Responsive Scrollable Menu

Sanjay Raut का Maharashtra FDA अधिकारियों पर उगाही का आरोप, स्वतंत्र जांच की मांग

शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने सोमवार को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के अधिकारियों पर उगाही में लिप्त होने तथा लाइसेंस निलंबित करने की धमकी देकर होटल व त्वरित वाणिज्य कारोबारियों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। राउत ने मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। राज्यसभा सदस्य ने एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि विभाग की कार्रवाई के कारण बांद्रा स्थित उसका मुख्यालय और ठाणे कार्यालय उगाही के केंद्र बन गए हैं, जहां अधिकारी कारोबारियों से लाखों रुपये वसूलने के लिए अनिवार्य कानूनी नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को दरकिनार कर रहे हैं। 

उन्होंने लिखा कि नागपुर, पुणे, सोलापुर, वर्धा और छत्रपति संभाजीनगर के कई कारोबारियों ने उनसे संपर्क कर जानकारी दी है कि कथित वसूली के लिए ‘‘प्रतिष्ठान बंद करने का नोटिस’’ दिए जा रहे हैं। राउत ने कहा कि कुछ अधिकारी एफडीए के निरीक्षण और छापेमारी अभियान का अनुचित फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘नामित अधिकारी (डीओ), सहायक आयुक्त और खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) कथित तौर पर होटल और त्वरित वाणिज्य कंपनियों को लाइसेंस निलंबित करने की खुली धमकी दे रहे हैं और व्यापक स्तर पर उगाही कर रहे हैं।’’ 

शिवसेना (उबाठा) नेता ने विभिन्न घटनाओं का हवाला देते हुए दावा किया कि ठाणे में दो नामित अधिकारियों ने एक त्वरित वाणिज्य कंपनी से उसका निलंबित लाइसेंस बहाल करने के लिए कथित तौर पर 17 से 18 लाख रुपये वसूले। वहीं, एक अन्य मामले में चूहा मिलने से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर एक होटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, जबकि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को वहां कोई चूहा नहीं मिला था। 

उन्होंने कहा कि अधिकतर छापे ग्राहकों की शिकायतों के आधार पर किए जा रहे हैं और इस बात की कोई स्वतंत्र जांच नहीं की जा रही है कि ये शिकायतें सही हैं या फर्जी। उन्होंने दावा किया कि मुंडे के एफडीए आयुक्त बनने से पहले ‘प्रतिष्ठान को बंद करने के नोटिस’ का डर दिखाकर कथित तौर पर 10,000 से 12,000 रुपये वसूले जाते थे, लेकिन मुंडे द्वारा भय का माहौल बनाए जाने के बाद यह राशि बढ़कर 75,000 रुपये से दो लाख रुपये तक हो गई है। उन्होंने पत्र में लिखा, ‘‘आप (मुंडे) कहते हैं कि व्यवस्था में सुधार हो रहा है। लेकिन अगर आपके अपने अधिकारियों पर नियंत्रण नहीं है, तो यह सुधार अधूरा है।’’ राउत ने कहा कि एफडीए अधिकारी अब ‘‘खुलेआम लूट मचा’’ रहे हैं।

Continue reading on the app

₹2000 से ज्यादा के UPI Payments पर जारी रहेगा MDR, Supreme Court ने रोक लगाने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI पेमेंट पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाने के केंद्र सरकार के फ़ैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने केंद्र सरकार, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI), नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) और UPI स्टीयरिंग कमिटी को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उन गज़ट नोटिफ़िकेशन को चुनौती देने वाली याचिका पर जारी किया गया है, जिनमें 2,000 रुपये से ज़्यादा के कमर्शियल UPI 'पर्सन-टू-मर्चेंट' ट्रांज़ैक्शन पर चार्ज लगाने की घोषणा की गई थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने कहा यह कानूनी मामला कम और तकनीकी मामला ज़्यादा है। केंद्र की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एन. वेंकटरमन ने बेंच को बताया कि गेटवे का इस्तेमाल करने वाले 96 प्रतिशत लोग इससे छूट के दायरे में आते हैं।

इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने डॉक्टरों से मारपीट के आरोपी शिवसेना पार्षद Ramesh Mhatre की जमानत पर लगाई रोक

वकील अंजन दत्ता की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) में केंद्र के 14 सितंबर के नोटिफिकेशन और 15 सितंबर को घोषित MDR फ्रेमवर्क को चुनौती दी गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह लेवी (शुल्क) बिना किसी उचित कानूनी सुरक्षा, पारदर्शिता या सार्वजनिक परामर्श के लागू की गई थी। याचिका में कहा गया है यह घोषित किया जाए कि किसी अधिकृत, प्रमाणित और प्रकाशित कानूनी दस्तावेज के बिना, केवल प्रेस रिलीज या FAQ के आधार पर कोई MDR या इसी तरह का अनिवार्य शुल्क नहीं लगाया या वसूला जा सकता है। याचिकाकर्ता ने UPI ट्रांज़ैक्शन और RuPay डेबिट कार्ड पेमेंट के बीच अंतर पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि नोटिफिकेशन में RuPay डेबिट कार्ड के लिए बिना किसी मौद्रिक सीमा (monetary ceiling) के 'नो-चार्ज' सुरक्षा जारी रखी गई है।

इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा पत्र फर्जी, Election Commission ने किया स्पष्ट
0.4 प्रतिशत फ़ीस


लगभग छह साल तक पूरी तरह से मुफ़्त UPI पेमेंट की सुविधा के बाद, सरकार ने 15 अक्टूबर से UPI प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए मर्चेंट (व्यापारियों) को 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांसफ़र पर 0.4 प्रतिशत फ़ीस लागू की है। साथ ही, आम लोगों के बीच होने वाले लेन-देन (person-to-person) और छोटे पेमेंट को किसी भी चार्ज से अलग रखा गया है।

इसे भी पढ़ें: Maharajganj District Court में महिला पर हमले के आरोप में पति और देवर गिरफ्तार

MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये


75,000 रुपये और उससे ज़्यादा के पेमेंट के लिए MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है। ज़रूरी और कम मार्जिन वाले सेक्टर - जैसे रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ़्यूल और खेती से जुड़े सामान - के लिए 2,000 रुपये से ज़्यादा के हर ट्रांज़ैक्शन पर 5 रुपये का फ़्लैट MDR लगेगा। म्यूचुअल फ़ंड, सिक्योरिटीज़ और स्टॉकब्रोकर व डीलर के ज़रिए किए जाने वाले पेमेंट पर 0.02 प्रतिशत MDR लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा भी 300 रुपये होगी। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (P2P) के बीच होने वाले ट्रांसफ़र - जो UPI के कुल ट्रांज़ैक्शन वॉल्यूम का 37 प्रतिशत और ट्रांज़ैक्शन वैल्यू का 70 प्रतिशत हिस्सा हैं - पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, चाहे रकम कितनी भी हो।

Continue reading on the app

  Sports

IND U19 vs AUS U19 Test: रुकने का नाम नहीं ले रहा 17 साल के लक्ष्य रायचंदानी का बल्ला, 4 पारियों में ठोका तीसरा शतक

लक्ष्य रायचंदानी के बल्ले से शतक की बरसात जारी है. फॉर्मेट कोई भी हो शतक लगता दिखता ही है. अब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया U19 के खिलाफ खेले जा रहे यूथ टेस्ट में भी शतक जड़ा है. Mon, 28 Sep 2026 15:08:24 +0530

  Videos
See all

उत्तरकाशी में फंसे ट्रेकर्स को लेकर CM धामी अलर्ट! | #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-28T09:45:27+00:00

पलभर में ढह गया पहाड़, नेपाल का डरावना वीडियो! | #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-28T09:44:51+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers