Amit Shah ने आतंकवाद रोधी 'प्रहार' नीति के तहत हर स्तर पर स्वचालित प्रतिक्रिया तंत्र बनाने पर दिया जोर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंक-रोधी अभियानों में बिना किसी देरी के कदम उठाने पर जोर देते हुए सोमवार को देश के आतंकवाद रोधी ढांचे ‘प्रहार’ के हर स्तर पर एक ‘स्वचालित प्रतिक्रिया तंत्र’ को संस्थागत रूप देने का आह्वान किया। शाह ने ‘प्रहार-आतंकवाद रोधी नीति और रणनीति’ सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए भगोड़ों को भारत वापस लाने के प्रयासों में तेजी लाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रत्यर्पण पोर्टल भी शुरू किया। सूत्रों ने बताया कि नया पोर्टल प्रत्यर्पण के प्रयासों में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और राज्य एजेंसियों को एक मंच पर लाता है।
जब कोई भगोड़ा विदेश में पकड़ा जाता है और सक्षम अदालत की मंजूरी के बाद संबंधित देश को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा जाना होता है, तब यह पोर्टल प्रक्रिया में मदद करेगा। शाह ने आतंकवाद रोधी अभियान में ‘सक्रिय और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण’ अपनाने की जरूरत पर जोर दिया तथा एजेंसियों से हर स्तर पर ‘स्वचालित प्रतिक्रिया तंत्र’ को संस्थागत रूप देने का आग्रह किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गृह मंत्री ने ‘आतंकवादी घटनाओं के निरंतर विश्लेषण’ के जरिए ‘प्रहार’ रणनीति को लगातार मजबूत और बेहतर बनाने के प्रयासों की जरूरत पर भी जोर देते हुए अगले 10 वर्षों के लिए एक मजबूत और ठोस तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
‘प्रहार’ के सिद्धांतों को थाना स्तर तक पहुंचाने पर जोर देते हुए शाह ने इस पहल के हर पहलू के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फरवरी में देश की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी नीति ‘प्रहार’ की शुरुआत की थी। इसमें आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने, खुफिया जानकारी के आधार पर रोकथाम और चरमपंथी हिंसा से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई पर आधारित बहुस्तरीय रणनीति की रूपरेखा दी गई है।
बयान में कहा गया कि सोमवार को आयोजित सम्मेलन में शाह ने आतंकवादी खतरों को कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख किया। शाह ने ‘प्रहार’ के हर हिस्से के लिए नतीजे पर केंद्रित नजरिए की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि कार्रवाई में जरा भी देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों के बीच तालमेल को जरूरी बताया और इस बात पर जोर दिया कि इस रणनीति के हर हिस्से में नतीजे पर केंद्रित नजरिया अपनाया जाना चाहिए।
उन्होंने उल्लेख किया कि एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप सीमा पार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल शहजाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया, 100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गईं और 15 राज्यों में 350 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इसी दौरान सरकार ने गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया। उन्होंने कहा कि 2019 से 2026 के बीच केंद्र सरकार ने 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया।
सम्मेलन में केंद्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों, 15 राज्यों के पुलिस महानिदेशकों तथा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के आतंकवाद रोधी दस्तों (एटीएस) के प्रमुखों ने भाग लिया। अन्य राज्यों के पुलिस प्रमुखों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया।
Vintage Cars: फिल्मी दुनिया की खास कारों में शामिल बैटमोबाइल होगी नीलाम, जानें प्राइस
Vintage Cars: फिल्मी इतिहास की सबसे मशहूर कारों में शामिल वर्ष 1992 की फिल्म बैटमैन रिटर्न्स की असली बैटमोबाइल अब नीलामी के लिए तैयार है। इस खास कार को जूलियन्स ऑक्शन और टर्नर क्लासिक मूवीज की ओर से 23 नवंबर को लॉस एंजिल्स में और ऑनलाइन नीलाम किया जाएगा। यह वही कार है जिसका इस्तेमाल फिल्म की शूटिंग के दौरान किया गया था।
कितनी हो सकती है कीमत?
जूलियन्स ऑक्शन के अनुमान के अनुसार इस बैटमोबाइल की कीमत 50 लाख से 70 लाख अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकती है। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 60 से 70 करोड़ रुपये हो सकती है। अगर यह कार अनुमानित कीमत के आसपास बिकती है, तो किसी फिल्मी कार की नीलामी का नया रिकॉर्ड बन सकता है।
फिलहाल फिल्मी कार की सबसे बड़ी नीलामी का रिकॉर्ड वर्ष 1960 के दशक की टेलीविजन श्रृंखला में इस्तेमाल हुई बैटमोबाइल के नाम है, जो करीब 42 लाख अमेरिकी डॉलर में बिकी थी।
बेहद खास है इसका डिजाइन
टिम बर्टन की बैटमोबाइल को किसी सामान्य उत्पादन कार के ढांचे पर तैयार नहीं किया गया था। इसका ढांचा दो शेवरले इम्पाला के चेसिस को जोड़कर बनाया गया है। इसकी फाइबरग्लास से बनी बॉडी की लंबाई करीब 19 फीट 8 इंच है।
कार में कला-सज्जा शैली से प्रेरित डिजाइन दिया गया है। इसके आगे टर्बाइन जैसी नाक और पीछे बड़े पंख इसे बेहद आक्रामक रूप देते हैं। इसका डिजाइन किसी सामान्य सड़क पर चलने वाली कार के बजाय एक आधुनिक हथियार जैसा दिखाई देता है, जो टिम बर्टन की अंधेरी गोथम सिटी की कल्पना से पूरी तरह मेल खाता है।
इंजन और गियरबॉक्स
इस बैटमोबाइल में शेवरले वी8 इंजन दिया गया है। इसे तीन गति वाले स्वचालित गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। इंजन को कार के खास तौर पर तैयार किए गए आगे के हिस्से के नीचे लगाया गया है।
जूलियन्स ऑक्शन के अनुसार यह वही मुख्य बैटमोबाइल है जिसका इस्तेमाल फिल्म के ज्यादातर ड्राइविंग दृश्यों में किया गया था। यानी यह केवल अतिरिक्त या प्रदर्शन के लिए बनाई गई कार नहीं है, बल्कि कैमरे के सामने इस्तेमाल की गई वास्तविक मुख्य बैटमोबाइल है।
फिल्म के बाद का सफर
फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद इस बैटमोबाइल को फिल्म के प्रीमियर और समापन समारोह में भी शामिल किया गया था। इसके बाद इसे कुछ समय तक सुरक्षित भंडारण में रखा गया और फिर मारकोनी ऑटोमोटिव संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया।
इस कार पर आज भी इसका मूल चमकदार काला रंग मौजूद है। फिल्म से जुड़ी इसकी पुरानी पहचान और मूल रूप में सुरक्षित होने के कारण यह कार संग्रहकर्ताओं के लिए बेहद खास मानी जा रही है।
क्यों खास है यह बैटमोबाइल?
जूलियन्स ऑक्शन के अनुसार यह अब तक नीलामी के लिए पेश की गई सबसे ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण बैटमोबाइल में से एक है। टिम बर्टन की बैटमैन फिल्मों में इस कार ने मुख्य किरदार की पहचान और गोथम सिटी के अंधेरे माहौल को एक अलग रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इससे पहले भी फिल्मों में इस्तेमाल हुई कई मशहूर कारें करोड़ों रुपये में बिक चुकी हैं। इनमें वर्ष 1968 की फोर्ड मस्टैंग जीटी और जेम्स बॉन्ड की फिल्म में इस्तेमाल हुई वर्ष 1965 की एस्टन मार्टिन जैसी कारें शामिल हैं। अब बैटमैन रिटर्न्स की यह ऐतिहासिक बैटमोबाइल भी नीलामी में नया रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद के साथ पेश की जा रही है।
(मंजू कुमारी)
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