तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने जोर देकर कहा कि द्रविड़ मॉडल सरकार की उपलब्धियों के कारण तमिलनाडु अन्य राज्यों से आगे निकल पाया है। साथ ही उन्होंने आज विधानसभा की कार्यवाही के दौरान राज्यपाल के आचरण पर गहरी नाराजगी भी व्यक्त की। राज्य विधानसभा में बोलते हुए स्टालिन ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के निरंतर कार्यान्वयन के कारण तमिलनाडु ने गौरव प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने अन्य राज्यों की तुलना में अधिक विकास किया है। इसका कारण हमारी योजनाएं हैं। इस सरकार की बात करें तो एक उपलब्धि हासिल करने के बाद उससे भी बड़ी उपलब्धि हासिल होती है। लगातार उपलब्धियां हासिल करना द्रविड़ मॉडल सरकार की पहचान है।
स्टालिन ने राज्यपाल आर.एन. रवि की कड़ी आलोचना करते हुए उन पर बार-बार व्यवधान डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल सरकार के खिलाफ काम कर रहे हैं। वे बार-बार एक ही कारण बताते हैं और विधानसभा से बाहर चले जाते हैं। मैं राष्ट्र और राष्ट्रगान के प्रति गहरा सम्मान रखने वाला व्यक्ति हूं। देशभक्ति पर हमें उपदेश देने की किसी को जरूरत नहीं है। राज्यपाल की हरकतें मुझे दुखी करती हैं। विधानसभा में परंपरा है कि शुरुआत में तमिल थाई वझथु और अंत में राष्ट्रगान गाया जाता है।
अपने पहले कार्यकाल पर विचार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता ग्रहण करने से खुशी तो मिली, लेकिन पिछले दशक के शासन के कारण हुए नुकसान के बीच वादों को पूरा करने की चिंता भी पैदा हुई। उन्होंने कहा, “हालांकि, पांच साल बाद मैं खुश हूं। मैं खुश हूं क्योंकि जनता खुश है।” उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार ने लोगों के जीवन में एक नई सुबह लाई है। स्टालिन ने कई प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना "विदियाल पयानम", कलाइग्नार मगलीर उरिमाई थोगई मासिक सहायता, पोंगल के लिए 3,000 रुपये की राहत, सुनिश्चित पेंशन योजना और 10 लाख छात्रों को लैपटॉप वितरण शामिल हैं। उन्होंने कलाइग्नार शताब्दी पुस्तकालय, किलंबक्कम बस टर्मिनस, सड़क विकास, चेक डैम और पेयजल योजनाओं जैसी अवसंरचना परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है, महिला स्वयं सहायता समूहों को 1.34 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया है, 8,000 करोड़ रुपये की मंदिर संपत्तियों की वसूली की है और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए 5,00 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
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