Frequent Nighttime Urination: रात में बार-बार पेशाब के लिए उठते हैं? इन 7 वजहों को न करें नजरअंदाज
Frequent Nighttime Urination: रात में एक बार पेशाब के लिए उठना कई लोगों के लिए सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर हर रात बार-बार नींद टूट रही है तो इसे केवल ज्यादा पानी पीने की वजह मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बार-बार पेशाब आने की समस्या नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है और सुबह उठने पर थकान महसूस हो सकती है।
रात में बार-बार पेशाब आने को मेडिकल भाषा में नॉक्टूरिया कहा जाता है। इसके पीछे सोने से पहले ज्यादा तरल पदार्थ लेना ही एकमात्र कारण नहीं है। उम्र बढ़ने, डायबिटीज, प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या, मूत्राशय की परेशानी, कुछ दवाओं और नींद से जुड़ी समस्याओं की भूमिका भी हो सकती है।
सोने से पहले ज्यादा पानी या तरल पदार्थ
रात में सोने के ठीक पहले ज्यादा पानी, चाय, कॉफी या अन्य तरल पदार्थ लेने से पेशाब बनने की मात्रा बढ़ सकती है। खासकर कैफीन वाले पेय मूत्रवर्धक प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए रात में सोने से कुछ घंटे पहले तरल पदार्थों का सेवन सीमित रखना मददगार हो सकता है।
डायबिटीज में बढ़ सकती है समस्या
ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। इसके साथ ज्यादा प्यास और बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। अगर रात में पेशाब के साथ बहुत ज्यादा प्यास, थकान या वजन कम होने जैसे लक्षण भी हैं तो ब्लड शुगर की जांच के बारे में डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
पुरुषों में प्रोस्टेट की समस्या
उम्र बढ़ने के साथ कुछ पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या हो सकती है। इससे मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने, पेशाब शुरू करने में परेशानी, कमजोर धार या बार-बार पेशाब आने जैसी शिकायत हो सकती है। रात में बार-बार उठना भी इसका एक लक्षण हो सकता है।
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
यूटीआई होने पर बार-बार पेशाब आने की इच्छा हो सकती है। इसके साथ पेशाब करते समय जलन, दर्द, बदबू या कभी-कभी बुखार भी हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई दें तो खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
पैरों में सूजन या शरीर में अतिरिक्त तरल
दिनभर पैरों में जमा हुआ अतिरिक्त तरल रात में लेटने पर रक्त प्रवाह में वापस आ सकता है। इसके बाद किडनी अतिरिक्त तरल को फिल्टर करती है और रात में पेशाब बढ़ सकता है। पैरों में लगातार सूजन रहने पर इसके कारण की जांच कराना जरूरी है।
कुछ दवाओं का असर
कुछ दवाएं, विशेषकर ऐसी दवाएं जो शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर निकालती हैं, पेशाब की मात्रा बढ़ा सकती हैं। यदि दवा शुरू करने के बाद रात में पेशाब बढ़ गया है तो दवा का समय बदलने या उसे बंद करने का फैसला खुद न लें। डॉक्टर से बात करें।
नींद से जुड़ी समस्या
कई बार व्यक्ति पहले पेशाब की वजह से नहीं, बल्कि नींद टूटने के कारण जागता है और जागने के बाद पेशाब करने चला जाता है। स्लीप एपनिया जैसी कुछ नींद संबंधी समस्याओं का भी नॉक्टूरिया से संबंध पाया गया है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर लगातार कई दिनों या हफ्तों तक रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़ रहा है, नींद प्रभावित हो रही है या इसके साथ अत्यधिक प्यास, पेशाब में जलन, खून, दर्द, पैरों में सूजन या पेशाब करने में परेशानी जैसे लक्षण हैं तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। कारण के अनुसार ब्लड शुगर, यूरिन टेस्ट या अन्य जांच की जरूरत पड़ सकती है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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Delhi Police ने गैंगस्टर Kapil Sangwan के नाम पर रंगदारी मांगने वाले दो आरोपियों को पकड़ा
दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के नाम पर जबरन वसूली गिरोह चलाने और एक व्यापारी से तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी डर पैदा करने के लिए लक्षित लोगों के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कथित तौर पर गोलीबारी की योजना भी बना रहे थे।
उन्होंने बताया कि द्वारका में रहने वाले रोहित अरोड़ा (47) और उत्तम नगर निवासी सुधीर गहलोत उर्फ छोटा नंदू (44) ने कथित तौर पर रंगदारी की मांग को लेकर द्वारका इलाके के कई कारोबारियों को फोन किया और पैसे न देने पर उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। अधिकारी के मुताबिक, “आरोपियों ने फोन करते समय अपनी पहचान छिपाने के लिए कथित तौर पर नकली ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके मोबाइल ऐप से बनाए गए वर्चुअल मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया।” उन्होंने बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब आरोपियों के शिकायतकर्ता से तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की शिकायत के आधार पर छह सितंबर को बिंदापुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने द्वारका के कम से कम पांच कारोबारियों को निशाना बनाया था, जिनमें तीन जान-पहचान के व्यापारी शामिल थे।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने शूटर का इंतजाम करने और लक्षित व्यापारियों के घरों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर गोलीबारी करवाने की योजना बनाई थी, ताकि उनमें डर पैदा कर रंगदारी देने के लिए मजबूर किया जा सके। अधिकारी ने कहा, “अपराध शाखा की एक टीम ने जांच शुरू की और उस मोबाइल नंबर की तकनीकी निगरानी की, जिसका इस्तेमाल व्यापारी को धमकी देने के लिए किया गया था। एक संदिग्ध नंबर की पहचान की गई, जिसके गहलोत से जुड़े होने की बात सामने आई।” उन्होंने बताया कि इसके बाद 23 सितंबर को अरोड़ा को द्वारका के सेक्टर-11 से गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारी ने बताया कि अरोड़ा की निशानदेही पर गहलोत को 24 सितंबर को द्वारका इलाके से पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने जबरन वसूली के मामले में अपनी संलिप्तता का खुलासा किया। अधिकारी के मुताबिक, आरोपियों ने एक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ की मदद से मोबाइल ऐप और फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके वर्चुअल नंबर बनाए।
उन्होंने बताया कि उक्त प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ की पहचान अजय के तौर पर हुई है, जो मध्यप्रदेश के रहने वाला है और जिसे हाल में कनाडा से निर्वासित किया गया था। अधिकारी के अनुसार, “गहलोत जेल में रहने के दौरान गैंगस्टर कपिल सांगवान के भाई ज्योति उर्फ बाबा के संपर्क में आया था और बाद में उसने अपने जान-पहचान वालों के बीच सांगवान के साथ अपने जुड़ाव का जिक्र शुरू कर दिया। दोनों आरोपी क्रिकेट सट्टेबाजी और जुए में भारी नुकसान का सामना कर रहे थे, इसलिए उन्होंने अमीर व्यापारियों से पैसे ऐंठने के लिए सांगवान के नाम का इस्तेमाल करने का फैसला किया।” उन्होंने बताया कि गहलोत ने अरोड़ा से 9,000 रुपये लेने के बाद उसके लिए एक नये स्मार्टफोन का इंतजाम किया और उसे तीन संभावित ‘शिकारों’ के मोबाइल नंबर दिए।
आरोप है कि अरोड़ा ने अगस्त के आखिरी दो हफ्तों में इन लोगों को धमकी भरे फोन किए। पुलिस के मुताबिक, बिंदापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अरोड़ा को गिरफ्तारी का डर सताने लगा; उसने फोन करने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल ठिकाने लगा दिया और अपने निजी फोन से सिम कार्ड निकाल दिया। पुलिस के अनुसार, अरोड़ा ने पूछताछ के दौरान बताया कि क्रिकेट सट्टेबाजी में उसे करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ था और उसे घर तथा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाने में दिक्कत हो रही थी।
पुलिस ने बताया कि अरोड़ा और गहलोत ने रंगदारी की रकम का इस्तेमाल अपनी आर्थिक देनदारियों को पूरा करने और खुद का जबरन वसूली का नेटवर्क बनाने के लिए करने की योजना बनाई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। उसने बताया कि गहलोत धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी के कई मामलों में पहले से नामजद है, जबकि अरोड़ा के खिलाफ भी धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ा एक मामला दर्ज है।
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