Surya Gochar 2026: सावन के पहले सोमवार को सूर्य का बड़ा गोचर, अश्लेषा नक्षत्र में बैठ कौन-कौन सी राशियों को देंगे लाभ?
Surya Gochar 2026: सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है. जब भी इनकी चाल में परिवर्तन होता है तो उसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है. आज सूर्य का गोचर होने वाला है. सावन के पहले सोमवार पर बने इस शुभ संयोग को अत्यंत खास माना जा रहा है. ज्योतिषाचार्य हरीगोपाल शर्मा बताते हैं कि सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन भी एक महत्वपूर्ण खगोलिय घटना होती है. बता दें कि आज से 17 अगस्त 2026 तक सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में रहने वाले हैं. इसके बाद सूर्य का मघा नक्षत्र में प्रवेश हो जाएगा. सूर्य के नक्षत्र गोचर से कई राशियों को लाभ होने वाला है. सूर्य को गोचर इन राशियों के लिए अच्छे दिन लेकर आने वाला है. दरअसल, अश्लेषा नक्षत्र बुध का नक्षत्र है. बुध और सूर्य के संबंध मैत्री वाले हैं. इससे रिश्तों में सुधार होता है और सफलताओं का आगमन होता है. चलिए जानते हैं सूर्य के गोचर से कौन-कौन सी राशियों को लाभ होगा. जानें विस्तार से.
सूर्य के गोचर से इन राशियों को लाभ होगा
1.वृषभ राशि
सूर्य के गोचर से वृषभ राशि के लोगों को लाभ होने वाला है. इस राशि के लोगों के जीवन में आत्मविश्वास की बढ़ोतरी होगी. करियर में इन लोगों को नए मौके मिलने वाले हैं. व्यापारी वर्ग के लोगों को इस अवधि में कोई नई डील मिल सकती है. इसे साइन करते ही उन्हें तगड़ा मुनाफा होगा. वृषभ राशि के जातकों के परिवार में भी खुशहाली का माहौल बन रहा है. इन्हें सूर्य के गोचर से कई प्रकार से सफलताएं मिलेगी.
2.कन्या राशि
इस राशि के लोगों को सूर्य के नक्षत्र से लाभ होगा. यह गोचर इनके लिए सिद्धकारी और हितकारी होने वाला है. इन्हें इस अवधि में पुराना और अटका हुआ पैसा मिलेगा. करियर में सफलता मिलने वाली है. सूर्य का अशलेषा नक्षत्र में प्रवेश इस राशि के जीवन में खुशियां लेकर आने वाला है.
3.वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लोगों को सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से तरक्की के योग बन रहे हैं. इन लोगों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलने वाली है. इन्हें शुभ परिणाम मिलने वाले हैं. कारोबार में भी इस राशि के लोगों को लाभ मिलने वाला है. इन्हें भाग्य का पूरा साथ मिलने वाला है. ये समय बचत करने का है. सेहत भी सुधरने वाली है.
अश्लेषा नक्षत्र का महत्व
वैदिक ज्योतिष में अश्लेषा नक्षत्र को नौवां नक्षत्र माना जाता है. यह कर्क राशि का नक्षत्र है, जिसके स्वामी बुध ग्रह है. इस नक्षत्र के देवता नाग हैं. इस नक्षत्र का प्रतीक कुंडलित साप है, जो रहस्य और शक्ति को दर्शाता है. कहते हैं कि जो लोग इस नक्षत्र में जन्म लेते हैं, वह अति बुद्धिमान होते हैं. इनका दिमाग बहुत तेज होता है. ये लोग राजनीति, ज्योतिष और रिसर्च के काम में जाते हैं. हालांकि, कभी-कभी इस नक्षत्र के जन्मे लोगों को नकारात्मकताओं का भी सामना करना पड़ता है क्योंकि बहुत तेज बुद्धि होने के चलते ये लोग शंकाएं बहुत करते हैं. इन्हें दूसरों पर अधिकार जमाने की आदत हो जाती है.
सूर्य का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश
सूर्य का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर होना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. हर साल 3 अगस्त से 17 अगस्त के बीच यह गोचर होता है. इस नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश देश और दुनिया के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस गोचर के प्रभाव से व्यक्ति के भीतर मानसिक तनाव, असमंजस और भ्रम की स्थिति पैदा होती है. इससे लोगों को रहस्यों को जानने की इच्छा रहती है. इस दौरान प्रेम संबंधों में भी अहंकार और शंका पैदा होगी. साथ ही इस गोचर के प्रभाव से मौसम में भी बड़ा बदलाव होता है. कई बार बहुत अधिक बारिश होती है तो कभी-कभी अत्यधिक उमस हो जाती है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
हेल्दी और टेस्टी नाश्ता चाहिए? 20 मिनट में तैयार करें सूजी का हलवा, हर निवाला होगा स्वाद से भरपूर
सुबह की शुरुआत अगर स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ते से हो, तो पूरा दिन ऊर्जा से भरपूर रहता है. ऐसे में सूजी का हलवा एक आसान और हेल्दी विकल्प है, जिसे कम समय और कम खर्च में घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
News18




















