शंकराचार्य विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री बोले-सनातन का मजाक न बनाएं:दोनों सनातनी हैं; आपस में बैठकर समझौता कर लें, बीच का रास्ता चुनें
कोटा में बागेश्वर धाम आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुई घटना के बारे में मुझे पूरी जानकारी नहीं है। मैं प्रयागराज नहीं जा पाया, लेकिन जो सोशल मीडिया पर देखा, उस हिसाब से यही कहेंगे कि सनातन का हास-परिहास न हो। दोनों पक्ष हमारे अपने हैं। दोनों सनातनी हैं। दोनों आपस में बैठकर समझौता कर लें। बीच का रास्ता चुनें। सनातन का हंसी-मजाक बनाने से कोई फायदा नहीं है। रामगंजमंडी में चल रही श्रीराम कथा के बाद शुक्रवार को धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया से बातचीत की। इससे पहले श्रीराम कथा में हनुमान जी का चरित्र सुनाया। गोमाता को बचाने का आह्वान करते हुए कहा- हिंदुओं तुम्हें देश बचाना है तो पहले गाय बचानी पड़ेगी। 'गोशाला नहीं उपाय, एक हिंदू एक गाय'। गाय गोशाला से नहीं प्राचीन पद्धति से बचेगी। जेनजी-अल्फा-बीटा जेनरेशन सोशल मीडिया में गंवा रही समय धीरेंद्र शास्त्री बोले- आज की जेनजी जेनरेशन या अल्फा-बीटा जेनरेशन सोशल मीडिया के चंगुल में फंसकर कीमती समय गंवा रहे हैं। हमने उनसे कहा कि रील में न फंसकर रियलटी में रहिए। ग्राउंड पर भी रहिए। जमीन से जुड़े रहिए। परिवार से रील व इंस्टाग्राम से ना जुड़ें, फैमिली से डायरेक्ट जुड़े रहें। इससे भावनाओं को समझा जा सकेगा, जिसका चित्र ठीक है, उसका चरित्र भी ठीक है। आज के जमाने में लोग कुत्ता पालने में गर्व समझते, गाय पालने में शर्म करते धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- आज के जमाने में लोग कुत्ता पालने में गर्व समझते हैं। गाय पालने में शर्म समझते हैं। देखो कितना विचित्र समय आ गया। सुबह-सुबह हमने कुत्ते घुमाने वाले देखे, आगे-आगे कुत्ता, पीछे-पीछे मालिक, समझ में नहीं आता। मालिक कुत्ता है, या कुत्ता मालिक है। जहां-जहां कुत्ता जाता, वहां वहां मालिक जाता। उन्होंने व्यंग करते हुए कहा- बताओ कभी कुत्तों से कहा गया कि तुम कुत्ते बन जाओ, पर इंसानों से जरूर कहा कि इंसान बन जाओ। पूछो क्यों... हम अपनी परंपराओं, मर्यादाओं, संस्कृति भूल रहे हैं। पहले के जमाने में घरों के बाहर लिखा रहता था। श्री गणेशाय नम:, शुभ-लाभ। समय बदला, अंग्रेजी का जमाना आया, लिखने लगे वेलकम। अब वह भी खत्म... अब लिखने लगे कुत्तों से सावधान। वहीं धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- मंत्री मदन दिलावर को धन्यवाद दे रहा हूं। उन्होंने रामगंजमंडी में हमारी कथा गोमाता के लिए रखी। उनका संकल्प है कि गांव में गो माता को बचाने के लिए प्राचीन परंपरा चालू हो। फिर से गोमाता को चराने वाले चरवाहे गांव-गांव में हों। गाय बचेगी तो राष्ट्र बचेगा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- गाय माता घर पर रहेगी तो तुम्हारी विपत्तियां कम होंगी। गाय होगी तो सनातन होगा। गाय बचेगी तो राष्ट्र बचेगा। इसलिए तीन दिन की हनुमान जी की कथा को गोमाता को समर्पित कर रहे हैं। मेरी एक बात याद रखना, समाज ऐसी व्यवस्था है। जहां सलाह थोक में मिलती है, पर सहायता जीरो है। यहां सलाह देने वाले मिलेंगे, सहायता देने वाले कम मिलेंगे,समाज बड़ा विचित्र हो गया। पहले आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने मंच के पीछे गाय और बछड़े का पूजन किया। गो ग्रास और हरा चारा खिलाया। इसके बाद पंडित आचार्य धीरेंद्र शास्त्री 20 वाल्मीकि समाज के लोगों से मुलाकात की और उनके मंच पर सम्मान किया। .............. ये खबर भी पढ़ें- धीरेंद्र शास्त्री से मिलने महिला भक्त कार की तरफ दौड़ी:महिलाओं के लिए कलश कम पड़े, 3 दिन करेंगे श्रीरामकथा; रामगंजमंडी में हुआ दीपोत्सव बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री कल से रामगंजमंडी में श्रीरामकथा का वाचन करेंगे। वे आज शाम को कोटा पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। इस दौरान महिला भक्त उनकी कार की तरफ दौड़ने लगी, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने रोका। खबर पढ़े
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