'बॉर्डर-2' के दीवाने हुए नील नितिन मुकेश, गर्व और सम्मान के साथ फिल्म बनाने के लिए पूरी टीम को दी बधाई
मुंबई, 24 जनवरी (आईएएनएस)। सनी देओल और मल्टीस्टारर फिल्म 'बॉर्डर-2' 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और पहले ही दिन फिल्म ने 30 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया है।
इंडिगो ने 16 एयरपोर्ट्स पर 717 फ्लाइट स्लॉट्स छोड़े:मुंबई में 236 और दिल्ली में 150 उड़ानें कम हुईं, कोहरे के कारण DGCA ने दिया था आदेश
अगले कुछ दिनों में अगर आप इंडिगो से कहीं जाने का प्लान कर रहे हैं तो आपको फ्लाइट के ऑप्शन कम मिलेंगे। क्योंकि, देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने भारत के अलग-अलग डोमेस्टिक एयरपोर्ट्स पर अपने 717 स्लॉट्स सरेंडर कर दिए हैं। यह कदम डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के उस फैसले के बाद उठाया गया है, जिसमें ऑपरेशनल दिक्कतों और सर्दियों में कोहरे के कारण होने वाली देरी को देखते हुए इंडिगो के विंटर शेड्यूल में कटौती की गई थी। एविएशन मिनिस्ट्री ने संसद में यह डेटा शेयर किया है। मुंबई और दिल्ली एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा असर इंडिगो ने कुल 16 एयरपोर्ट्स पर अपने स्लॉट्स छोड़े हैं। इसमें सबसे ज्यादा 236 स्लॉट्स मुंबई एयरपोर्ट पर कम हुए हैं। इसके बाद दिल्ली का नंबर आता है, जहां 150 स्लॉट्स सरेंडर किए गए हैं। बेंगलुरु में 84, हैदराबाद में 68 और पुणे में 48 स्लॉट्स छोड़े गए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, गोवा, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता और जयपुर जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ श्रीनगर, पटना, रांची और रायपुर जैसे छोटे एयरपोर्ट्स पर भी फ्लाइट्स कम हुई हैं। कोहरा और उड़ानों में देरी बनी बड़ी वजह DGCA ने इंडिगो के विंटर शेड्यूल में कटौती का फैसला सर्दियों के दौरान उत्तर भारत में छाने वाले घने कोहरे को देखते हुए लिया था। कोहरे की वजह से अक्सर विजिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे उड़ानों में भारी देरी और ऐन वक्त पर कैंसिलेशन होता है। रेगुलेटर का मानना है कि शेड्यूल में कमी करने से एयरलाइन के 'ऑन-टाइम परफॉर्मेंस' (OTP) में सुधार होगा और यात्रियों को होने वाली असुविधा कम की जा सकेगी। इंडिगो ने कहा- नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं स्लॉट्स सरेंडर करने पर इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा, "हमने रेगुलेटर्स के सभी निर्देशों का पालन किया है और सलाह के अनुसार स्लॉट्स सरेंडर कर दिए हैं।" एयरलाइन ने यह भी कहा कि वे एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि उपलब्ध स्लॉट्स का सही इस्तेमाल हो सके और ऑपरेशंस सुचारू रूप से चलें। बाजार की हिस्सेदारी और चुनौतियां इंडिगो के पास भारतीय घरेलू बाजार का 60% से ज्यादा हिस्सा है। हालांकि, पिछले कुछ समय से एयरलाइन ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना कर रही है। इसमें क्रू (स्टाफ) की कमी, सप्लाई चेन की समस्याओं के कारण कुछ विमानों का जमीन पर खड़ा होना (ग्राउंडिंग) और मौसम के कारण होने वाली बाधाएं शामिल हैं। इन चुनौतियों के बीच DGCA के इस सख्त कदम को यात्रियों के हित में देखा जा रहा है। असर: स्लॉट खाली होने से दूसरी एयरलाइंस को फायदा मिलेगा उड़ानों में कटौती से पीक विंटर सीजन के दौरान यात्रियों के पास कुछ रूट्स पर फ्लाइट्स के ऑप्शन कम हो सकते हैं। हालांकि, मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि डोमेस्टिक सेक्टर में कैपेसिटी पर्याप्त है। उम्मीद है कि इंडिगो के छोड़े गए स्लॉट्स अब एयर इंडिया, अकासा एयर और स्पाइसजेट जैसी दूसरी एयरलाइंस को दिए जाएंगे, जिससे वे अपना नेटवर्क बढ़ा सकेंगी। क्या होता है एयरपोर्ट स्लॉट? एयरपोर्ट स्लॉट एक तरह का 'टाइम परमिशन' है। यह किसी एयरलाइन को एक तय समय पर एयरपोर्ट से विमान उड़ाने (Take-off) या उतारने (Landing) की अनुमति देता है। व्यस्त एयरपोर्ट्स पर स्लॉट्स की काफी डिमांड होती है और इनकी संख्या सीमित होती है। ------------- फ्लाइट्स कैंसिल होने से इंडिगो का मुनाफा 78% घटा: अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में ₹550 करोड़ रहा, दिसंबर में 2,507 फ्लाइट्स कैंसिल हुई थीं दिसंबर में पायलटों की कमी और 2500 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल होने से इंडिगो का मुनाफा 78% कम हो गया है। इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में सिर्फ 550 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) हुआ है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 2,448 करोड़ रुपए रहा था। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इंडिगो का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 6.2% बढ़कर 23,471 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 22,110 करोड़ रुपए रहा था। इंडिगो ने आज गुरुवार (22 जनवरी) को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। पूरी खबर पढ़ें...
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