बॉलीवुड का वो गाना जिसमें एक साथ नजर आए दर्जनों सितारे, शूटिंग में लगे थे पूरे 7 दिन, जानें नाम
Bollywood Song John Jani Janardhan: क्या आपने कभी सोचा है कि बॉलीवुड का वप कौन-सा गाना है, जिसमें एक साथ इतने ज्यादा सितारे नजर आए कि उन्हें गिनते-गिनते थक जाएं? हिंदी सिनेमा में कई गाने फिल्मों से भी ज्यादा मशहूर हो जाते हैं, लेकिन एक 6.28 मिनट का गाना ऐसा है, जिसने स्टार पावर और भव्यता के मामले में इतिहास रच दिया. इस गाने को शूट करने में पूरे सात दिन लगे थे, जबकि आमतौर पर गानों की शूटिंग एक-दो दिन में पूरी हो जाती है. यही वजह है कि ये गाना आज भी बॉलीवुड के सबसे यादगार गानों में गिना जाता है.
कौन-सा है वो ऐतिहासिक गाना?
जिस गाने की बात हो रही है, वह है 1981 में रिलीज हुई फिल्म ‘नसीब’ का सुपरहिट सॉन्ग ‘जॉन जानी जनार्दन’. मनमोहन देसाई के निर्देशन में बने इस गाने ने उस दौर के लगभग पूरे बॉलीवुड को एक ही फ्रेम में समेट दिया था. फिल्म ‘नसीब’ में अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, शत्रुघ्न सिन्हा, रीना रॉय, ऋषि कपूर और कादर खान अहम भूमिकाओं में थे, लेकिन इस गाने की खासियत इसके कैमियो अपीयरेंस थे.
सितारों से सजा था ‘जॉन जानी जनार्दन’
इस गाने में अमिताभ बच्चन के साथ-साथ राज कपूर, धर्मेंद्र, वहीदा रहमान, शम्मी कपूर, रणधीर कपूर, बिंदू, प्रेम चोपड़ा, राजेश खन्ना, शर्मिला टैगोर, राकेश रोशन सहित कई बड़े और छोटे कलाकार नजर आए थे. यहां तक कि कई जूनियर आर्टिस्ट्स ने भी इसमें रंग जमाया था. इतने सारे सितारों की मौजूदगी, भव्य सेट, कोरियोग्राफी और कैमरा वर्क के चलते इस गाने की शूटिंग में पूरे सात दिन लग गए थे.
संगीत, बोल और आवाज ने बनाया क्लासिक
‘जॉन जानी जनार्दन’ का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था, जबकि इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे. दिग्गज गायक मोहम्मद रफी की आवाज ने इस गाने को और भी यादगार बना दिया. शानदार म्यूज़िक, दमदार लिरिक्स और दर्जनों सितारों की मौजूदगी ने इसे रातों-रात सुपरहिट बना दिया.
शाहरुख खान की फिल्म में भी दिखा यही कॉन्सेप्ट
‘जॉन जानी जनार्दन’ की सफलता के बाद बॉलीवुड में मल्टी-स्टार कैमियो गानों का ट्रेंड शुरू हुआ. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है शाहरुख खान की 2007 की फिल्म ‘ओम शांति ओम’ का गाना ‘दीवानगी दीवानगी’. इस गाने में सलमान खान, सैफ अली खान, गोविंदा, मिथुन चक्रवर्ती, धर्मेंद्र, रानी मुखर्जी, काजोल, करिश्मा कपूर सहित कई सितारे नजर आए थे.
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पीरियड्स की ऐंठन, सूजन और दर्द अब नहीं करेंगे परेशान, इन योगासनों से दूर होगी तकलीफ
नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। नेशनल गर्ल चाइल्ड डे कैलेंडर का वह अहम दिन है, जो बेटियों की हिम्मत, ताकत और जज्बे को सम्मान देता है। यह दिन बेटियों के महत्व को रेखांकित करता है। लड़कियों को जीवन के कई पड़ावों पर शारीरिक और मानसिक चुनौतियों से गुजरना पड़ता है। इन्हीं में से एक चुनौती पीरियड्स के दौरान होने वाला असहनीय दर्द भी है, जो अक्सर उनके दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। ऐसे समय में राहत और सुकून देने में योगासन एक प्रभावी और प्राकृतिक उपाय के रूप में सामने आते हैं।
लड़कियों के लिए पीरियड्स के दौरान दर्द, ऐंठन, सूजन और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं आम हैं, जो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती हैं। योग एक्सपर्ट का मानना है कि नियमित योगासन इन समस्याओं से काफी राहत दिला सकते हैं। योग से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन का स्राव बढ़ता है, जो प्राकृतिक दर्द निवारक का काम करता है। इससे दर्द कम होता है, मूड बेहतर बनता है और थकान भी घटती है।
कई ऐसे हल्के और आरामदायक योगासन हैं, जिनका अभ्यास पीरियड्स के दौरान भी सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है। इससे पेल्विक क्षेत्र में रक्त संचार बेहतर होता है, मांसपेशियां रिलेक्स होती हैं जिससे ऐंठन में कमी आती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तेजी से किए जाने वाले व्यायाम से बचें और केवल हल्के योगासन चुनें। नियमित अभ्यास से पीरियड्स की तकलीफें कम हो सकती हैं और सेहतमंद के साथ ही उन दिनों में एनर्जी भी मिलती है।
बालासन या चाइल्ड पोज :- यह आसन पीरियड्स के दौरान बहुत राहत देता है। घुटनों के बल बैठकर आगे झुकें, माथा जमीन पर टिकाएं और हाथ आगे फैलाएं। इससे कमर और पेट की मांसपेशियां आराम पाती हैं, दर्द और ऐंठन कम होती है। 1-2 मिनट तक इस मुद्रा में रहें। यह सूजन को भी घटाता है और मन को शांत करता है।
सुप्त बद्ध कोणासन या रिलाइनिंग बटरफ्लाई पोज :- पीठ के बल लेटकर पैरों के तलवे आपस में जोड़ें और घुटनों को बाहर की ओर खोलें। हाथों से सहारा लें। इससे पेल्विक क्षेत्र में रक्त प्रवाह बढ़ाता है और ऐंठन के साथ ही सूजन से राहत देता है। इसका अभ्यास 5 से 10 मिनट तक करें।
अपानासन :- पीठ के बल लेटकर दोनों घुटनों को छाती से लगाएं और हाथों से उन्हें पकड़ें। धीरे-धीरे हिलाएं। यह पेट की ऐंठन को शांत करता है, गैस और सूजन कम कर दर्द में तुरंत राहत देता है।
मार्जरीआसन-बितिलासन या कैट-काउ पोज :- चारों हाथ-पैरों पर आकर पीठ को ऊपर-नीचे करें। सांस के साथ तालमेल बनाएं। यह रीढ़ को लचीला बनाता है, कमर के दर्द को कम करता है और पूरे शरीर में एंडोर्फिन बढ़ाता है। पीरियड्स में मूड स्विंग्स भी नियंत्रित होते हैं।
सुप्त मत्स्येंद्रासन :- इसके अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर एक घुटने को दूसरी तरफ मोड़ें और विपरीत हाथ से दबाएं। यह पेट की मरोड़ को दूर करता है, सूजन घटाता है और दर्द से राहत देता है। दोनों तरफ 30-60 सेकंड करना चाहिए।
योगासन को दिनचर्या में शामिल कर पीरियड्स की समस्याओं पर नियंत्रण संभव है। हालांकि, इस बात का विशेष ख्याल रखें कि शरीर या पेट पर दबाव न पड़े और दर्द, सूजन ज्यादा होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
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