बिहार MLC Election में JDU विधायक Anant Singh का बागी रुख, जन सुराज प्रत्याशी को दिया समर्थन
बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अनंत कुमार सिंह ने सोमवार को विधान परिषद (एमएलसी) के आगामी चुनाव में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी और मौजूदा सदस्य नीरज कुमार को हराने का संकल्प लेते हुए जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करने का ऐलान किया। मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने पटना स्थित अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। इस दौरान जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह भी मौजूद थे।
अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार चौथी बार चुनाव लड़ रहे नीरज कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बीच मुकाबला ‘‘व्यक्तिगत’’ है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘नीरज कुमार ने कभी मेरे खिलाफ चुनाव लड़ा था। वह आरसीपी सिंह खेमे में भी थे, जिसने मेरे मोकामा स्थित घर में हथियार और विस्फोटक छिपाकर मेरे खिलाफ साजिश रची थी।’’ अनंत सिंह ने 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार से मतभेद के बाद पार्टी छोड़ दी थी।
उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपनी विधानसभा सीट बरकरार रखी थी। उस समय जदयू ने मोकामा सीट से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था। चार वर्ष बाद अनंत सिंह के मोकामा स्थित आवास से एके-47 राइफल और रॉकेट लॉन्चर बरामद होने पर उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले जदयू में दोबारा शामिल हुए अनंत सिंह लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह और उनकी आईपीएस बेटी लिपि सिंह उनके खिलाफ ‘‘साजिश’’ में शामिल थे। लिपि सिंह, 2019 में मोकामा की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी थीं। अनंत सिंह ने कहा, ‘‘मैंने एक पंडित से सलाह ली है।
उन्होंने एक अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने के लिए शुभ तिथि बताई है। उस दिन मैं अनुज सिंह के साथ रहूंगा और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के सभी 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके लिए प्रचार भी करूंगा।’’ अपनी ही पार्टी के विधायक के खुले विरोध पर जदयू की ओर से देर शाम तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जदयू अब ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भाजपा के हितों की पूर्ति के लिए चलाई जा रही है’’ और नीतीश कुमार के पास कोई निर्णयकारी भूमिका नहीं बची है।
बिना रिश्वत नौकरी चाहिए तो Yogi Adityanath को तीसरी बार CM बनाएं: OP Rajbhar
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को 1,375 नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पक्ष में प्रचार करने की अपील की और समाजवादी पार्टी (सपा) तथा कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष राजभर ने यहां नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने सपा और कांग्रेस को ‘‘मरे हुए लोगों’’ की विचारहीन पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि ये दल केवल विरोध के लिए सरकार का विरोध करते हैं।
पंचायती राज, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग के कैबिनेट मंत्री राजभर ने नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों से पूछा कि क्या मौजूदा सरकार सपा सरकार से बेहतर है? उन्होंने दावा किया कि अब सरकारी नौकरियां बिना रिश्वत के मिल रही हैं। राजभर ने कहा, ‘‘जब आप यहां से जाएंगे और जिस भी जिले में आपकी तैनाती होगी, वहां नौकरी शुरू करेंगे तो इसका प्रचार करें।
अपने भाई-बहनों को बताएं कि अगर वे भी बिना पैसे दिए नौकरी चाहते हैं तो योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाएं।’’ इसके बाद उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से पूछा कि उनमें से कितने लोग इस संदेश का प्रचार करेंगे। इस पर लगभग सभी लोगों ने हाथ उठाया। राजभर ने भगवान हनुमान का उल्लेख करते हुए नवनियुक्त अधिकारियों से विपक्षी दलों के खिलाफ प्रचार करने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘अकेले हनुमान जी ने रावण की पूरी ताकत का पता लगाने के बाद लंका जलाई थी और फिर भगवान राम को इसकी जानकारी देने लौटे थे। आप यहां 1,375 लोग हैं। मुझे बताएं, क्या आप समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की लंका जलाएंगे या नहीं?’’ उन्होंने कहा, ‘‘चिंता मत कीजिए, हालांकि मैं अकेले ही रोज उनकी लंका में आग लगाता रहता हूं।’’ मंत्री ने राज्य सरकार के कामकाज की आलोचना करने को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि जिलों के बीच संपर्क बेहतर हुआ है, गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं और विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोग कहते हैं कि योगी सरकार ने कुछ किया ही नहीं है। लगता है उनके चश्मे का नंबर बढ़ गया है, इसलिए उन्हें कुछ दिखाई नहीं देता।’’ विपक्ष पर हमला करते हुए राजभर ने कहा, ‘‘चाहे कांग्रेस के लोग हों या सपा के, ये लोग वास्तव में मरे हुए लोग हैं... जिंदा नहीं हैं।
वे विचारों की राजनीति नहीं करते, बल्कि केवल विरोध की राजनीति करते हैं। वे नफरत की राजनीति करना चाहते हैं, लेकिन जनता नफरत की राजनीति नहीं चाहती। वह भाईचारा और आपसी सद्भाव चाहती है।’’ उन्होंने लोगों से अपने माता-पिता और पूर्वजों की सीख के अनुसार काम करने की अपील करते हुए कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में यह सुनिश्चित किया जाए कि सपा समाप्त हो जाए और कांग्रेस आधी रह जाए।
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