अबकी बार ईरान पर डोनाल्ड ट्रंप का अटैक प्लान क्या फाइनल है। ईरान के साथ जंगी तनातनी के बीच अमेरिकी सेना की यह तैयारियां सामने आई हैं। 24 घंटे पहले मिडिल ईस्ट यूएसएस अब्राहम लिंकन पहुंचा। यूएस मिलिट्री बेस पर रेडी बी टू बॉम्बर्स का बेड़ा, एफ1-15 ई से एफ-35 तक मौजूद हैं। ईरान पर अमेरिका के अटैक का प्लान का यह ब्रीफ ट्रेलर है। अमेरिका का दावा है कि इनमें से किसी का तोड़ ना तो ईरान की नेवी के पास है और ना ही वायु सेना के पास। सबसे पहले खामनेई जिन्हें अमेरिकी हमले को देखते हुए सीक्रेट बंकर में भेजा जा चुका है। खामनेई ईरान के किस हिस्से में है यह सिर्फ रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के टॉप कमांडर्स को ही पता होता है। इसकी भनक ना तो अमेरिका को है और ना ही ईरान में एक्टिव इजरायली खुफिया एजेंसियों को।
बंकर में जाने से पहले खामनेई ने सिर्फ आर्मी कमांडर्स को ही आगे नहीं किया बल्कि अमेरिकी हमले का जवाब देने के लिए पूरी सुप्रीम डिफेंस काउंसिल को भी एक्टिव कर दिया। इसमें सेना के साथ जंगी रणनीति के जानकार और राजनयिक भी शामिल हैं। खामनेई के आर्डर पर इन कमांडर्स का दावा है कि इस बार जंग हुई तो इसे कोई रोक नहीं पाएगा।
ट्रंप को अब की बार हमले की पूरी कीमत चुकानी पड़ेगी। खलीफा के कमांडर की धमकी भी सामने आई है। उसने कहा कि हिटलर की तरह ट्रंप का अंत होगा। ईरानी मीडिया के मुताबिक ट्रंप को सीधी धमकी देने वाला यह कमांडर ईरान की सबसे बड़ी और सबसे घातक सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का टॉप कमांडर है जो खामई के बंकर में जाने के बाद मीडिया के सामने आया।
Continue reading on the app
बलूचिस्तान पोस्ट (टीबीपी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील ईमान ज़ैनब मज़ारी-हाज़िर और उनके पति हादी अली चत्था को शुक्रवार को इस्लामाबाद में उस समय हिरासत में लिया गया जब वे कथित तौर पर अदालत में सुनवाई के लिए जा रहे थे। उनके परिवार ने यह जानकारी दी। ईमान की मां, पूर्व संघीय मंत्री शिरीन मज़ारी ने ट्विटर पर कई पोस्ट में बताया कि पुलिस अधिकारियों ने दंपति को रोका और हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अलग-अलग वाहनों में बिठाकर अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने कोई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज नहीं की और बार एसोसिएशन के सदस्य "दुर्भाग्य से कुछ नहीं कर सके। गिरफ्तारी को फासीवाद का चरम बताते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग "इस उपलब्धि से बहुत खुश होंगे।
गिरफ्तारी से बचने के लिए ईमान और हादी ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (आईएचसीबीए) के अध्यक्ष वाजिद अली गिलानी के कार्यालय में लगातार दो रातें बिताईं। गिरफ्तारी के समय ईमान के साथ मौजूद गिलानी ने दावा किया कि अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि अदालत में पेशी के लिए जाते समय दंपति को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। आईएचसीबीए अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दंपति के साथ हिंसा की और वाहनों की खिड़कियां तोड़ दीं जिससे ईमान और हादी को कार से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने (आईएचसीबीए) सचिव मंजूर जज्जा को भी धक्का दिया और उनके साथ भी हिंसा की। गिलानी ने विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी देते हुए कहा, ‘अधिकारियों को दमन बंद करना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो 2007 की तरह का वकीलों का आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।
आईएचसीबीए, इस्लामाबाद बार एसोसिएशन (आईबीए) और इस्लामाबाद बार काउंसिल (आईबीसी) ने अलग-अलग बयान जारी कर ईमान और हादी की गिरफ्तारी की निंदा की। आईएचसीबीए और आईबीए ने शुक्रवार को हड़ताल की घोषणा की, जबकि आईबीसी ने वकीलों से शनिवार को हड़ताल करने का आह्वान किया। दंपति के खिलाफ एक विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा यह मामला इस्लामाबाद स्थित राष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसी (एनसीसीआईए) में 12 अगस्त 2025 को दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है। उन पर पिछले साल 30 अक्टूबर को इस मामले में आरोप तय किए गए थे। एनसीसीआईए में दर्ज शिकायत में ईमान पर ‘शत्रुतापूर्ण आतंकवादी समूहों और प्रतिबंधित संगठनों से मेल खाने वाले विमर्श का प्रचार करने’, जबकि उनके पति पर उनके कुछ पोस्ट को दोबारा पोस्ट करने का आरोप लगाया गया है।
Continue reading on the app