Pakistan Airstrike Afghanistan: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में बरसाए बम, 3 लोगों की मौत; कई घायल
Pakistan Airstrike Afghanistan: अफगानिस्तान के पूर्वोत्तर प्रांत कुनार में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक की खबर सामने आई है। रॉयटर्स के मुताबिक, स्थानीय प्रांतीय अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि इस हवाई हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान में एक पुलिस केंद्र पर हुए हमले के महज दो दिन बाद यह एयरस्ट्राइक की गई है।
पुलिस केंद्र पर हमले के बाद एयरस्ट्राइक
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में स्थित एक पुलिस केंद्र पर शुक्रवार को हमला हुआ था। रॉयटर्स के मुताबिक, उस हमले में 31 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद अफगानिस्तान के कुनार में पाकिस्तानी हवाई हमला हुआ है।
हालांकि, कुनार में एयरस्ट्राइक के पीछे पाकिस्तान की ओर से इस समय तक सामने आया आधिकारिक कारण इस शुरुआती रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है। इसलिए हमले को सीधे तौर पर पिछले पुलिस केंद्र हमले का जवाब मानना फिलहाल एक रिपोर्टेड संभावना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
फिर बढ़ा पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव
कुनार में ताजा एयरस्ट्राइक से दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। रॉयटर्स ने इसे दोनों देशों के बीच फिर से संघर्ष भड़कने की आशंका से जोड़ते हुए रिपोर्ट किया है।
दोनों देशों के बीच इसी साल फरवरी में भी गंभीर सैन्य टकराव हुआ था। रॉयटर्स के अनुसार, फरवरी का संघर्ष दोनों देशों के बीच कई वर्षों में सबसे बड़े टकरावों में शामिल था।
पहले भी हो चुके हैं सीमा पार हवाई हमले
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार हमलों और आतंकवाद के मुद्दे को लेकर लंबे समय से तनाव है। जून 2026 में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार समेत कई प्रांतों में हवाई हमले किए थे। उस समय संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मिशन (UNAMA) ने कहा था कि तीन प्रांतों में हुए हवाई हमलों में कम से कम 28 नागरिकों की मौत और 49 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई थी।
पाकिस्तान का कहना रहा है कि उसके सैन्य अभियान सीमा पार सक्रिय आतंकवादी समूहों को निशाना बनाते हैं, जबकि अफगान तालिबान सरकार ऐसे आरोपों से इनकार करती रही है। दोनों पक्षों के बीच इसी मुद्दे पर तनाव लगातार बना हुआ है।
US Iran conflict: ईरान की खुली चुनौती पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, कहा- 'अब बहुत बड़े कदम उठाने का वक्त आ गया है!'
US Iran conflict: ईरान द्वारा 'निर्णायक युद्ध' की चेतावनी दिए जाने और कतर के माध्यम से बातचीत के लिए 7 शर्तें रखे जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तीखा बयान सामने आया है। फॉक्स न्यूज को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान युद्ध के मामले में इस समय 'डिसाइडिंग मोड' (निर्णायक स्थिति) में हैं। उन्होंने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरानी शासन ने 'व्यवहार नहीं सुधारा', तो आने वाले समय में बहुत बड़ी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।
ट्रंप ने सामने रखे अपने तीन विकल्प
इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान से निपटने के लिए अपने सामने मौजूद तीन प्रमुख विकल्पों का भी खुलासा किया। ट्रंप ने कहा कि उनके पास या तो इस देश को 'पूरी तरह नेस्तनाबूद' (वाइप आउट) करने, उसे आर्थिक रूप से 'बर्बाद होने देने' या फिर इसके साथ 'कोई समझौता करने' का विकल्प मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका मुख्य सवाल यह है कि यदि और जब वह चाहें, तो पूरे देश को उड़ा सकते हैं, इसलिए ईरान को बेहतर तरीके से पेश आना चाहिए।
ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात के संकेत
इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क आने वाले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की संभावित यात्रा पर भी ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस यात्रा के दौरान पेजेश्कियन से मिलेंगे, तो ट्रंप ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि वह अपने ईरानी समकक्ष के साथ बातचीत के लिए 'संभवतः तैयार' हैं। तसनीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेश्कियन एक वरिष्ठ ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं और संयुक्त राष्ट्र सत्र के इतर अन्य वैश्विक नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 109 व्यावसायिक जहाजों का मार्ग बदला
इस बीच, रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तनाव लगातार बना हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए उसके बलों ने अब तक 109 व्यावसायिक जहाजों के मार्ग को डायवर्ट (पुनर्निर्देशित) किया है।
रविवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट जारी करते हुए CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत 'यूएसएस जॉन पॉल जोन्स' की निगरानी में यह कार्रवाई की जा रही है ताकि समुद्री नाकेबंदी का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके। अमेरिका ने 14 जुलाई से ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों आने-जाने वाले समुद्री यातायात के खिलाफ इस नाकेबंदी को फिर से लागू किया है। इस संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के इस मुख्य मार्ग पर शिपिंग गतिविधियों में भारी गिरावट आई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गहरा असर पड़ रहा है।
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