चीन-अमेरिका के बीच बड़ी डील, 60 अरब डॉलर के सामान पर टैरिफ घटाने पर बनी सहमति
China-US Tariffs Deal: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का अमेरिका दौरा फलने लगा है. चीन और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर बड़ी डील हुई है. चीन और अमेरिका ने एक-दूसरे से आयात होने वाले करीब 60 अरब डॉलर के सामान पर टैरिफ यानी आयात शुल्क कम करने पर सहमति जताई है. इसमें कृषि और घरेलू सामान समेत कई तरह के उत्पाद शामिल हैं.
रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी उत्पादों में मक्का और कॉस्मेटिक्स, जबकि चीनी सामान में घरेलू उपकरण और खिलौने शामिल हैं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने रविवार को बताया कि दोनों देशों ने करीब 30 अरब डॉलर के गैर-संवेदनशील सामानों के व्यापार पर ज्यादा अनुकूल टैरिफ व्यवस्था की सिफारिश की है. उनके मुताबिक, इससे चीन में अमेरिकी सामानों के लिए बेहतर बाजार पहुंच का रास्ता खुलेगा. यह अमेरिकी निर्यात के करीब 30% हिस्से से जुड़ा है.
युद्धविराम बढ़ाने पर बनी सहमति
दोनों देशों ने अपने बीच चल रहे व्यापार युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई है. ये फैसले पिछले सप्ताह वॉशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई इस साल की दूसरी बैठक के प्रमुख नतीजों में शामिल रहे.
Patna में चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरे वामपंथी दल, पुलिस ने दागी पानी की बौछारें
CEC Gyanesh Kumar Controversy: राजधानी पटना की सड़कों पर उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया जब वामपंथी दलों, छात्र संगठनों और महिला मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया. गांधी मैदान से निकला यह विशाल मार्च जैसे ही जेपी गोलंबर के पास पहुंचा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया. हालात को काबू में करने और भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस बल ने वाटर कैनन का सहारा लिया. पानी की जोरदार बौछारें चलते ही इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया. लोग इधर उधर भागते दिखे लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे.
गांधी मैदान से मार्च और सड़क पर उतरा जनसैलाब
प्रदर्शन की शुरुआत पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से हुई. वामपंथी छात्र संगठनों और महिला मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों की तादाद में युवा, महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता इकट्ठा हुए. उनके हाथों में लाल झंडे, तख्तियां और बैनर थे जिन पर चुनाव आयोग और सरकार विरोधी नारे लिखे हुए थे. यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों और वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने की कथित कार्रवाई के विरोध में निकाला गया था. प्रदर्शनकारियों का इरादा गांधी मैदान से आगे बढ़ते हुए राजभवन और लोक भवन तक पहुंचने का था ताकि अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा जा सके.
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