PM Modi के 25 साल: 2013-14 से 2025-26 तक कैसे बदली भारत की अर्थव्यवस्था? अमित चिमनानी ने बताए 30 बड़े आंकड़े
रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर भारत की आर्थिक यात्रा से जुड़े आंकड़े सामने रखे गए हैं। वरिष्ठ सीए एवं आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ अमित चिमनानी ने वर्ष 2013-14 और 2025-26 की तुलना करते हुए अर्थव्यवस्था के 30 प्रमुख मापदंडों के आंकड़े पेश किए हैं। इनमें टैक्स कलेक्शन, GST, बजट, निर्यात, विदेशी मुद्रा भंडार, FDI, DBT, स्टार्टअप, मुद्रा योजना, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, रक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
चिमनानी के प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ है। उदाहरण के तौर पर नेट इनकम टैक्स कलेक्शन ₹6.38 लाख करोड़ से बढ़कर ₹23.40 लाख करोड़, बजट ₹16.65 लाख करोड़ से बढ़कर ₹50.65 लाख करोड़ और मोबाइल फैक्ट्रियों की संख्या 2 से बढ़कर 300 बताई गई है।
2013-14 से 2025-26 तक भारत की आर्थिक तस्वीर
अमित चिमनानी द्वारा प्रस्तुत 30 आंकड़ों में टैक्स, बजट, एक्सपोर्ट, विदेशी मुद्रा भंडार, डिजिटल लेनदेन, स्टार्टअप, रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग समेत अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों की तुलना की गई है।
टैक्स, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा बदलाव
प्रस्तुत आंकड़ों में टैक्स कलेक्शन, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े आंकड़े खास तौर पर सामने आते हैं। DPIIT के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च 2026 तक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2.23 लाख से अधिक हो चुकी थी।
इसी तरह PM MUDRA Yojana के तहत 27 मार्च 2026 तक 57.79 करोड़ ऋण और ₹40.07 लाख करोड़ की राशि का आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध है।
Disclaimer: इस रिपोर्ट में 2013-14 और 2025-26 के तुलनात्मक आंकड़े अमित चिमनानी द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। अलग-अलग आर्थिक संकेतकों की परिभाषा, गणना पद्धति और डेटा अवधि अलग हो सकती है। इसलिए आंकड़ों को संबंधित सरकारी स्रोतों/विभागों के उपलब्ध आंकड़ों के संदर्भ में पढ़ा जाना चाहिए। यह रिपोर्ट प्रस्तुत आंकड़ों का विश्लेषण है, किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का स्वतंत्र मूल्यांकन नहीं।
US Advisory for Iran: 'ईरान से तुरंत निकल जाएं', US ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी, सैन्य टकराव में तेजी की आशंका
वाशिंगटन और तेहरान के बीच लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान स्थित अमेरिकी वर्चुअल दूतावास ने एक सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को बेहद जटिल और अनिश्चित बताया है। दूतावास ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में उड़ानों के रद्द होने, एयरस्पेस अचानक बंद होने और जमीनी सीमाओं पर पाबंदियों जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
सैन्य टकराव और हूती हमलों का खतरा बढ़ा
सुरक्षा अलर्ट में विशेष रूप से ईरान समर्थित हूती गुटों की हिंसक गतिविधियों का उल्लेख किया गया है, जिन्होंने पूर्व में सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों को निशाना बनाया है।
अमेरिका का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में यह सैन्य टकराव बहुत तेजी से और व्यापक रूप से बढ़ सकता है। इसके अतिरिक्त, मध्य पूर्व के भीतर और बाहर स्थित अमेरिकी राजनयिक ठिकानों, व्यवसायों और संस्थानों पर भी ईरान समर्थित समूहों द्वारा हमले किए जाने की आशंका व्यक्त की गई है।
नागरिकों को सुरक्षित रहने और सतर्कता बरतने के निर्देश
अमेरिकी प्रशासन ने अपने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे दूतावास के संपर्क में रहने के लिए विदेश विभाग के स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) में तुरंत अपना पंजीकरण कराएं। यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे सीमा पार करने से पहले संबंधित देश के एंट्री नियमों की जांच अवश्य कर लें, क्योंकि जमीनी सीमाओं पर नियम बिना किसी पूर्व सूचना के बदले जा सकते हैं।
भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने और हवाई हमले की स्थिति में सुरक्षा प्रोटोकॉल
अलर्ट में नागरिकों को सार्वजनिक प्रदर्शनों, भारी भीड़ और पुलिस या सैन्य अभियानों वाले इलाकों से पूरी तरह दूर रहने को कहा गया है। अमेरिकी पहचान वाले स्थानों पर अधिक सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही, किसी भी संभावित हवाई हमले या गोलाबारी की स्थिति में खिड़कियों व कांच के दरवाजों से दूर रहने, गिरे हुए मलबे को न छूने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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