Responsive Scrollable Menu

Uttar Pradesh के कई जिलों में भारी बारिश ने मचाया कहर, 60 से ज्यादा मौतें, हजारों मकान तबाह, फसलें तबाह, कई जिलों में नदियाँ उफान पर

उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने पूरे प्रदेश में तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। तेज बारिश, आंधी और बाढ़ के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। अलग-अलग घटनाओं में 60 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। एक हजार से अधिक मकानों के क्षतिग्रस्त होने और हजारों परिवारों के प्रभावित होने की सूचना है। कई जिलों में सड़कें, गलियां और गांव पानी में डूब गए हैं, जबकि नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

राज्य के राहत आयुक्त कार्यालय के शुरुआती आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अतिवृष्टि और आंधी-तूफान से 56 लोगों की मौत, 46 लोगों के घायल होने, 107 पशुओं की मौत और 1,021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना थी। बाद के अपडेट में मृतकों की संख्या 62 तक पहुंचने की खबर सामने आई। ऐसे में बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में मृतकों की संख्या 60 के पार पहुंच चुकी है।

इसे भी पढ़ें: UP Rain: मौसम तंत्र कमजोर पड़ने से भारी बारिश थमी, नदियां उफान पर

हम आपको बता दें कि प्रदेश के 75 जिलों में से 56 जिलों में सामान्य से अत्यधिक बारिश दर्ज की गई। महज 1.8 मिलीमीटर की सामान्य दैनिक बारिश के मुकाबले 24 घंटे में प्रदेश में 45.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पिछले 60 घंटों में बारिश सामान्य से लगभग 775 प्रतिशत अधिक रही। फर्रुखाबाद में सामान्य से 7,385 प्रतिशत, कन्नौज में 5,664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4,408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4,240 प्रतिशत और महोबा में 4,100 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

हम आपको बता दें कि कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, बांदा, औरैया, महोबा, फर्रुखाबाद, बाराबंकी, कुशीनगर और कई अन्य जिलों में हालात बेहद खराब हैं। कानपुर में कच्चे मकानों के गिरने और नदी-नालों में डूबने की घटनाएं सामने आई हैं। कानपुर देहात, बांदा, औरैया, महोबा और फर्रुखाबाद में मां-बेटी समेत कई लोगों की मौत हुई है। तेज हवा ने पेड़ और बिजली के खंभे गिरा दिए हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति और आवागमन प्रभावित हुआ है।

बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में सरयू नदी के कटान की चपेट में आकर एक मस्जिद नदी में समा गई। नेपाल के बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद इलाके में कटान और बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पशु अस्पताल पर भी खतरा मंडरा रहा है। कुशीनगर में नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद गंडक यानी नारायणी नदी उफान पर है।

प्रयागराज और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के कारण मध्य प्रदेश से आने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। केन नदी में तेजी से वृद्धि हुई है, जबकि बेतवा और टोंस नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है। इसका असर यमुना पर भी पड़ रहा है। हमीरपुर में मौदहा बांध का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी छोड़ा गया है।

वाराणसी में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर अखरी से भिखारीपुर तक सड़क भारी जलभराव के कारण तालाब में बदल गई है। सड़क पर बने गड्ढों और पानी के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई इलाकों में स्कूल बंद किए गए हैं और राहत एवं बचाव दल प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

उधर, बारिश का असर खेतों पर भी भारी पड़ा है। तेज हवा और बारिश के कारण धान की फसल खेतों में गिर गई है। पानी जमा रहने से फसल सड़ने की आशंका है। गन्ना, मक्का, दालों और सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित होने से बाजार में कीमतें बढ़ने लगी हैं। कृषि अधिकारियों ने किसानों को खेतों से तत्काल अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी है। फसल बीमा कराने वाले किसान नुकसान की शिकायत टोल फ्री नंबर 14447 पर दर्ज करा सकते हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, इस असाधारण बारिश के पीछे बंगाल की खाड़ी से उठे गहरे अवदाब और पश्चिमी विक्षोभ का असामान्य मेल प्रमुख कारण रहा। बंगाल की खाड़ी से उठा मौसम तंत्र आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट को पार कर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ता हुआ मध्य प्रदेश और फिर दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचा। बाद में यह मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर एक स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया, लेकिन वातावरण में पर्याप्त नमी बनी रही।

इसी दौरान पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वातावरण में अस्थिरता बढ़ी और उत्तर प्रदेश के मैदानी तथा तराई क्षेत्रों में व्यापक भारी बारिश हुई। घाघरा और राप्ती समेत कई प्रमुख नदियां कई स्थानों पर चेतावनी स्तर के करीब या उससे ऊपर पहुंच गई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार अब बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों, तेज बहाव वाली नदियों और नालों से दूर रहने तथा खुले स्थानों या अकेले खड़े पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की सलाह दी गई है।

देखा जाये तो उत्तर प्रदेश में बारिश का प्रकोप अब केवल जलभराव की समस्या नहीं रह गया है। 60 से ज्यादा मौतों, हजारों प्रभावित परिवारों, क्षतिग्रस्त मकानों, डूबती फसलों और उफनती नदियों ने प्रदेश के सामने एक गंभीर आपदा की तस्वीर खड़ी कर दी है। हालांकि योगी सरकार का दावा है कि वर्षा प्रभावितों को हर तरह की मदद दी जा रही है।

Continue reading on the app

Ujjain में Simhastha 2028 road widening के दौरान विवाद, पुलिस पर पथराव

मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के मद्देनजर चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत एक मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने के दौरान सोमवार को विवाद हो गया। इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया।

उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें सोशल मीडिया पर प्रभाव रखने वाले कुछ लोग भी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि सिंहस्थ-2028 को लेकर सभी पक्षों की सहमति से काम किया जा रहा है और इसी क्रम में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि शहर की मंदिर-मस्जिद समिति के सदस्यों की ओर से यह काम किया जा रहा है और प्रक्रिया जारी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत शाही मस्जिद के करीब नौ फुट लंबे और चार फुट चौड़े हिस्से को हटाया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इसे हटाने को लेकर रविवार देर रात मंदिर-मस्जिद समिति और प्रशासन के बीच सहमति बन गई थी।

शर्मा ने कहा कि एहतियात के तौर पर इलाके में सुबह से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने प्रदर्शन करने का प्रयास किया और इस दौरान पथराव किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इलाके में सीसीटीवी लगाए गए हैं और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा, इनके जरिए पथराव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाद में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा, कुछ ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो शहर के बाहर से आकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे थे।

15 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें कुछ सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स भी शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर भड़काऊ बयान साझा किए और लोगों को उकसाया। शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है और पुलिस की ओर से शहर में फ्लैग मार्च किया जा रहा है।

इस बीच, शहर काजी खलीलुर्रहमान ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि शाही मस्जिद कमेटी खुद अपने हाथों से मस्जिद का हिस्सा हटा रही है, लेकिन कुछ लोग सोशल मीडिया पर फिजूल का माहौल बना रहे हैं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, शहर अपना है, इसकी हिफाजत भी हमें ही करनी है। इसके बाद कुछ लोगों ने उनके घर के बाहर प्रदर्शन भी किया।

इंदौर उच्च न्यायालय ने नौ सितंबर को शाही मस्जिद के प्रस्तावित योजना क्षेत्र में आने वाले हिस्से को हटाने के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इस मामले में मस्जिद अधिकारियों की अपील पर सोमवार को सुनवाई होनी है। सिंहस्थ से पहले शहर के कंथल चौराहे से गोपाल मंदिर तक की सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है।

परियोजना के तहत करीब 900 मीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण किया जाना है और इसके दायरे में आने वाली संरचनाओं को हटाया या संशोधित किया जाना है। इसके तहत धार्मिक स्थलों सहित 272 संरचनाएं प्रभावित होंगी। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए करीब 9.80 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को सड़क चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत अपने पुश्तैनी घर के एक हिस्से को हटाने से की थी। उन्होंने खुद फावड़ा चलाकर इसकी शुरुआत की थी।

Continue reading on the app

  Sports

Asian Games LIVE Today: भारत को मिला 46वां मेडल, शूटिंग में महिला टीम ने दिलाया सिल्वर

Asian Games 2026 Day 11 LIVE: नमस्कार न्यूज18 हिंदी के लाइव आर्टिकल में आपका स्वागत है. आज 29 सितंबर को भारतीय दल एशियन गेम्स के 11वें दिन मेडल जीतने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है. मैं अंशुल तलमले हूं और आपको आज ट्रैक एंड फील्ड, बॉक्सिंग, शूटिंग समेत उन सभी गेम्स में भारत की पोजिशन बताऊंगा, जिसमें हमारे खिलाड़ी जी-जान लगा रहे हैं. Tue, 29 Sep 2026 08:46:07 +0530

  Videos
See all

Aaj Ka Rashifal: मेष से मीन तक जानें आज का राशिफल | Astrology Today | Horoscope | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-29T03:40:08+00:00

Aaj Ki 100 Khabar LIVE: अभी-अभी की 100 ताजा बड़ी खबरें | Headlines Today | Top News | 29 September #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-29T03:39:38+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers