उधार के पेन से लिखा वो बेशकीमती गाना, सुनते ही खड़े हो जाते हैं रोंगटे, गाते-गाते रो पड़ी थीं लता मंगेशकर
नई दिल्ली: हम जिस गाने की बात कर रहे हैं, उसे राष्ट्रगान के बराबर सम्मान मिला. गाने को सुनकर हर एक भारतीय की आंखें नम हो जाती हैं और रोमांच से रोंगटे खड़े हो जाते हैं. कहते हैं कि यह गाना सुनने के बाद नम आंखों से जवाहरलाल नेहरू ने लता मंगेशकर के कहा था कि अगर कोई देशवासी इस गीत से प्रेरित नहीं होता, तो वह सच्चा भारतीय नहीं है. साल 1963 में चीन से मिली हार के बाद कवि प्रदीप ने समुद्र किनारे टहलते हुए उधार के पैन और सिगरेट के पैकेट पर इस गाने के बोल लिखे थे, जिसे लता मंगेशकर ने पहली दफा नेशनल स्टेडियम में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के सामने गाया था. रुंधे गले से लता मंगेशकर ने जब गाना 'ऐ मेरे वतन के लोगों' खत्म किया, तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था और वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम थीं.
बंगाल में चुनावी संग्राम, BJP ने किया संकल्प पत्र समिति का गठन, तपस रॉय बने अध्यक्ष
आगामी विधानसभा चुनाव (West Bengal Election) को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीति हलचल बढ़ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और टीएमसी दोनों तैयारियां शुरू कर चुकी है। शनिवार को बीजेपी ने राज्य संकल्प पत्र समिति का गठन किया है। बीजेपी बंगाल के अध्यक्ष अमित भट्टाचार्य की मंजूरी के बाद यह तत्काल प्रभाव से प्रभावी …
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