Gen Z को लेकर फिर बोलीं कंगना रनौत, इंस्टाग्राम पोस्ट में शेयर कर कहा- ‘अपनी मर्जी से जीने के लिए…’,
Kangana Ranaut Post: बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने वाली कंगना ने इस बार जेन जी (Gen Z) को लेकर एक लंबा नोट साझा किया है. उन्होंने अपने ऑफिसियल इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि हाल ही में उनकी मुलाकात जिम में दो यंग लड़कियों से हुई, जिनसे डिजिटल दौर, सोशल मीडिया, आजादी और जिम्मेदारी जैसे टॉपिक्स पर बातचीत हुई.
कंगना ने इस बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने की पूरी आजादी होनी चाहिए, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही जरूरी है. उनका ये बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही उन्होंने एक विवादित टिप्पणी में कुछ जेन जी युवाओं को 'गटरछाप' कहा था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी बहस देखने को मिली थी.
इंस्टाग्राम स्टोरी में सुनाया जिम का किस्सा
कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि जिम में उनकी मुलाकात दो जेन जी लड़कियों से हुई, जिन्हें वो पहले से जानती हैं. बातचीत के दौरान दोनों लड़कियों ने उनसे मॉडर्न लाइफस्टाइल और डिजिटल दुनिया को लेकर सवाल पूछे. कंगना के मुताबिक, लड़कियों ने उनसे कहा, "कंगना दीदी हम डिजिटल दौर में पैदा हुए हैं. सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम, डेटिंग ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट हमारी जिंदगी का हिस्सा हैं. हममें से ज्यादातर लोग इनका इस्तेमाल करते हैं और कई लोग इनके बिना अपनी जिंदगी की कल्पना भी नहीं कर सकते. हर व्यक्ति अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहता है."
'अपनी मर्जी से जियो, लेकिन...'
कंगना ने बताया कि उन्होंने उन लड़कियों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अपनी जिंदगी अपनी पसंद के अनुसार जीने की पूरी आजादी है, लेकिन उस आजादी की एक सीमा भी होनी चाहिए. उन्होंने लिखा, "मैंने उनसे कहा कि हां, आप अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से जीने के लिए पूरी तरह आजाद हैं, बशर्ते आपकी आजादी किसी दूसरे व्यक्ति की जिंदगी, सुरक्षा या अधिकारों को नुकसान न पहुंचाए." इसके बाद उन्होंने गंभीर अपराधों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में ऐसी कई घटनाएं सामने आ रही हैं, जहां निर्दोष लोगों, खासकर बच्चों, की जान चली जाती है. कंगना का कहना था कि पर्सनल फ्रीडम का मतलब ये नहीं है कि कोई व्यक्ति दूसरों के जीवन या अधिकारों की अनदेखी करे.
'आजादी और जिम्मेदारी साथ-साथ चलनी चाहिए'
अपने पोस्ट में कंगना ने आगे लिखा कि उन्होंने उन लड़कियों से कहा कि मौजूदा समय में लिबरल और कंजर्वेटिव सोच के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है. उन्होंने लिखा कि समाज में कई ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिनमें मासूम बच्चों की जान जा रही है या परिवार बिखर रहे हैं. ऐसे मामलों को देखते हुए ये समझना जरूरी है कि फ्रीडम के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. कंगना के अनुसार, बातचीत के अंत में दोनों लड़कियां भी इस बात से सहमत हुईं कि किसी भी व्यक्ति को अपनी आजादी का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए.
हाल ही में 'गटरछाप' कमेंट को लेकर हुई थीं चर्चा
कंगना रनौत का ये नया बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही उन्होंने एक विवादित टिप्पणी की थी. विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं के कथित अभद्र व्यवहार पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कुछ जेन जी युवाओं को "गटरछाप" कहा था. उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई थी. कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने इसकी आलोचना भी की.
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ईंधन की ऊंची कीमतों के बाद भी भारतीय एयरलाइंस का जून में अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक रहा मजबूत: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय एयरलाइंस के लिए अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक मासिक आधार पर जून में बढ़ा है। साथ ही, घरेलू पैसेंजर लोड फैक्टर भी मजबूत रहा है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म इक्विरस ने कहा कि सीजन के दौरान अधिक ट्रैफिक के बाद घरेलू ट्रैफिक में थोड़ी कमी आई, लेकिन पैसेंजर लोड फैक्टर अच्छे बने रहे, जो सेक्टर में मजबूत मांग और क्षमता के सही इस्तेमाल को दिखाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर लगभग 95.4 पर आ गया, जिससे एयरक्राफ्ट लीजिंग, मेंटेनेंस और डॉलर में होने वाले अन्य ऑपरेटिंग खर्च बढ़ गए।
इस दौरान घरेलू एविएशन की मांग मजबूत बनी रही। जून 2026 में घरेलू पैसेंजर ट्रैफिक लगभग 13.5 मिलियन रहा, जो साल-दर-साल 1 प्रतिशत और महीने-दर-महीने 12 प्रतिशत कम है। यह गर्मियों में यात्रा के पीक सीजन के बाद आई मौसमी कमी को दिखाता है।
रेवेन्यू पैसेंजर किलोमीटर सालाना आधार पर लगभग 13.3 बिलियन पर स्थिर रहे, जबकि एयरलाइंस द्वारा क्षमता कम करने के कारण अवेलेबल सीट किलोमीटर में सालाना आधार पर 2 प्रतिशत की कमी आई।
पैसेंजर लोड फैक्टर (पीएलएफ) 85.7 प्रतिशत पर अच्छा बना रहा और इसमें सालाना आधार पर 118 आधार अंक का सुधार हुआ। इससे पता चलता है कि यात्रियों की संख्या कम होने के बावजूद एयरलाइंस ने विमानों का कुशल इस्तेमाल जारी रखा।
जून के दौरान भारतीय एयरलाइंस से विदेश जाने वाले यात्रियों की संख्या लगभग 2.4 मिलियन रही, जो मई की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक थी, हालांकि यह पिछले साल के स्तर से कम ही रही।
पिछले महीनों में आई रुकावटों के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के धीरे-धीरे बहाल होने का संकेत देते हुए, महीने-दर-महीने उड़ान रवानगी में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि क्षमता लगभग स्थिर रही।
रिपोर्ट में कहा गया कि एयरलाइन सेक्टर में अभी मिला-जुला ऑपरेटिंग माहौल है।
कंपनी ने आगे कहा, यात्रियों की मांग अच्छी बनी हुई है, खासकर घरेलू बाजार में, जहां मौसमी कमी के बावजूद लोड फैक्टर मजबूत हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइंस को एविएशन फ्यूल की ऊंची कीमतों और करेंसी की वैल्यू घटने से दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों का असर निकट भविष्य में मुनाफे पर पड़ने की संभावना है।
--आईएएनएस
एबीएस
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