चीन ने जारी किया 'कोयले के स्वच्छ और कुशल उपयोग' के नए मानक
बीजिंग, 25 जनवरी (आईएएनएस)। चीन ने हाल ही में कोयले के स्वच्छ और कुशल उपयोग के मुख्य क्षेत्रों के लिए बेंचमार्क स्तर और बेसलाइन स्तर (2025) शीर्षक वाला नया मानक जारी किया है।
इस पहल का उद्देश्य कोयला उद्योग को निम्न-कार्यक्षमता वाले चरण से उन्नत और हरित विकास के चरण में परिवर्तित करना है, जिससे कोयला एक पारंपरिक प्राथमिक ईंधन से विकसित होकर उच्च मूल्य-वर्धित उत्पादों के रूप में उपयोग में आ सके।
चीन कोयला उद्योग संघ के अनुसार, चीन में कोयले से रासायनिक कच्चे माल के उत्पादन हेतु कोयले की खपत प्रतिवर्ष लगभग 2 से 3 करोड़ टन की दर से बढ़ रही है।
नवीनतम मानक में स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है कि बिजली उत्पादन, ताप आपूर्ति तथा कोयले से निर्मित प्राकृतिक गैस को ऊर्जा दक्षता प्रबंधन के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में शामिल किया जाएगा।
इसके साथ ही प्रत्येक क्षेत्र के लिए बेंचमार्क स्तर और बेसलाइन स्तर निर्धारित किए जाएंगे।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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भारत 3 करोड़ लखपति दीदियों की ओर अग्रसर: शिवराज सिंह चौहान
नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि भारत 2 करोड़ से अधिक लखपति दीदियों के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के उद्देश्य से ग्रामीण आजीविका, सामुदायिक संस्थाओं और समावेशी विकास को मजबूत करने में उनके नेतृत्व और योगदान को मान्यता देते हुए 400 से अधिक लखपति दीदियों, पीएमएवाई-जी लाभार्थियों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की नेताओं को सम्मानित किया।
एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री चौहान ने दोहराया कि गणतंत्र दिवस जनता और स्वयं सहायता समूहों की लखपति दीदियों की प्रेरणादायक यात्राओं का उत्सव है।
उन्होंने देश भर से एसएचजी महिलाओं का स्वागत किया और अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने में उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व और प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि एक समृद्ध राष्ट्र समृद्ध महिलाओं पर बनता है। उन्होंने ऋण, आजीविका और सामूहिक सशक्तिकरण तक पहुंच को सक्षम बनाने में डीएवाई-एनआरएलएम की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया।
मंत्री ने लैंगिक समानता, सामाजिक परिवर्तन और भेदभावपूर्ण मानदंडों को चुनौती देने की आवश्यकता पर जोर दिया, और लाडली लक्ष्मी योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी पहलों का हवाला दिया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज महिलाएं न केवल लाभार्थी हैं बल्कि अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता भी हैं, क्योंकि चार में से एक लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) महिलाओं द्वारा संचालित है।
मंत्री ने लोकप्रिय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न माध्यमों से बाजार संपर्क स्थापित करने में डीएवाई-एनआरएलएम की भूमिका को भी रेखांकित किया और बताया कि ग्रामीण महिलाएं तेजी से मूल्य श्रृंखलाओं में भाग ले रही हैं और बाजारों से जुड़ने के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग कर रही हैं।
--आईएएनएस
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