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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'प्रहार-सीटी' सम्मेलन का उद्घाटन किया, नया प्रत्यर्पण पोर्टल लॉन्च

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में ‘प्रहार-CT (आतंकवाद-रोधी) नीति और रणनीति’ पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन किया. सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ देश की रणनीति को और मजबूत करने, एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और आतंकवाद की घटनाओं पर तेजी से कार्रवाई को लेकर विस्तार से चर्चा हुईR

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है. उन्होंने कहा कि बदलते आतंकी खतरों को देखते हुए देश की आतंकवाद-रोधी व्यवस्था को लगातार मजबूत करने की जरूरत है.

‘प्रहार’ रणनीति के सात प्रमुख स्तंभ

सम्मेलन में ‘प्रहार’ रणनीति के सात प्रमुख स्तंभों पर चर्चा की गई. इनमें रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण, मानवाधिकारों का संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेल, Whole-of-Society Approach और रिकवरी एवं लचीलापन शामिल हैं.

अमित शाह ने कहा कि पिछले वर्षों में हुई आतंकी घटनाओं का गहराई से विश्लेषण कर अगले 10 वर्षों के लिए एक मजबूत और ठोस ‘प्रहार’ तंत्र तैयार किया जाना चाहिए. इसके लिए केंद्र और राज्य स्तर की सभी संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय जरूरी है.

थाना स्तर तक पहुंचे ‘प्रहार’ रणनीति

गृह मंत्री ने ‘प्रहार’ रणनीति को केवल उच्च स्तर तक सीमित रखने के बजाय थाना स्तर तक लागू करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से जुड़ी किसी भी सूचना पर कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने ‘प्रहार’ फ्रेमवर्क के प्रत्येक स्तर पर आतंकवाद-रोधी स्वचालित प्रतिक्रिया प्रणाली को संस्थागत बनाने की आवश्यकता बताई. इसका उद्देश्य आतंकी खतरे की सूचना मिलने के बाद संबंधित एजेंसियों के बीच तत्काल सूचना साझा करना और तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करना है.

भगोड़ों को भारत लाने के लिए नया प्रत्यर्पण पोर्टल

सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने एक नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी लॉन्च किया. इस पोर्टल का उद्देश्य विदेशों में मौजूद भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और प्रत्यर्पण की कार्रवाई में तेजी लाना है. सरकार के अनुसार, 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है.

शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

सम्मेलन में एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से हासिल की गई कार्रवाई का उदाहरण शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ अभियान के रूप में सामने रखा गया. सरकार के मुताबिक, सीमापार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल इस नेटवर्क के 40 से अधिक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया. इस कार्रवाई के दौरान 15 राज्यों में 100 से अधिक FIR दर्ज की गईं और 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया. केंद्र सरकार ने UAPA के तहत शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी घोषित किया है.

राज्यों को विशेष टीम बनाने का निर्देश

अमित शाह ने राज्य पुलिस बलों से कहा कि विदेशों में मौजूद भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाए. ये टीमें केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें, ताकि भगोड़ों की पहचान, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में बेहतर समन्वय हो सके.

गृह मंत्री ने जोर दिया कि ‘प्रहार’ को परिणाम आधारित बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच तेज और प्रभावी समन्वय जरूरी है. आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर पर देरी न हो, इसके लिए एक मजबूत और संस्थागत व्यवस्था विकसित करनी होगी.

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आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे CM धामी, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दिल्ली प्रवास से लौटते ही सीधे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आईटी पार्क पहुंचे और प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान फंसे ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स के लिए संचालित राहत एवं बचाव अभियान की स्वयं समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने आपदा की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की अद्यतन जानकारी ली और फंसे हुए प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न जनपदों में फंसे ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स की संख्या, उनके वर्तमान लोकेशन, अब तक किए गए रेस्क्यू तथा शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और मौसम एवं भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए उपलब्ध सभी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए.

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य के विभिन्न उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान कुल 179 ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स के फंसे होने की जानकारी प्राप्त हुई थी. इनमें 136 लोग उत्तरकाशी तथा 43 लोग बागेश्वर जनपद के पिंडारी  क्षेत्र में फंसे हुए थे.

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में संचालित रेस्क्यू ऑपरेशन की विशेष रूप से जानकारी ली. अधिकारियों ने बताया कि उत्तरकाशी में फंसे 136 लोगों में से 40 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है. वहीं, 40 लोगों ने फिलहाल रेस्क्यू कराने से इनकार किया है और अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा व्यक्त की है. शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान सोमवार सुबह 6 बजे से पुनः प्रारंभ किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान के दौरान ट्रैकर्स, माउंटेनियर्स एवं पोर्टर्स की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए. उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की तत्काल व्यवस्था की जाए और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करें.

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कुल 8 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध हवाई संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जाए. उन्होंने हेली एंबुलेंस को भी स्टैंडबाय मोड में रखने के निर्देश दिए, ताकि रेस्क्यू के दौरान किसी व्यक्ति को चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होने पर उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी से भी बात कर मौके की स्थिति की जानकारी ली. जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि मौसम एवं परिस्थितियों को देखते हुए शेष ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स को सुरक्षित निकालने के लिए सोमवार सुबह 6 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू टीमों को सभी आवश्यक सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के साथ ही उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और ट्रैकर्स की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए.

चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी मुख्यमंत्री ने की समीक्षा 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में चारधाम यात्रा की वर्तमान व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की. उन्होंने चारधाम एवं यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चारधाम सहित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की पुख्ता एवं स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए केवल वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक एवं स्थायी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय से ऐसी व्यवस्था तैयार करें, जिससे धामों एवं धार्मिक स्थलों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा एक साथ सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए यात्रा एवं पर्यटन व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित एवं टिकाऊ बनाया जाना आवश्यक है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की परिस्थितियों में सरकार का प्रत्येक तंत्र पूरी तत्परता से कार्य करे और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा में कोई कमी न रहे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहें. 

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  Sports

जांघ की चोट के कारण Pakistan सीरीज से बाहर हुए Jos Buttler, England को झटका

इंग्लैंड क्रिकेट टीम को अगले महीने पाकिस्तान में होने वाली एकदिवसीय त्रिकोणीय सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी बल्लेबाज और विकेटकीपर जोस बटलर चोट के कारण इस सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। उनकी जांघ की पिछली मांसपेशी में चोट लगी है और नवंबर में होने वाले ऑस्ट्रेलिया दौरे तक उनके फिट होने पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बटलर को श्रीलंका के खिलाफ हेडिंग्ले में खेले गए मुकाबले के दौरान यह चोट लगी थी। चोट के बाद वह कुछ समय के लिए मैदान से बाहर चले गए थे, लेकिन बाद में दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड अभी उनकी चोट की सही स्थिति का पता लगाने में जुटा है। हालांकि, मुख्य कोच ब्रेंडन मैक्कलम ने साफ कर दिया है कि बटलर अक्टूबर में पाकिस्तान में होने वाली त्रिकोणीय सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे।

मौजूद जानकारी के अनुसार, बटलर की गैरमौजूदगी में जॉर्डन कॉक्स को विकेटकीपिंग और मध्यक्रम में लंबा मौका मिल सकता है। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के निर्णायक मुकाबले में कॉक्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना पहला एकदिवसीय अर्धशतक लगाया था। उन्होंने 52 गेंदों पर 76 रन बनाए थे। मैक्कलम ने उनके प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि यह पारी उन्हें पाकिस्तान में अपनी क्षमता दिखाने का मौका देगी।

मैक्कलम का मानना है कि अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप को देखते हुए इंग्लैंड को टीम में मौजूद खिलाड़ियों की गहराई को लगातार परखना होगा। उन्होंने 2015 के रग्बी विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड की टीम द्वारा अलग-अलग परिस्थितियों की तैयारी से प्रेरणा लेने की बात कही। उनका कहना है कि चोट या कार्यक्रम में बदलाव जैसी मुश्किल परिस्थितियों को पहले से ध्यान में रखकर तैयारी करनी होगी।

गौरतलब है कि श्रीलंका के खिलाफ इंग्लैंड ने रविवार को 4 प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में भी शानदार प्रदर्शन किया था। जैकब बेथेल घुटने की चोट, सैम करन जांघ की समस्या, आदिल राशिद हाथ की चोट और बटलर की जांघ की चोट के कारण नहीं खेले। मैक्कलम ने माना कि इन खिलाड़ियों की कमी के बावजूद टीम के प्रदर्शन से उन्हें अपनी दूसरी पंक्ति की क्षमता का बेहतर अंदाजा मिला है।

वहीं, मैक्कलम ने टॉम बैंटन की भी जमकर तारीफ की, जिन्होंने रविवार को अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया था। उनका कहना है कि बैंटन जिस अंदाज में बल्लेबाजी करते हैं, वह काफी प्रभावशाली है।

पाकिस्तान दौरे पर इंग्लैंड मेजबान पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ त्रिकोणीय सीरीज खेलेगा, जिसमें 4 या 5 एकदिवसीय मुकाबले हो सकते हैं। जैकब बेथेल की वापसी ऑस्ट्रेलिया दौरे तक होने की संभावना बताई गई है, जबकि सैम करन और आदिल राशिद पाकिस्तान दौरे के लिए लौट सकते हैं।

बता दें कि विश्व कप से पहले इंग्लैंड को 20 या 21 एकदिवसीय मुकाबले खेलने हैं। जनवरी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3, मई में पाकिस्तान के खिलाफ 5 और सितंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मुकाबले प्रस्तावित हैं। टीम नवंबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले अभ्यास मुकाबले जोड़ने पर भी विचार कर रही है।

इंग्लैंड सोमवार को पाकिस्तान त्रिकोणीय सीरीज के लिए टीम चुनेगा और इस सप्ताह उसका ऐलान किया जाएगा। टीम अगले एक साल में 50 ओवर के क्रिकेट को प्राथमिकता देने की तैयारी में है। मैक्कलम ने कहा है कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद इंग्लैंड को खुद को ज्यादा मजबूत और फिट टीम बनाने पर ध्यान देना होगा।

Mon, 28 Sep 2026 22:10:00 +0530

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