2023 में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप है। इसी साल जुलाई में निज्जर की हत्या को लेकर अमेरिका ने पहली बार चार्जशीट दाखिल की थी। अमेरिकी सरकार के मुताबिक, लॉरेंस भारतीय जेल में रहते हुए भी अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क चला रहा था। वह जेल में तस्करी से पहुंचाए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट कॉलिंग डिवाइस के जरिए हत्या, रंगदारी, अपहरण, ड्रग्स और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों का निर्देश देता था। जुलाई में आई अमेरिकी रिपोर्ट में गैंग को लेकर 5 दावे किए गए थे 1. आरोप सिर्फ अपराधियों पर, सरकार का जिक्र नहीं पूरे अमेरिकी आरोप पत्र और प्रेस रिलीज में भारत सरकार, RAW, NIA या किसी भारतीय सरकारी अधिकारी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया। आरोप केवल कथित आपराधिक गिरोहों और उनके सदस्यों पर हैं। 2. ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत 37 पर आरोप, 24 गिरफ्तार अमेरिका, कनाडा और यूरोप ने संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' चलाकर भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोहों पर कार्रवाई की। इसमें 37 लोगों पर आरोप लगाए गए और 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 3. बिश्नोई पर जेल से गैंग चलाने का आरोप अमेरिकी आरोपपत्र के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में रहते हुए मोबाइल और इंटरनेट कॉलिंग (VoIP) डिवाइस के जरिए हत्या, रंगदारी, अपहरण, ड्रग्स और मानव तस्करी जैसे अपराधों का संचालन करता था। 4. निज्जर हत्या का आदेश देने का आरोप अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप है कि 18 जून 2023 को कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने दिया था। 5. रंगदारी और ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क रिपोर्ट के मुताबिक, गिरोह वॉट्सऐप और अन्य एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए धमकी देकर रंगदारी वसूलता था। साथ ही ड्रग्स तस्करी और प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से कोकीन लूटकर अपना नेटवर्क चलाता था। 2023 में हुई थी निज्जर की हत्या ----------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका के खुलासे के बाद होशियारपुर SHO हटाया, अटॉर्नी जनरल ने कहा था- 4 लाख डॉलर फिरौती मांगी होशियारपुर के पुलिस थाना टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को 4 लाख डॉलर की फिरौती केस में लाइन हाजिर कर दिया गया है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागरा का नाम लिया था। जनरल ने फिरौती के मामले में कई खुलासे किए। (पढ़ें पूरी खबर)
PoK के लोग बोले-हमें भारत का रास्ता दो, तारबंदी हटाओ:115 दिन से जारी ‘आजादी आंदोलन’ तेज, प्रदर्शनकारी एलओसी के पास जमा
पीओके (पाक के कब्जे वाले कश्मीर) में आजादी की आवाजें तेज हो गई हैं। एलओसी (नियंत्रण रेखा) से लगभग 7 किमी दूर मंधोल में 25 हजार लोगों का हुजूम आंदोलन पर बैठा है। पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर और पाक पीएम शहबाज शरीफ के खिलाफ नारे गूंज रहे हैं। जॉइंट अवामी लीग (जेएएल) के नेता अब आर-पार के लिए कमर कस चुके हैं। उन्होंने दो टूक ऐलान किया है कि पाक सरकार को पुंछ और मेंढर का रास्ता खोलना होगा। ये रास्ता भारत की ओर जाता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हम भारत से मिलना चाहते हैं। पाक हुकूमत ने प्रदर्शनों के कारण पीओके की सप्लाई लाइन को काट दिया है। लोगों के पास आटा और खाने का सामान नहीं है। 5 जून से पीओके में जारी आंदोलन के 115वें दिन सोमवार को मंधोल के इलाके में खासी गहमागहमी रही। पीओके के मुजफ्फराबाद से अब लोग एलओसी के पास जमा होने लगे हैं। जेएएल के नेताओं की अपील पर रोज एलओसी पर हुजूम बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि पाक हुकूमत का दमन अब उनके इरादों को डिगा नहीं पाएगा। पाकिस्तान ने बरसों तक उनके हकों को दबाया है, लेकिन अब इंतेहा हो चुकी है। फैसला होकर रहेगा। आईएसआई की ‘डाला ब्रिगेड’ की जीपें अब पीओके में फेल हो रही हैं पीओके में अब क्या हालात? खुफिया एजेंसी आईएसआई की डाला ब्रिगेड यानी वो जीपें जिनमें लोगों को गिरफ्तार कर डाला जाता था, वो अब फेल हो रही हैं। हालात ये हो गए हैं कि आईएसआई के एजेंट इन्हें लेकर जाने से घबराने लगे हैं। पीओके के प्रदर्शनकारी इन पर पथराव करते हैं। आर्मी चीफ मुनीर क्या करेंगे? पाक आर्मी चीफ मुनीर के लिए पीओके को कब्जे में रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए वे गुपचुप पीओके में अपने फौजियों को भेज रहे हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत पाक आर्मी अपने सैनिकों को पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नहीं उतार सकती है। क्या पीओके खुल पाएगा? पाक आर्मी जेएएल के आंदोलन को कुचलने में विफल रही है। लेकिन पीओके के हालात ऐसे है कि वहां के लोग अब पाक हुकूमत के जुल्मों को और ज्यादा नहीं सहने वाले हैं। पीओके का खुल पाना काफी हद तक लोगों के आंदोलन की तीव्रता पर निर्भर करेगा। 1948 के कबाइली हमले के दौरान बने पीओके के दौर को बदला भी जा सकता है। पीओके सरकार क्या करेगी? पीओके में 27 जुलाई को स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद चुनाव कराए गए। पूर्व पीएम नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएलएन आर्मी के साथ सांठगांठ कर सरकार बनाने में कामयाब रही है। लेकिन हालात ये है कि यहां की कैबिनेट के लोग आंदोलनकारियों के सामने जाने से कतरा रहे हैं। विरोध के बाद भी चुनाव, नवाज शरीफ की पार्टी जीती ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेयर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका नहीं भेजी जा सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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