Republic Day 2026: क्या ले जा सकते हैं और क्या नहीं? दिल्ली में परेड देखने से पहले जान लें ये जरूरी नियम
Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस को लेकर राजधानी दिल्ली में तैयारियां जोरों पर हैं. हर साल की तरह इस बार भी 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा. अगर आप 77वें गणतंत्र दिवस की परेड देखने का मन बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले कुछ जरूरी नियम और सुरक्षा निर्देश जान लेना बेहद जरूरी है. बता दें कि परेड में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई वीवीआईपी शामिल होंगे. इसी वजह से कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहेगी. परेड देखने आने वाले दर्शकों को सख्त जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा.
क्या ले जा सकते हैं आप?
अगर आप परेड देखने जा रहे हैं, तो अपने साथ केवल सीमित सामान ही ले जा सकेंगे. आप मोबाइल फोन, परेड का टिकट, फोटो पहचान पत्र, जरूरी दवाइयां और पानी की छोटी बोतल ही ले जा सकते हैं. सुरक्षा जांच के दौरान इन सभी चीजों की जांच की जाएगी.
77th Republic Day parade to display 30 tableaux, animal contingent; including India's military "jointness" following 2025's Op Sindoor
— ANI Digital (@ani_digital) January 25, 2026
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क्या-क्या ले जाना मना है?
सुरक्षा कारणों से कई चीजों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. दर्शक मोबाइल चार्जर, इयरफोन, पावर बैंक, बैटरी से चलने वाले किसी भी तरह के गैजेट नहीं ले जा सकेंगे. इसके अलावा रेजर, ब्लेड, चाकू, कैंची, तार, नुकीले औजार, हथौड़ा, ड्रिल मशीन, आरी, तलवार, कटार, पेंचकस जैसी कोई भी वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं होगी. अगर कोई दर्शक इन प्रतिबंधित सामानों के साथ पकड़ा गया, तो उसे प्रवेश नहीं मिलेगा.
इन बातों का रखें खास ध्यान
परेड देखने जा रहे हैं तो पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें. केवल तय किए गए एंट्री और एग्जिट गेट का ही उपयोग करें. कर्तव्य पथ और आसपास के संवेदनशील इलाकों में बिना अनुमति फोटो या वीडियो बनाना सख्त मना है.
परेड की खास झलक
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस साल गणतंत्र दिवस परेड में 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा केंद्र सरकार के 13 विभागों की कुल 30 झांकियां शामिल होंगी. अगर आप इन नियमों का पालन करेंगे, तो गणतंत्र दिवस की परेड का आनंद बिना किसी परेशानी के उठा सकेंगे.
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इंडोनेशिया में दोस्ती मजबूत करने पहुंचा नौसेना का फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन
नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना व तटरक्षक बल के समुद्री जहाजों ने इंडोनेशिया में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। यहां भारत के इन समुद्री जहाजों की यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती दी। इस यात्रा के अंतर्गत भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन हाल ही में इंडोनेशिया के बेलावन बंदरगाह पहुंचा था।
इस दौरे का मकसद भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करना और आपसी रिश्तों को आगे बढ़ाना था। रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि नौसेना के इस स्क्वाड्रन में आईएनएस तीर, शार्दुल, सुजाता शामिल रहे। वहीं भारतीय तटरक्षक बल का समुद्री जहाज आईसीजीएस सारथी इस यात्रा में शामिल रहा।
तीन दिन की इस यात्रा के दौरान भारतीय और इंडोनेशियाई नौसेनाओं के बीच कई तरह की गतिविधियां हुईं। दोनों देशों के नौसैनिकों ने आपस में बातचीत की, एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और खेलकूद के जरिए दोस्ती को नई ऊंचाइयां दी गई।
प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन टीजो के. जोसेफ ने यहां इंडोनेशियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान समुद्री सुरक्षा, सहयोग और क्षेत्रीय हितों जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। इंडोनेशिया में एक विशेष स्वागत समारोह भी रखा गया, जिसमें इंडोनेशियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी और भारत के वाणिज्य दूतावास के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। यह मौका आपसी समझ और भरोसे को और गहरा करने का रहा।
भारतीय नौसेना के प्रशिक्षु अधिकारियों को इंडोनेशियाई नौसेना की सुविधाएं दिखाई गईं, ताकि वे वहां के कामकाज को करीब से समझ सकें। इसके अलावा, दोनों देशों के नौसैनिकों ने साथ मिलकर कई खेल खेले और योग भी किया, जिससे आपसी तालमेल और भाईचारा और मजबूत हुआ। वहीं, इस दौरान भारतीय जहाजों को इंडोनेशियाई स्कूली बच्चों के लिए खोला गया। छात्रों ने भारतीय जहाजों को देखकर काफी उत्साह दिखाया और यह दौरा उनके लिए यादगार बन गया।
कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और महासागर दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम रही। इससे न सिर्फ भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते मजबूत हुए, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति और सहयोग का संदेश भी गया।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस
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