Responsive Scrollable Menu

यूपी के एडेड स्कूलों का कायाकल्प कराएगी योगी सरकार, बच्चों की संख्या के आधार पर मिलेगी मदद

UP News: योगी सरकार अब राज्य के एडेड स्कूलों का कायाकल्प करने जा रही है. दरअसल, स्कूलों की जर्जर हो चुकी बिल्डिंग को संवारने के लिए योगी सरकार ने पहल शुरू की है. जिसके लिए स्कूलों में बच्चों की संख्या के हिसाब से अशासकीय सहायता प्राप्त यानी एडेड माध्यमिक स्कूलों की वित्तीय मदद की जाएगी. जिसके तहत योगी सरकार एडेड स्कूलों को 25 लाख रुपये से लेकर 1.25 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी.

40 वर्ष पुराने स्कूलों की बदलेगी तस्वीर

बता दें कि राज्य सरकार अब तक सिर्फ उन्हीं स्कूलों को वित्तीस सहायता प्रदान कर रही थी जो 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने हैं. लेकिन योगी सरकार अब राज्य के ऐसे स्कूलों की इमारतों को मरम्मत के लिए भी पैसा देगी जिनका निर्माण 14 अक्तूबर 1986 तक हुआ है. यानी अब 40 वर्ष पुराने जर्जर विद्यालयों को भी वित्तीय मदद दी जाएगी. जिससे स्कूलों की जर्जर इमारतों को ठीक कराया जा सके.

नियमों में किया गया बदलाव

बता दें कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रोजेक्ट अलंकार के तहत नियमों में बदलाव किया गया है. राज्य में करीब 4500 एडेड माध्यमिक स्कूल हैं जिनमें से अधिकांश की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं. अभी तक सरकार सिर्फ 75 साल पुराने विद्यालयों के जर्जर भवन के स्थान पर नवनिर्माण कर रही थी. लेकिन अब 40 साल या उससे पुराने स्कूल भवनों का भी पुनर्निमाण किया जाएगा.

25 फीसदी प्रबंधतंत्र को देना होगा पैसा

जिसके लिए कुल रकम का 75 प्रतिशत राज्य सरकार देगी, जबकि 25 फीसदी प्रबंधतंत्र को देना होता है. एडेड स्कूलों को ये वित्तीय मदद वहां पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के आधार पर तय की जाएगी. जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या 300 से लेकर 500 तक होगी ऐसे स्कूलों को 25 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी. जबकि 2001 से अधिक छात्रों वाले स्कूलों को 1.25 करोड़  रुपये तक दिया जाएगा.

पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

इसके साथ ही इन स्कूलों में मरम्मत कार्य के लिए प्रबंधतंत्र को 25 फीसदी पैसा खर्च करना होगा. ये पैसा स्कूल सांसद और विधायक निधि और कंपनियों से सीएसआर के तहत ले सकेंगे. इसके लिए सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, अधिशाषी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग और वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा सदस्य शामिल होंगे.

ये भी पढ़ें: UP: सीएम युवा योजना में जौनपुर की ऐतिहासिक उपलब्धि, जिले के सबसे ज्यादा युवाओं को मिला लाभ

Continue reading on the app

'चलता है' या 'हो जाएगा' वाला दौर खत्म, अब गुणवत्ता ही होनी चाहिए भारतीय उत्पादों की पहचान: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को साल 2026 के पहले मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया। मन की बात के 130वें में प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया, उद्योग जगत में गुणवत्ता और जन-भागीदारी जैसे अहम विषयों पर विस्तार से बात की।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्टार्टअप इंडिया की यात्रा को याद करते हुए कहा कि इन दिनों सोशल मीडिया पर लोग 2016 की अपनी यादों को साझा कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने भी देश के साथ अपनी एक याद साझा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि करीब 10 साल पहले शुरू हुई स्टार्टअप इंडिया की पहल आज एक ऐतिहासिक आंदोलन बन चुकी है। इस यात्रा के असली नायक देश के युवा हैं, जिन्होंने अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर नवाचार किए और देश का नाम रोशन किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे लगभग हर अहम सेक्टर में भारतीय स्टार्टअप्स सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि जिस भी सेक्टर का नाम लिया जाए, वहां कोई न कोई भारतीय स्टार्टअप काम करता हुआ दिखाई देता है। पीएम मोदी ने स्टार्टअप से जुड़े युवाओं और नए उद्यम शुरू करने की इच्छा रखने वालों को सलाम करते हुए उनके योगदान की सराहना की।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योग जगत और स्टार्टअप्स से गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और पूरी दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हैं। ऐसे समय में उद्योगों और स्टार्टअप्स की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि चलता है या हो जाएगा वाला दौर अब खत्म हो चुका है और अब हर स्तर पर गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में जो भी निर्माण हो रहा है, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लेना जरूरी है। चाहे टेक्सटाइल हों, टेक्नोलॉजी हो, इलेक्ट्रॉनिक्स हों या पैकेजिंग-भारतीय उत्पादों की पहचान ही टॉप क्वालिटी बननी चाहिए। उन्होंने उद्योग और स्टार्टअप्स से अपील की कि वे उत्कृष्टता को अपना बेंचमार्क बनाएं और हर उत्पाद में गुणवत्ता को सर्वोच्च स्थान दें।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने जन-भागीदारी और सामूहिक प्रयासों की ताकत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वभाव से ही इनोवेटिव हैं और समस्याओं का समाधान ढूंढना देशवासियों के खून में है। कुछ लोग यह काम स्टार्टअप के जरिए करते हैं, तो कुछ लोग समाज की सामूहिक भागीदारी से बदलाव लाते हैं।

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे स्थानीय लोगों ने तमसा नदी को नया जीवन दिया। अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलने वाली यह नदी कभी क्षेत्र के लोगों के जीवन की धुरी थी, लेकिन प्रदूषण के कारण इसका प्रवाह रुक गया था। बाद में स्थानीय लोगों ने मिलकर नदी की सफाई की, किनारों पर छायादार पेड़ लगाए और सामूहिक प्रयासों से नदी का पुनरुद्धार संभव हो सका।

इसी तरह आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में पानी की कमी दूर करने के लिए स्थानीय लोगों ने जलाशयों की सफाई का संकल्प लिया। प्रशासन के सहयोग से अनंत नीरू संरक्षण प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई, जिसके तहत 10 से अधिक जलाशयों को पुनर्जीवित किया गया और 7,000 से ज्यादा पेड़ लगाए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से अनंतपुर में जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रीन कवर भी बढ़ा है।

पीएम मोदी ने कहा कि जन-भागीदारी और सामूहिकता ही देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर भारत विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

--आईएएनएस

डीबीपी/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

यही तो चाहता था... बैक टू बैक फिफ्टी के बाद दहाड़े सूर्यकुमार यादव, टी20 विश्व कप में गेंदबाजों के लिए बनेंगे काल

Suryakumar Yadav statement: न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 में धमाकेदार जीत के बाद टीम इंडिया के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि अगर हमारी टीम 20 रन के स्कोर 3 विकेट गंवा भी देती तो हमें पता है कि किस तरह का क्रिकेट खेलना है, जैसा गुवाहाटी में खेला गया. सूर्यकुमार यादव इसी तरह का क्रिकेट खेलना चाहते थे. Mon, 26 Jan 2026 01:19:50 +0530

  Videos
See all

Budget 2026: किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! Nirmala Sitharaman Big Announcement for Farmers | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-25T20:00:24+00:00

News Ki Pathshala | Sushant Sinha: दुनिया देखेगी 'सिंदूर-2' के हथियार...मुनीर कितना तैयार ? #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-25T20:15:03+00:00

BMC Mayore Big Update: 2 बजते ही BMC मेयर पर हो गया खेल? | N18P | Raj Thackrey | Mumbai News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-25T20:30:15+00:00

News Ki Pathshala: Sushant Sinha | 'ट्रंप नहीं मोदी ताकतवर'..अमेरिकी एक्सपर्ट के बयान से तूफान मचा? #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-25T19:26:58+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers