गुजरात उपचुनाव में BJP ने हासिल की जीत, मांजलपुर में पूर्व पार्षद ने कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष को दी करारी शिकस्त
Manjalpur by Election Results 2026: देश की 3 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के परिणाम जारी हुए हैं. इसमें गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी सतीशभाई पटेल ने भारी जीत हासिल की है. सतीश भाई ने गुजरात कांग्रेस के उपाध्यक्ष भीखाभाई रबारी को वोटों से हराया.
बता दें कि गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई 2026 को मतदान था. इसमें कुल 37.5% वोटिंग हुई थी. बीजेपी ने पूर्व पार्षद सतेंद्र भाई पटेल को मैदान में उतारा था. जबकि कांग्रेस ने प्रदेश उपाध्यक्ष भीखाभाई रबारी को प्रत्याशी बनाया था. 19 राउंड तक बीजेपी के सतीश पटेल को 55244 वोट मिले. वहीं भीखाभाई को 24677 वोट मिले. 19 राउंड तक बीजेपी ने 30567 वोटों का अंतर रखा.
Vadodara, Gujarat: BJP candidate Satish Patel has won the Manjalpur Assembly by-election by a margin of 30,499 votes, registering a decisive victory over Congress candidate Bhikha Rabari. The bypoll result further strengthens the BJP's hold on the constituency pic.twitter.com/2DbgKSJ6aR
— IANS (@ians_india) August 3, 2026
क्यों हुए उपचुनाव?
मांजलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए कराया गया क्योंकि यहां से विधायक और गुजरात सरकार के पूर्व मंत्री योगेश पटेल का 2 जून 2026 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था. उनके निधन के कारण सीट खाली हो गई, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव कराने का फैसला किया.
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बीजेपी का गढ़ है मांजलपुर
मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में इस बार सीधा मुकाबला बीजेपी के सतेंद्रभाई पटेल और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री भीखाभाई रबारी के बीच है. यह उपचुनाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है. दिवंगत नेता योगेश पटेल ने अपने 36 साल के राजनीतिक करियर में विधानसभा चुनाव लगातार आठ बार जीते थे. पहले उन्होंने 1990 से 2007 तक वडोदरा की रावपुरा सीट का प्रतिनिधित्व किया. परिसीमन के बाद वे मांजलपुर सीट से चुनाव लड़े और 2012, 2017 व 2022 में लगातार जीत दर्ज की. अब योगेश पटेल के निधन के बाद हो रहे इस उपचुनाव में कांग्रेस बीजेपी के इस मजबूत गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है, जबकि बीजेपी अपनी परंपरागत सीट बचाने की चुनौती का सामना कर रही है.
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भारत, फ्रांस और अरब देशों के बीच व्यापार व निवेश को मिलेगा बढ़ावा, एसोचैम ने किए अहम रणनीतिक समझौते
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। देश के प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने भारत, फ्रांस और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश तथा कारोबारी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिजनेस फ्रांस और भारत एवं अरब देशों के वाणिज्य, उद्योग एवं कृषि मंडल के साथ रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसकी घोषणा सोमवार को की गई।
शीर्ष उद्योग संगठन ने बताया कि एसोचैम समझौता हस्ताक्षर समारोह के दौरान हुए इन समझौतों का उद्देश्य संस्थागत सहयोग, व्यापारिक आदान-प्रदान, निवेश को प्रोत्साहन, प्रौद्योगिकी साझेदारी तथा विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर बाजार पहुंच के माध्यम से भारत की वैश्विक आर्थिक साझेदारियों को और मजबूत बनाना है।
बिजनेस फ्रांस के साथ हुए समझौते के तहत दोनों संस्थाएं व्यापार और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने, प्रौद्योगिकी सहयोग और संयुक्त उद्यमों को प्रोत्साहित करने, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों का समर्थन करने, बाजार संबंधी जानकारियों का आदान-प्रदान करने तथा व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों, सम्मेलनों और अन्य कारोबारी गतिविधियों का संयुक्त रूप से आयोजन करेंगी।
इस अवसर पर एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल ने कहा कि वैश्विक बाजारों के साथ भारत की बढ़ती भागीदारी व्यवसायों के लिए साझेदारी, निवेश और नवाचार के नए अवसर लेकर आई है।
उन्होंने कहा, बिजनेस फ्रांस और भारत एवं अरब देशों के वाणिज्य, उद्योग एवं कृषि मंडल के साथ हमारी ये साझेदारियां मजबूत संस्थागत संबंध स्थापित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इससे उद्यमों को आपस में जुड़ने, नए बाजार तलाशने और दीर्घकालिक तथा टिकाऊ आर्थिक मूल्य सृजित करने में मदद मिलेगी।
बिजनेस फ्रांस के कृषि निर्यात प्रभाग के प्रमुख वियानी मेनिएर ने कहा कि यह साझेदारी फ्रांस और भारत के उद्यमों के बीच कंपनियों, संस्थानों और निवेशकों की भागीदारी बढ़ाकर कारोबारी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं, भारत एवं अरब देशों के वाणिज्य, उद्योग एवं कृषि मंडल के कार्यवाहक महासचिव डॉ. वाइल एस. एच. अव्वाद ने कहा कि यह समझौता व्यापारिक संवाद को बढ़ावा देने, निवेश साझेदारियों को प्रोत्साहित करने और भारत तथा अरब क्षेत्र के बीच वाणिज्यिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
भारत एवं अरब देश वाणिज्य, उद्योग एवं कृषि मंडल के साथ हुए इस समझौते का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, व्यापार एवं निवेश संबंधी सूचनाओं के साझा उपयोग, संयुक्त उद्यमों और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देना तथा ऐसे कारोबारी आयोजनों का संचालन करना है, ताकि उद्यमों को नए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में सहायता मिल सके।
इसके अलावा, यह समझौता कंपनियों, निवेशकों और संस्थानों के बीच अधिक प्रभावी संवाद और सहयोग के लिए नए मंच उपलब्ध कराकर भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को भी और अधिक मजबूत बनाएगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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