Superfast News: US-Iran Tension | Avimukteshwaranand | PM Modi | Weather Updates | Hindi News
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रविवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करेंगी. राष्ट्रपति का यह संबोधन शाम 7:00 बजे आकाशवाणी के समूचे राष्ट्रीय नेटवर्क पर प्रसारित किया जाएगा तथा दूरदर्शन के सभी चैनलों पर पहले हिंदी में और उसके बाद अंग्रेज़ी में इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11 बजे मन की बात कार्यक्रम में देश-विदेश के लोगों से अपने विचार साझा करेंगे. यह इस मासिक रेडियो कार्यक्रम का 130वां एपिसोड होगा. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे.इस दौरान नवीन वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम भी सुनेंगे. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को मोदी सरकार पर गैर भाजपा शासित राज्यों को परेशान करने के लिए राज्यपालों को कठपुतली की तरह इस्तेमाल करने आरोप लगाया. खरगे ने कहा कि अगले आम चुनाव में भाजपा को नहीं रोका गया तो देश में तानाशाही का खतरा बढ़ सकता है. #donaldtrump #usirantension #avimukteshwaranand #AajTakLiveStream #indorecontaminatedwater #delhiblast #nitishkumar #sambhalbulldozeraction #BiharPolitics #rahulgandhi #pmmodi #latestnews #akhileshyadav #delhiblast #amitshah #rajnathsingh #prashnatkishor #aajtakdigital आजतक के साथ देखिये देश-विदेश की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news Live on the World's Most Subscribed News Channel on YouTube. #LatestNews #Aajtak #HindiNews Aaj Tak News Channel: आज तक भारत का सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्यूज चैनल है । आज तक न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। आज तक न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए बने रहें । #hindinews #newsinhindi #hindisamachar #breakingnews #aajtak #samachar #news About Channel: Aaj Tak is India's Best Hindi News Channel. Aaj Tak News Channel Covers The Latest News, Breaking News, Politics, Entertainment News, Business News and Sports News. Stay tuned for all the News in Hindi. Join Aaj Tak Whatsapp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Va7Rxc32ER6hBA uIL222 Download Aaj Tak APP, India’s No.1 Hindi News App: https://aajtak.link/yyJu Subscribe to Aaj Tak YouTube Channel: https://www.youtube.com/c/aajtak Visit Aaj Tak website: https://www.aajtak.in/ Follow us on Facebook: https://www.facebook.com/aajtak Follow us on Twitter: https://twitter.com/aajtak Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/aajtak/ Subscribe our other Popular YouTube Channels: India Today: https://www.youtube.com/c/indiatoday SoSorry: https://www.youtube.com/c/sosorrypolitoons Good News Today: https://www.youtube.com/c/GoodNewsTodayOfficial AajTak AI: https://www.youtube.com/channel/UClZU5ouD9LkfgrelmL2auTg
मेमो में गिरफ्तारी का आधार नहीं बताना कर्तव्य की अवहेलना : Allahabad High Court
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा है कि गिरफ्तारी मेमो में गिरफ्तारी के विशिष्ट आधार का उल्लेख करने में विफलता, कर्तव्य की अवहेलना के समान माना जाएगा और ऐसी गलती करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाना चाहिए।
उमंत रस्तोगी नाम के व्यक्ति द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की पीठ ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को रिहा किया जाए और इस राज्य में गिरफ्तारी मेमो में गिरफ्तारी के विशिष्ट आधार का उल्लेख करने में विफल किसी भी पुलिस अधिकारी को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही की जाए।
अदालत ने कहा, “बिना तथ्यों के महज फॉर्म भरकर कानूनी अनुपालन की खानापूर्ति करना, दायित्व की अवहेलना के समान है।” उच्च न्यायालय ने कहा, “अब समय आ गया है कि जो पुलिस अधिकारी गिरफ्तारी मेमो की जरूरतों का पालन नहीं कर रहे और संविधान के अनुच्छेद-22(1) के तहत संवैधानिक जनादेश का उल्लंघन करने के अलावा भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 47, 48 का उल्लंघन भी कर रहे हैं, उनके साथ सख्ती से निपटा जाए।”
पीठ ने निर्देश दिया कि इस आदेश की प्रति उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के पास भेजी जाए। इस मामले में याचिकाकर्ता ने गिरफ्तारी और गौतम बुद्ध नगर के दीवानी मामलों के न्यायाधीश द्वारा पारित रिमांड आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।
याचिकाकर्ता का कहना था कि उसकी गिरफ्तारी अवैध है क्योंकि उसे गिरफ्तारी का आधार लिखित में नहीं दिया गया। याचिकाकर्ता ने यह आरोप भी लगाया कि उसे गिरफ्तारी का कोई आधार बताए बगैर 26 दिसंबर, 2025 को उत्तराखंड के हल्द्वानी से गिरफ्तार किया गया। उसे गौतम बुद्ध नगर में रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, लेकिन उसे गिरफ्तारी मेमो की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई।
जब याचिकाकर्ता के वकील ने उसी दिन, उक्त आधार पर रिहाई के लिए आवेदन किया तो संबंधित मजिस्ट्रेट ने आवेदन खारिज कर दिया। इसलिए याचिकाकर्ता ने अवैध रिमांड के आदेश और गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया।
अदालत ने पाया कि जहां जांच अधिकारी ने गिरफ्तारी मेमो तैयार करने के लिए सही प्रारूप का उपयोग किया, गिरफ्तारी के आधार से जुड़े कॉलम उचित ढंग से नहीं भरे गए।
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