दिल्ली थप्पड़ कांड: प्रवेश वर्मा के खिलाफ NCR दर्ज, जानिए NCR और FIR में क्या अंतर?
Delhi Slap Case: दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ तिलक नगर थप्पड़ कांड में NCR (Non-cognizable Report) दर्ज हुई। सड़क निरीक्षण के दौरान युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हुआ था।
Amit Shah ने आतंकवाद रोधी 'प्रहार' नीति के तहत हर स्तर पर स्वचालित प्रतिक्रिया तंत्र बनाने पर दिया जोर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंक-रोधी अभियानों में बिना किसी देरी के कदम उठाने पर जोर देते हुए सोमवार को देश के आतंकवाद रोधी ढांचे ‘प्रहार’ के हर स्तर पर एक ‘स्वचालित प्रतिक्रिया तंत्र’ को संस्थागत रूप देने का आह्वान किया। शाह ने ‘प्रहार-आतंकवाद रोधी नीति और रणनीति’ सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए भगोड़ों को भारत वापस लाने के प्रयासों में तेजी लाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रत्यर्पण पोर्टल भी शुरू किया। सूत्रों ने बताया कि नया पोर्टल प्रत्यर्पण के प्रयासों में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और राज्य एजेंसियों को एक मंच पर लाता है।
जब कोई भगोड़ा विदेश में पकड़ा जाता है और सक्षम अदालत की मंजूरी के बाद संबंधित देश को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा जाना होता है, तब यह पोर्टल प्रक्रिया में मदद करेगा। शाह ने आतंकवाद रोधी अभियान में ‘सक्रिय और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण’ अपनाने की जरूरत पर जोर दिया तथा एजेंसियों से हर स्तर पर ‘स्वचालित प्रतिक्रिया तंत्र’ को संस्थागत रूप देने का आग्रह किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गृह मंत्री ने ‘आतंकवादी घटनाओं के निरंतर विश्लेषण’ के जरिए ‘प्रहार’ रणनीति को लगातार मजबूत और बेहतर बनाने के प्रयासों की जरूरत पर भी जोर देते हुए अगले 10 वर्षों के लिए एक मजबूत और ठोस तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
‘प्रहार’ के सिद्धांतों को थाना स्तर तक पहुंचाने पर जोर देते हुए शाह ने इस पहल के हर पहलू के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फरवरी में देश की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी नीति ‘प्रहार’ की शुरुआत की थी। इसमें आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने, खुफिया जानकारी के आधार पर रोकथाम और चरमपंथी हिंसा से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई पर आधारित बहुस्तरीय रणनीति की रूपरेखा दी गई है।
बयान में कहा गया कि सोमवार को आयोजित सम्मेलन में शाह ने आतंकवादी खतरों को कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख किया। शाह ने ‘प्रहार’ के हर हिस्से के लिए नतीजे पर केंद्रित नजरिए की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि कार्रवाई में जरा भी देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों के बीच तालमेल को जरूरी बताया और इस बात पर जोर दिया कि इस रणनीति के हर हिस्से में नतीजे पर केंद्रित नजरिया अपनाया जाना चाहिए।
उन्होंने उल्लेख किया कि एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप सीमा पार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल शहजाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया, 100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गईं और 15 राज्यों में 350 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इसी दौरान सरकार ने गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया। उन्होंने कहा कि 2019 से 2026 के बीच केंद्र सरकार ने 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया।
सम्मेलन में केंद्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों, 15 राज्यों के पुलिस महानिदेशकों तथा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के आतंकवाद रोधी दस्तों (एटीएस) के प्रमुखों ने भाग लिया। अन्य राज्यों के पुलिस प्रमुखों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया।
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