एशियाड क्वार्टर फाइनल हार के बाद सिंधु का इमोशनल पोस्ट:लिखा-एक दर्दनाक नतीजा मेरे सफर को बयान नहीं कर सकता, बिजी शेड्यूल पर भड़कीं
एशियन गेम्स से बाहर होने के बाद पीवी सिंधु ने सोशल मीडिया पर इमोशनल पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि वह हार से दुखी हैं, लेकिन एक दर्दनाक नतीजा उनके 12 साल के एशियन गेम्स सफर को तय नहीं कर सकता। दो बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट 27 सितंबर को विमेंस सिंगल्स के क्वार्टरफाइनल में चीन की चेन यूफेई से 21-11, 18-21, 10-21 से हार गई थीं। 'क्वार्टरफाइनल में जीत से तीन अंक दूर थी सिंधु ने लिखा, ‘मुझे इसे शब्दों में कहने के लिए थोड़ा समय चाहिए था। मेरा एशियन गेम्स अभियान खत्म हो गया है और मैं दुखी हूं। क्वार्टरफाइनल में जीत से सिर्फ तीन अंक दूर थी। मैं बार-बार उन्हीं तीन अंकों के बारे में सोच रही हूं।’ सिंधु ने कहा कि चीन में खेले हालिया मुकाबले की तरह इस मैच में भी अहम मौकों पर लंबी और कड़ी रैलियां निर्णायक साबित हुईं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास मौका था, लेकिन उसे गंवाना दुख देता है।’ 18 घंटे में तीन मैच खेले, शरीर पर असर पड़ा सिंधु ने एशियन गेम्स के शेड्यूल पर भी बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें 18 घंटे के अंदर तीन मैच खेलने पड़े। सिंधु ने कहा कि उनकी टीम पहले ही उन मौकों पर काम कर रही है, जहां मैच को अपने पक्ष में खत्म करने में चूक हुई। उन्होंने कहा कि मैं दुखी हूं, लेकिन यह ठीक है। मुझे खुशी है कि यह अब भी मेरे लिए इतना मायने रखता है कि इतना दर्द हो रहा है। मैं अब भी इसे चाहती हूं। मैं अब भी कोर्ट पर अपना सब कुछ देती हूं। यही भावना मुझे आगे बढ़ाती है। 2014 से चौथे एशियन गेम्स तक का सफर याद किया सिंधु ने अपने 12 साल के एशियन गेम्स सफर को भी याद किया। उन्होंने लिखा, ‘गर्व करने की भी वजह है। 2014 में अपने पहले एशियन गेम्स से लेकर अब चौथे गेम्स तक, 12 साल भारत के लिए अपना सब कुछ दिया है। एक दर्दनाक नतीजा उस सफर को तय नहीं कर सकता, जो मेरे लिए इतना मायने रखता है।’ सिंधु ने फैन्स का शुक्रिया अदा किया सिंधु ने देर रात तक जागकर उनका मैच देखने और समर्थन करने वाले फैन्स का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, ‘उन सभी लोगों का धन्यवाद, जो देर रात तक जागे, चीयर किया और मुझ पर विश्वास रखा। मैं भी उन आखिरी तीन अंकों को हमारे लिए जीतना चाहती थी। मेरे साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद। मैं फिर कोशिश करूंगी।’ ------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली ने पहली बार एक इनिंग में 9 सिक्स लगाए:सबसे तेज 15 हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने, भारत में 42वां शतक लगाया भारत ने रविवार को तिरुवनंतपुरम में पहले वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। विराट कोहली ने अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया। उन्होंने नाबाद 139 रन की पारी खेली। पूरी खबर
ट्रम्प बोले- ईरान के खिलाफ जल्द जंग जीतेंगे:युद्ध खत्म होते ही तेल की कीमतें गिरेंगी; मिडटर्म चुनाव से पहले फिर हमले की संभावना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द जीत जाएगा। ट्रम्प ने रविवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होते ही दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। ट्रम्प ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना अमेरिका का सबसे बड़ा लक्ष्य है। ट्रम्प से पूछा गया कि क्या मिडटर्म चुनाव से पहले अमेरिकी सैन्य हमले फिर शुरू हो सकते हैं। उन्होंने इसकी संभावना से इनकार नहीं किया। ट्रम्प ने कहा, “यह संभव है, लेकिन मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता।” ट्रम्प बोले- सैन्य मोर्चे पर हम पहले ही जीत चुके ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई और आर्थिक प्रतिबंधों, दोनों के जरिए ईरान पर दबाव बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि सैन्य मोर्चे पर अमेरिका पहले ही जीत चुका है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि कार्रवाई पूरी तरह रुक गई है। ईरान की अर्थव्यवस्था पर ट्रम्प ने कहा कि उसकी मुद्रा की कीमत गिर गई है और महंगाई तेजी से बढ़ी है। उन्होंने ईरान में महंगाई दर करीब 300% होने का दावा किया। ईरान बोला- विनाशकारी जंग के लिए तैयार ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उनका देश जंग दोबारा शुरू होने की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। NBC न्यूज के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ में उन्होंने कहा, “हम किसी भी नए हमले का मजबूती से सामना करेंगे, भले ही यह विनाशकारी जंग में बदल जाए।” अराघची ने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा। हालांकि, उन्होंने बातचीत का रास्ता खुला रखते हुए कहा कि शांति का कोई भी मौका नहीं गंवाना चाहिए। उनके मुताबिक, अब यह फैसला ट्रम्प को करना है कि वे कूटनीति चुनते हैं या युद्ध का रास्ता अपनाते हैं। ईरान ने जंग खत्म करने को 7 दिन का प्रस्ताव रखा था ईरान ने जंग खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने सात दिन का प्रस्ताव रखा था। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने की बात शामिल थी। अमेरिका ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। अराघची के मुताबिक, ईरान समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए तैयार है। इसके बदले वह विदेशों में जमा अपनी संपत्तियों और पैसों पर लगी रोक हटाने और अपना तेल बेचने की अनुमति चाहता है। उन्होंने कहा कि ये मांगें जून में अस्थायी सीजफायर के लिए हुए समझौता ज्ञापन (MoU) जैसी हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से जवाबी हमलों के बाद वह समझौता टूट गया था।
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