वित्त मंत्री सीतारमण ने जॉर्डन की मंत्री से की मुलाकात, कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर हुई चर्चा
नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कतर के दोहा में एआईआईबी 2026 की सालाना बैठक के दौरान जॉर्डन की एमओपीआईसी (योजना और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय) की मंत्री जेइना जैद तौकान से मुलाकात की। इस दौरान, दोनों मंत्रियों ने भारत और जॉर्डन के बीच कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कतर के दोहा में एआईआईबी 2026 की सालाना बैठक के दौरान जॉर्डन की एमओपीआईसी की मंत्री जेइना जैद तौकान से मुलाकात की।
मंत्रालय ने बताया कि दोनों मंत्रियों ने भारत और जॉर्डन के बीच कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को, मजबूत करने पर चर्चा की, खासकर खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, व्यापार और निवेश के मामलों में।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि भारत जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर जोर दिया।
जेइना ज़ैद तौकान ने कहा कि भारत जॉर्डन के लिए एक अहम बाजार है और जॉर्डन उर्वरक, ऊर्जा, पानी और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं सहित कई क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने और उसे मजबूत करने का इच्छुक है, साथ ही वे जॉर्डन में निवेश के और मौकों की उम्मीद कर रहे हैं।
इससे पहले, सोमवार को एक बयान में कहा गया था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की 11वीं वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए कतर पहुंच गई हैं।
वित्त मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, केंद्रीय वित्त मंत्री अगले दो दिनों के दौरान दोहा में एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की 11वीं वार्षिक बैठक और एआईआईबी इन्वेस्टर्स डायलॉग 2026 में भाग लेंगी।
वह एआईआईबी के अध्यक्ष के साथ-साथ जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के अपने समकक्षों के साथ अन्य महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी।
वित्त मंत्री एआईआईबी में भारत के गवर्नर के रूप में बैंक की वार्षिक बैठक में भाग लेंगी।
आधिकारिक यात्रा के दौरान वित्त मंत्री कतर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा, वह कतर के कारोबारी नेताओं और निवेशकों के साथ भी बातचीत करेंगी।
एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक एक बहुपक्षीय विकास बैंक है, जो एशिया और दुनिया भर में आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों में सुधार के लिए सड़कों, स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रणालियों जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण के लिए वित्त पोषण करता है। बीजिंग में मुख्यालय वाले इस बैंक जनवरी 2016 में 100 अरब डॉलर की पूंजी के साथ काम शुरू किया था। बैंक के 111 स्वीकृत सदस्य देश हैं।
बैंक के प्रमुख क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण की रक्षा करने वाली परियोजनाओं के लिए वित्त पोषण करना, परिवहन एवं डिजिटल नेटवर्क को बेहतर बनाना और देशों के बीच जल संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है।
इसके अलावा, बैंक बड़े पैमाने पर सार्वजनिक और निजी विकास परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए निजी निवेशकों के साथ भी काम करता है।
भारत और कतर के बीच मजबूत द्विपक्षीय ऊर्जा संबंध हैं। भारत की पेट्रोनेट एलएनजी और कतरएनर्जी के बीच 20 साल का एलएनजी समझौता है, जिसके तहत 2028 से 2048 तक हर साल 75 लाख टन एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ठाणे-मुंबई क्षेत्र के रेल यात्रियों की समस्याओं का निकलेगा हल, 48 यात्री संगठनों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर रखी मांग
ठाणे-मुंबई क्षेत्र की रेल यात्री समस्याओं और उपनगरीय रेल व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर 48 यात्री संगठनों के प्रतिनिधियों ने महाराष्ट्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से मुलाकात की. डोंबिवली जिमखाना में हुई इस बैठक में मुंबई उपनगरीय रेलवे की क्षमता, सुरक्षा और सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने सहित यात्रियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
ठाणे से कर्जत/कसारा के बीच शटल सेवा
बैठक में यात्री संगठनों ने कलवा-ऐरोली रेल लिंक परियोजना को जल्द पूरा करने की मांग प्रमुखता से रखी. इसके अलावा बदलापुर-कर्जत और कल्याण-कसारा रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन के काम में तेजी, ठाणे से कर्जत/कसारा के बीच शटल सेवा शुरू करने तथा आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू कर लोकल ट्रेनों के बीच का अंतर यानी हेडवे कम करने की मांग भी की गई.
सीधी रेल कनेक्टिविटी बढ़ेगी
यात्री संगठनों ने दिवा-वसई-पनवेल के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने, कल्याण जंक्शन की क्षमता में विस्तार तथा सीएसएमटी तक रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग भी रखी. संगठनों का कहना है कि इन उपायों से उपनगरीय रेल नेटवर्क पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने और यात्रियों को अधिक सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है.
शासन स्तर पर आवश्यक पहल
प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित विस्तृत ज्ञापन रविंद्र चव्हाण को सौंपा. चव्हाण ने यात्री संगठनों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यात्रियों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर आवश्यक पहल और संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा.
उन्होंने रेल व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने, यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सीधी यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने तथा लंबित रेल परियोजनाओं को गति देने के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन भी दिया. बैठक में कल्याण-डोंबिवली के उपमहापौर राहुल दामले, भालचंद्र लोहकरे, नवरे काका, मधुताई कोटियन, लताताई आरगडे, नंदकुमार देशमुख, अनिताताई, वंदनाताई सोनवणे, सिद्धेश देसाई और अनिकेत घमंडी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation








