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24 घंटे का लॉकडाउन : पूरी तरह सील रहा रोहतक का खरक जाटान गांव, जानिए 300 साल पुरानी परंपरा जब 1 दिन नहीं जलता चूल्हा

हरियाणा के रोहतक जिले में स्थित ऐतिहासिक महम चौबीसी का खरक जाटान गांव इन दिनों सोशल मीडिया पर एक खास वजह से चर्चा में है। आधुनिकता के इस दौर में जहां लोग अपनी पुरानी परंपराओं को भूलते जा रहे हैं, वहीं इस गांव के निवासियों ने 300 साल पुरानी एक ऐसी अनूठी रीत को आज भी संभाल कर रखा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। 

भाद्रपद महीने के शनिवार को खरक जाटान के ग्रामीणों ने स्वेच्छा से 24 घंटे का बंद (लॉकडाउन) रखा। शुक्रवार रात 12 बजे से शुरू हुआ यह अलगाव शनिवार रात 12 बजे तक चला। इस दौरान न तो कोई ग्रामीण गांव से बाहर गया और न ही किसी बाहरी व्यक्ति को सीमा के भीतर आने दिया गया। 

ये है 300 साल पुराने लोकविश्वास और अलगाव की कहानी 
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इस परंपरा के पीछे एक पुराना लोकविश्वास जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि सदियों पहले गांव में मासूम बच्चों और मवेशियों में एक जानलेवा बीमारी फैल गई थी। उस दौर में गांव में रहने वाले एक साधु ने ग्रामीणों को बीमारी रोकने और संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए एक दिन गांव को आसपास के इलाकों से पूरी तरह अलग रखने की सलाह दी थी।

ग्रामीणों ने साधु की बात मानी और बीमारी खत्म हो गई। इसी व्यावहारिक सोच के बाद से भाद्रपद महीने के शनिवार को गांव बंद रखने की यह परंपरा चली आ रही है।

सीमा पर खींची गई रेखा, रात भर युवाओं ने दिया पहरा
इस बंद को लेकर गांव में पहले ही ढोल बजवाकर मुनादी करवा दी गई थी। शहरों में रहने वाले लोग भी बंद शुरू होने से पहले गांव पहुंच गए। शुक्रवार रात को गांव की सीमा (फिरनी) के आसपास प्रतीकात्मक रेखा खींची गई और रात 12 बजे आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया। गांव की गलियों से लेकर सीमाओं तक युवाओं और ग्रामीणों ने खुद पहरा दिया। आवश्यक कार्य ग्रामीणों ने एक दिन पहले ही निपटा लिए थे।

घरों में बंद रहा चूल्हा
इस दौरान किसी भी घर में भोजन नहीं बनाया गया और न ही चूल्हा जलाया गया। एक दिन पहले तैयार किए गए मीठे पकवान जैसे खीर, मीठी रोटी, सुहाली और गुलगुले ही भोजन के रूप में खाए गए। नमकीन भोजन से पूरी तरह परहेज रखा गया और यह नियम सभी के लिए अनिवार्य था।

हवन, धूनी और मवेशियों की विशेष सेवा
शनिवार सुबह सामूहिक हवन-यज्ञ (धूणा) किया गया और धूनी की आंच पर खीर तैयार कर ग्रामीणों में बांटी गई। पशुओं की सेवा भी इस परंपरा का मुख्य हिस्सा रही। बंद समाप्त होने के बाद पशुओं को आयोजन स्थल पर लाकर पवित्र जल का डाभ से झाड़ा लगाया गया। गलियों और घरों में लोबान, गुग्गल व धूप की धूनी भी दी गई।

गीत-संगीत और सांस्कृतिक विरासत का समागम
बंद के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन किया। युवाओं और बच्चों ने कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों में हिस्सा लिया। जोगियों ने गांव में आल्हा और रांझा गाकर सुनाया, जो गांव की सुख-समृद्धि से जुड़ा माना जाता है।

एकजुटता और संस्कृति को सहेजा गया
वरिष्ठ भाजपा नेता शमशेर सिंह खरक और ग्रामीणों ने कहा कि खरक जाटान ने बदलते समय के बावजूद अपनी परंपरा को जीवित रखा है। यह आयोजन केवल 24 घंटे के बंद तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की सामूहिक एकजुटता, लोकविश्वास, पशु सेवा और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। 

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Pakistan Airstrike Afghanistan: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में बरसाए बम, 3 लोगों की मौत; कई घायल

Pakistan Airstrike Afghanistan:  अफगानिस्तान के पूर्वोत्तर प्रांत कुनार में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक की खबर सामने आई है। रॉयटर्स के मुताबिक, स्थानीय प्रांतीय अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि इस हवाई हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान में एक पुलिस केंद्र पर हुए हमले के महज दो दिन बाद यह एयरस्ट्राइक की गई है।

पुलिस केंद्र पर हमले के बाद एयरस्ट्राइक
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में स्थित एक पुलिस केंद्र पर शुक्रवार को हमला हुआ था। रॉयटर्स के मुताबिक, उस हमले में 31 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद अफगानिस्तान के कुनार में पाकिस्तानी हवाई हमला हुआ है।

हालांकि, कुनार में एयरस्ट्राइक के पीछे पाकिस्तान की ओर से इस समय तक सामने आया आधिकारिक कारण इस शुरुआती रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है। इसलिए हमले को सीधे तौर पर पिछले पुलिस केंद्र हमले का जवाब मानना फिलहाल एक रिपोर्टेड संभावना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

फिर बढ़ा पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव
कुनार में ताजा एयरस्ट्राइक से दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। रॉयटर्स ने इसे दोनों देशों के बीच फिर से संघर्ष भड़कने की आशंका से जोड़ते हुए रिपोर्ट किया है।

दोनों देशों के बीच इसी साल फरवरी में भी गंभीर सैन्य टकराव हुआ था। रॉयटर्स के अनुसार, फरवरी का संघर्ष दोनों देशों के बीच कई वर्षों में सबसे बड़े टकरावों में शामिल था।

पहले भी हो चुके हैं सीमा पार हवाई हमले
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार हमलों और आतंकवाद के मुद्दे को लेकर लंबे समय से तनाव है। जून 2026 में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार समेत कई प्रांतों में हवाई हमले किए थे। उस समय संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मिशन (UNAMA) ने कहा था कि तीन प्रांतों में हुए हवाई हमलों में कम से कम 28 नागरिकों की मौत और 49 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई थी।

पाकिस्तान का कहना रहा है कि उसके सैन्य अभियान सीमा पार सक्रिय आतंकवादी समूहों को निशाना बनाते हैं, जबकि अफगान तालिबान सरकार ऐसे आरोपों से इनकार करती रही है। दोनों पक्षों के बीच इसी मुद्दे पर तनाव लगातार बना हुआ है।

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  Sports

एशियन गेम्स में भारत का एक दिन का रिकॉर्ड: 15 पदक सबसे ज्यादा, कई दिन खाली भी रहे

भोपाल। एशियन गेम्स में भारत के पदक सफर की चर्चा अक्सर पूरे टूर्नामेंट की मेडल टैली के आधार पर होती है, लेकिन एक दिन में सबसे ज्यादा और सबसे कम पदक जीतने का आंकड़ा भी दिलचस्प है। भारत का एक दिन में सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड 15 है, जो 1 अक्टूबर 2023 को हांगझोउ एशियन गेम्स में बना था। इसके उलट जिन दिनों भारतीय खिलाड़ियों के किसी पदक मुकाबले का फैसला नहीं हुआ, उन दिनों भारत का खाता शून्य पदक पर भी रहा है।

1 अक्टूबर 2023: एक दिन में 15 पदक का रिकॉर्ड

हांगझोउ एशियन गेम्स में 1 अक्टूबर 2023 भारत के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। प्रतियोगिता के आठवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में कुल 15 पदक जीते। इसमें 3 स्वर्ण, 7 रजत और 5 कांस्य शामिल थे। यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का एक दिन का सबसे बड़ा पदक प्रदर्शन है। इस दिन एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे बड़ा पदक स्रोत रहा और अकेले एथलेटिक्स में 9 पदक आए।

रिकॉर्ड दिन पर किन खिलाड़ियों ने दिलाए पदक?

1 अक्टूबर 2023 को भारत के खाते में आए 15 पदकों में एथलेटिक्स, शूटिंग, गोल्फ और बैडमिंटन समेत कई खेलों का योगदान रहा।

स्वर्ण पदक

  • अविनाश साबले - पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज
  • तजिंदरपाल सिंह तूर - पुरुष शॉटपुट
  • पुरुष ट्रैप टीम - शूटिंग

रजत पदक

  • मुरली श्रीशंकर - पुरुष लंबी कूद
  • अजय कुमार सरोज - पुरुष 1500 मीटर
  • हरमिलन बैंस - महिला 1500 मीटर
  • ज्योति याराजी - महिला 100 मीटर बाधा दौड़
  • अदिति अशोक - महिला गोल्फ
  • महिला ट्रैप टीम - शूटिंग
  • भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम

कांस्य पदक

  • निखत जरीन - बॉक्सिंग
  • नंदिनी अगासरा - हेप्टाथलॉन
  • जिंसन जॉनसन - पुरुष 1500 मीटर
  • सीमा पूनिया - डिस्कस थ्रो
  • कायनान डेरियस - पुरुष ट्रैप

इस तरह एक ही दिन में 3 गोल्ड, 7 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मिलाकर कुल 15 पदक भारत के खाते में आए।

एथलेटिक्स बना रिकॉर्ड दिन का सबसे बड़ा आधार

इस रिकॉर्ड प्रदर्शन में एथलेटिक्स की सबसे बड़ी भूमिका रही। भारत ने ट्रैक एंड फील्ड में कुल 9 पदक जीते। अविनाश साबले ने पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण जीता, जबकि तजिंदरपाल सिंह तूर ने शॉटपुट में अपना खिताब बरकरार रखा। मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद में रजत, अजय कुमार सरोज और हरमिलन बैंस ने 1500 मीटर में रजत जीते। ज्योति याराजी ने 100 मीटर बाधा दौड़ में रजत हासिल किया। हेप्टाथलॉन में नंदिनी अगासरा और 1500 मीटर में जिंसन जॉनसन ने कांस्य जीता।

सबसे कम पदक: शून्य भी हो सकता है एक दिन का आंकड़ा

एक दिन में भारत के सबसे कम पदकों की बात करें तो इसका सीधा आंकड़ा 0 है। हालांकि, इसे किसी एक आधिकारिक “सबसे खराब दिन” के रिकॉर्ड के तौर पर देखना सही नहीं होगा। एशियन गेम्स में सभी खेलों के फाइनल रोज नहीं होते। कई दिन ऐसे होते हैं जब भारतीय खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा तो लेते हैं, लेकिन किसी पदक मुकाबले का फैसला उस दिन नहीं होता। ऐसी स्थिति में भारत की उस दिन की पदक संख्या शून्य रहती है। इसलिए 15 पदक एक स्पष्ट ऐतिहासिक एकदिनी रिकॉर्ड है, जबकि 0 पदक किसी एक विशिष्ट रिकॉर्ड वाले दिन के बजाय प्रतियोगिता की प्रकृति के कारण होने वाला न्यूनतम दैनिक आंकड़ा है।

2026 में 29 सितंबर को आए 8 पदक

जारी आइची-नागोया एशियन गेम्स में भी 29 सितंबर भारत के लिए पदकों से भरा दिन रहा। भारत ने उस दिन 8 पदक जीते। इनमें 2 स्वर्ण, 1 रजत और 5 कांस्य शामिल रहे। इसके साथ भारत ने 50 पदकों का आंकड़ा पार किया। 29 सितंबर को भारत के स्वर्ण पदक महिला 4x400 मीटर रिले टीम और निशानेबाज नीरू ढांडा ने जीते। नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण हासिल किया। इसके अलावा महिला ट्रैप टीम ने रजत पदक जीता। एथलेटिक्स में पूजा सिंह, मिश्रित 4x100 मीटर रिले टीम, गुलवीर सिंह और पुरुष 4x400 मीटर रिले टीम ने कांस्य पदक जीते। बॉक्सिंग में नरेंद्र बरवाल ने भी कांस्य हासिल किया।

2026 की स्थिति क्यों अलग है?

2026 के एशियन गेम्स अभी जारी हैं। 29 सितंबर के खेल खत्म होने के बाद भारत के खाते में 52 पदक—6 स्वर्ण, 21 रजत और 25 कांस्य थे। 30 सितंबर की अपडेट में अलग-अलग स्रोतों पर पदक संख्या आगे बढ़ चुकी है, इसलिए जारी प्रतियोगिता में आंकड़ा लगातार बदल रहा है। इस वजह से 2026 की तुलना 2023 के अंतिम 107 पदकों से अभी करना उचित नहीं होगा। 2023 का अभियान पूरा होने के बाद भारत ने 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य समेत 107 पदक जीते थे।

भारत के एक दिन के पदक प्रदर्शन को ऐसे समझें

स्थिति    पदक    उदाहरण

  • अब तक का सर्वाधिक एकदिनी प्रदर्शन    15    1 अक्टूबर 2023, हांगझोउ
  • 2026 में एक दिन का बड़ा प्रदर्शन    8    29 सितंबर 2026
  • न्यूनतम संभव दैनिक आंकड़ा    0    जब किसी भारतीय पदक मुकाबले का फैसला न हो
  • 2023 का कुल रिकॉर्ड    107    पूरे हांगझोउ एशियन गेम्स

15 पदक वाला दिन क्यों खास था?

  • 1 अक्टूबर 2023 का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि 15 पदक एक ही दिन के अलग-अलग खेलों से आए थे। इसमें एथलेटिक्स ने अकेले 9 पदक दिए, जबकि शूटिंग, गोल्फ और बैडमिंटन ने भी भारत की पदक संख्या बढ़ाई।
  • इस एक दिन के प्रदर्शन ने भारत को उस समय प्रतियोगिता में 50 से ज्यादा पदकों के आंकड़े तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। बाद में भारत ने हांगझोउ में कुल 107 पदकों के साथ अपना उस समय तक का सर्वश्रेष्ठ एशियन गेम्स प्रदर्शन पूरा किया।

2026 में 15 पदक के रिकॉर्ड पर नजर

आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत के पास अभी कई स्पर्धाओं में पदक जीतने के मौके हैं। 29 सितंबर को मिले 8 पदकों ने एक दिन में ज्यादा पदक जीतने की दौड़ को फिर चर्चा में ला दिया है, लेकिन 15 पदकों का 2023 वाला रिकॉर्ड अभी बरकरार है। एशियन गेम्स के बाकी दिनों में भारत कितने पदक जीतता है, यह अलग-अलग स्पर्धाओं के फाइनल और भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। प्रतियोगिता पूरी होने के बाद ही 2026 के कुल प्रदर्शन की 2023 के 107 पदकों से अंतिम तुलना की जा सकेगी।

Wed, 30 Sep 2026 14:55:13 +0530

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