CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा पत्र फर्जी, Election Commission ने किया स्पष्ट
निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के कथित त्यागपत्र को रविवार को ‘फर्जी’ करार दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित और कुमार के कथित हस्ताक्षर वाले एक पत्र को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त पद से उनके इस्तीफे की घोषणा का दावा किया गया था। इस कथित ‘‘त्यागपत्र’’ पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने इसे ‘‘फर्जी’’ बताया।
विपक्ष, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर निर्वाचन आयुक्तों एस एस संधू और विवेक जोशी तथा कुमार के बीच कथित मतभेदों की खबर के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। निर्वाचन आयोग ने शनिवार को बताया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े सभी आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बाद ही जारी किए गए हैं। आयोग ने यह भी बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।
भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने पर जुटा, Rajnath Singh ने चुनौतियों के बीच जताया अडिग संकल्प
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है और इस राह में चुनौतियां होंगी, लेकिन देश का संकल्प अडिग है। सिंह ने कहा कि भारत अगले दो दशकों के युद्ध को ध्यान में रखते हुए अपनी क्षमताओं को सुदृढ़ कर रहा है। पाकिस्तान की ओर परोक्ष इशारा करते हुए सिंह ने यह भी कहा कि जब तक ‘‘हमारा पड़ोसी देश आतंकवाद को सरकार की नीति के रूप में जारी रखता है, तब तक भारत उसके खिलाफ हर तरह की कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।’’ सिंह ‘एनडीटीवी रक्षा सम्मेलन’ के एक सत्र को संबोधित कर रहे थे।
इस सत्र में थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सशस्त्र बलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज का युद्ध केवल सैनिक बनाम सैनिक का मामला नहीं है, बल्कि यह कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि इसमें जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सूचना युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन और सटीक मारक हथियार शामिल हैं।
सिंह ने यह भी कहा कि भारत एक ऐसी सभ्यतागत शक्ति है, जिसका उदय टकराव या व्यवधान के बजाय समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य बिना किसी विघटन के आगे बढ़ना और संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव लाना है। अपने संबोधन के दौरान सिंह ने यह भी कहा कि जो राष्ट्र प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नेतृत्व करेगा, उसे युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल होगी।
उन्होंने पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति के साथ-साथ सशस्त्र बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए उठाए गए कुछ कदमों को भी रेखांकित किया। विश्व व्यवस्था में भारत की स्थिति पर सिंह ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हम एक सभ्यतागत शक्ति हैं। हमारे उत्थान का उद्देश्य किसी दूसरे देश को पीछे छोड़ना या मौजूदा व्यवस्था को खत्म करना नहीं है; बल्कि यह सामूहिक और समावेशी विकास के बारे में है।
हमारा लक्ष्य है - बिना विघटन के उत्थान, संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी दुनिया की कल्पना करते हैं, जहां भारत आगे बढ़े और पूरी दुनिया भी हमारे साथ आगे बढ़े।
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