Nodia Engineer Death Case: डैश कैम की चिप को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा, मोबाइल के साथ कई साक्ष्य सामने आए
इसी बीच एक और बड़ी खबर नोएडा सेक्टर 150 मामले से जुड़ी हुई पुलिस और फॉरेंसिक टीम अब टेक्निकल जांच में जुट गई है. इंजीनियर के मोबाइल और कार में लगे डैश कैम की जांच की जा रही है. डैश कैम की चिप को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. यह बड़ी अपडेट है. इस घटना के बाद से नोएडा अथॉरिटी पर कई सवाल खड़े हुए. उसमें कई अधिकारियों को सस्पेंड किया गया और साथ ही अब एसआईटी का गठन हुआ है. तो एसआईटी इस पूरे मामले की जांच को विस्तार दे रही है. पुलिस और फॉरेंसिक टीम अब टेक्निकल जांच को आगे बढ़ा रही है. डैश कैम की चेकिंग की जा रही है और मोबाइल के अलावा और भी जो वहां पर साक्ष्य मिले हैं उन्हें जांचा जा रहा है.
नोएडा पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है
डैश कैम की जो चिप है उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. गेट नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर की मौत के मामले को लेकर नोएडा पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है. नोएडा पुलिस की ओर से अब तक दो एफआईआर दर्ज की गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं फॉरेंसिक टीम मृतक इंजीनियर युवराज के मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज चुकी है. पुलिस टीम ने जो गाड़ी के डैशबोर्ड में लगा कैमरा था उस कैमरे की चिप को भी हासिल किया है. कैमरे की चिप को फॉरेंसिक टीम को जांच करने के लिए दे दिया है ताकि जो कैमरे में रिकॉर्डिंग हुई घटना के समय की वास्तविक जानकारी पुलिस को पता लग सके. उस रिकॉर्डिंग के आधार पर गाड़ी की रफ्तार कितनी थी, गाड़ी जब पानी में गई तो कितनी देर तक बाहर रही?
जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी
तमाम चीजों के बारे में जानकारी गाड़ी के अंदर लगा जो कैमरा है. डैशबोर्ड कैमरा उससे साफ हो सकती है और पुलिस की जो जांच की थ्योरी है इस पूरे मामले में अभी तक स्पीड ज्यादा थी या स्पीड ब्रेकर पर डिसबैलेंस हुए या कोहरे की वजह से गाड़ी पानी में गई तो तमाम एंगल्स जो हैं वो डैशबोर्ड वेबक की रिकॉर्डिंग से अब साफ हो सकते हैं. फॉरेंसिक टीम के की ओर से दी गई इस चिप की रिपोर्ट आने का फिलहाल पुलिस को इंतजार है और हर एंगल पर जो आरोपी फरार हैं. उन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की ओर से कई टीमों का गठन किया है. जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी.
नोएडा अथॉरिटी में नया बदलाव, कृष्णा करुणेश बनाए गए नए CEO
Noida Engineer Death Case: नोएडा के इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद से ही नोएडा अथॉरिटी सुर्खियों में है. इस वक्त इस मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल युवराज की मौत के बाद नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटा दिया गया था. अब इस मामले में नए CEO की नियुक्ति की गई है. कृष्णा करुणेश ने बतौर नोएडा अथॉरिटी के नए सीईओ के रूप में पदभार संभाला है. आइए जानते हैं कौन कृष्णा करुणेश जो बड़े हादसे के बाद नोएडा अथॉरिटी की कमान संभालेंगे.
ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने न सिर्फ आम लोगों को झकझोर दिया, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए. हादसे में युवराज की कार नाले में जा गिरी थी और कई घंटों तक मदद न मिलने के कारण उसकी जान चली गई. परिवार और स्थानीय लोगों ने नोएडा विकास प्राधिकरण पर लापरवाही के आरोप लगाए, जिसके बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना रहा. बढ़ते दबाव और जन आक्रोश के बीच सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को बदल दिया है.
नोएडा अथॉरिटी को मिला नया नेतृत्व
सरकार ने आईएएस अधिकारी कृष्णा करुणेश को नोएडा अथॉरिटी का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है. यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है, जब प्राधिकरण की कार्यशैली, सुरक्षा इंतजामों और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं. माना जा रहा है कि यह बदलाव प्रशासनिक सख्ती और व्यवस्था सुधार की दिशा में एक अहम कदम है.
Noida Authority New CEO : नोएडा अथॉरिटी के नए सीईओ बने Krishna Karunesh#NoidaEngineerDeath #YuvrajDeathCase #NoidaAuthority #NewCEO #KrishnaKarunesh #BreakingNews #NoidaNews #UPNews pic.twitter.com/Lh8pEN977G
— News Nation (@NewsNationTV) January 24, 2026
कौन हैं आईएएस कृष्णा करुणेश
कृष्णा करुणेश 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. वह मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश प्रशासन में अपनी तेज़ कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं. जून 2022 में उन्हें गोरखपुर जिले का जिलाधिकारी (DM) बनाया गया था, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसलों और सख्त प्रशासनिक कदमों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.
प्रशासनिक अनुभव से भरा करियर
अपने करियर के दौरान कृष्णा करुणेश कई अहम पदों पर रह चुके हैं. उन्होंने गाजियाबाद में उप-जिलाधिकारी (SDM) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के रूप में काम किया है. इसके अलावा वे हापुड़ और बलरामपुर जैसे जिलों में भी जिलाधिकारी की जिम्मेदारी निभा चुके हैं. अलग-अलग जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को चुस्त-दुरुस्त करने पर जोर दिया.
शिक्षा और कार्यशैली
शैक्षणिक रूप से भी कृष्णा करुणेश काफी मजबूत पृष्ठभूमि रखते हैं. उन्होंने एमए (MA) किया है और साथ ही एलएलबी (LLB) की डिग्री भी हासिल की है. कानून और प्रशासन दोनों की समझ रखने वाले अधिकारी के रूप में उनकी छवि बनी हुई है. सहयोगी अधिकारी और कर्मचारी उन्हें तेज फैसले लेने वाला और काम को समय पर पूरा करने वाला अधिकारी मानते हैं.
नई जिम्मेदारी, बड़ी उम्मीदें
नोएडा अथॉरिटी के सीईओ के रूप में कृष्णा करुणेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती व्यवस्था में भरोसा बहाल करना है. युवराज मेहता हादसे के बाद लोगों की निगाहें अब प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर टिकी हैं. उम्मीद की जा रही है कि नए सीईओ के नेतृत्व में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और जवाबदेही को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे.
यह भी पढ़ें - Nodia Engineer Death Case: युवराज की मौत मामले में सामने आए दो नए वीडियो, रेस्क्यू टीम पर उठे सवाल
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation















.jpg)








