'कुछ लोग नफरत फैलाने के पैसे ले रहे हैं', ऑनलाइन ट्रोलिंग पर फूटा 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के मेकर्स का गुस्सा
Mahakavya Shri Ramayan Katha: सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा–श्री राम की' को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. कुछ लोग फिल्म की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कई पोस्ट और मीम्स के जरिए इसे ट्रोल भी किया जा रहा है. अब इस पूरे विवाद पर फिल्म के मेकर्स ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उनका दावा है कि सोशल मीडिया पर फिल्म को बदनाम करने के लिए भ्रामक तस्वीरें फैलाई जा रही है.
दर्शकों के लिए BOGO ऑफर
सोशल मीडिया पर फैल रही ट्रोलिंग के चलते 'महाकाव्य श्री रामायण कथा–श्री राम की' के मेकर्स ने नया अभियान शुरू किया है, जिसका मैसेज है- 'कुछ लोग नफरत फैलाने के पैसे ले रहे हैं, आप देखने और फैसला करने के लिए स्वतंत्र हैं.' इतना ही नहीं मेकर्स ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने के लिए 'एक टिकट खरीदें, दूसरा मुफ्त पाएं' ऑफर भी शुरू किया है. उनका कहना है कि लोग सोशल मीडिया पर चल रही बातों के बजाय खुद फिल्म देखें और फिर अपनी राय बनाएं.
ट्रोलिंग नहीं, भ्रामक दावों से परेशानी
मेकर्स ने साफ किया है कि उन्हें ट्रोलिंग से कोई दिक्कत नहीं है. अगर किसी दर्शक को फिल्म पसंद नहीं आती, तो वो उसकी आलोचना करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है. लेकिन मेकर्स का कहना है कि कुछ लोग ऐसी तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं, जो फिल्म का हिस्सा ही नहीं हैं और उन्हें असली सीन बताकर वायरल किया जा रहा है. टीम का कहना है कि उनकी सिर्फ एक अपील है कि पहले फिल्म देखी जाए और उसके बाद राय बनाई जाए.
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'चश्मा पहने वानर' वाली तस्वीर पर जवाब
वहीं, फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर एक और तस्वीर काफी वायरल हुई, जिसमें कथित तौर पर वानर सेना का एक पात्र चश्मा पहने दिखाई देता है. इस तस्वीर को लेकर कई मीम्स और पोस्ट बनाए गए. अब मेकर्स ने इस पर चुप्पी तोड़ी है. उनका कहना है कि ये फिल्म का असली सीन नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर किसी दर्शक को फिल्म में ऐसा कोई दृश्य दिखाई देता है, तो वो थिएटर से उसका स्क्रीनशॉट या सही टाइमिंग भेज सकता है.
सामने आएंगे असली फुटेज औररिएक्शन
वहीं, फिल्म की टीम ने कहा है कि आने वाले दिनों में वो सोशल मीडिया पर फिल्म के रियल सीन और थिएटर से दर्शकों की रिएक्शन शेयर करेंगे. इसमें परिवारों, बच्चों और आम दर्शकों के वीडियो शामिल होंगे. वहीं, मेकर्स ने ये भी कहा है कि रामायण जैसी कथा पर फैसला सोशल मीडिया की बहस से नहीं, बल्कि उन लोगों की रिव्यू से होना चाहिए जिन्होंने फिल्म देखी है.
निर्देशक अभिषेक सिंह ने क्या कहा?
फिल्म के निर्देशक अभिषेक सिंह का कहना है कि ट्रोलिंग फिल्म निर्माण का हिस्सा है और हर व्यक्ति की राय अलग हो सकती है. लेकिन आलोचना उस फिल्म की होनी चाहिए, जिसे वास्तव में देखा गया हो. उन्होंने कहा, 'हम लोगों से बिना देखे समर्थन करने की अपील नहीं कर रहे हैं। हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि पहले फिल्म देखिए और फिर बताइए कि हमने क्या अच्छा किया और क्या नहीं.'
देव शर्मा और अंजलि अरोड़ा ने भी रखी बात
वहीं, फिल्म में श्रीराम का रोल प्ले कर रहे देव शर्मा ने कहा कि अगर किसी दर्शक को फिल्म देखने के बाद उनका काम पसंद नहीं आता, तो वह उसकी राय का सम्मान करेंगे. लेकिन फैसला अपनी सोच से होना चाहिए, किसी मीम या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर नहीं. वहीं माता सीता का रोल निभा रहीं अंजलि अरोड़ा ने कहा कि उनकी कास्टिंग का ऐलान होते ही कई लोगों ने फिल्म देखे बिना राय बना ली थी. उन्होंने कहा कि दर्शकों को पहले उनका काम देखना चाहिए और उसके बाद फैसला करना चाहिए.
मेकर्स का आखिरी मैसेज
फिल्म की टीम का कहना है कि वो किसी से भी निगेटिव रिव्यू हटाने की मांग नहीं कर रहे हैं और न ही हर ट्रोलिंग को साजिश बता रहे हैं. उनका सवाल सिर्फ उन दावों से है, जिनमें फिल्म में मौजूद नहीं चीजों को भी फिल्म का हिस्सा बताकर फैलाया जा रहा है. मेकर्स ने दर्शकों से अपील करते हुए कहा- 'हमारी बात मत मानिए, विरोध करने वालों की बात भी मत मानिए. फिल्म खुद देखिए और अपना फैसला खुद कीजिए.'
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