Mann Ki Baat: नशा-मुक्त भारत के लिए जन भागीदारी का आह्वान अहम, बोले Pramod Sawant
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रविवार को कहा कि राष्ट्र-निर्माण और नशा-मुक्त भारत के लिए जन भागीदारी का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आह्वान राज्य की संस्कृति, विरासत और पर्यटन को बढ़ावा देने की सरकार की कोशिशों के अनुरूप है। मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी सुनने के बाद सावंत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘जन भागीदारी’ को राष्ट्र-निर्माण में एक शक्तिशाली ताकत के तौर पर रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने लिखा, “प्रधानमंत्री ने जन भागीदारी को राष्ट्र-निर्माण में एक शक्तिशाली ताकत बताया और नागरिकों से युवाओं को बुरी आदतों से दूर रहने के लिए प्रेरित करके तथा नशे की लत से उबरने की कोशिश कर रहे लोगों का साथ देकर नशा-मुक्त भारत अभियान में योगदान देने का आह्वान किया।” सावंत ने कहा कि मोदी ने थाईलैंड के चियांग माई स्थित गणेश हिमाल संग्रहालय की कहानी भी साझा की।
उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारत की आस्था, कला और अष्टविनायक परंपरा को प्रदर्शित करता है और इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे भारतीय सांस्कृतिक परंपराएं दुनियाभर के श्रद्धालुओं के बीच पहुंच रही हैं। सावंत ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस पर भारत की समृद्ध विरासत, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के बारे में प्रधानमंत्री का संदेश गोवा के लिए खास तौर पर प्रासंगिक है। उन्होंने कहा, “विश्व पर्यटन दिवस पर भारत की समृद्ध विरासत, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने का संदेश गोवा की अपनी अनूठी परंपराओं को दुनिया के सामने लाने की यात्रा से पूरी तरह मेल खाता है।” सावंत ने कहा कि जन भागीदारी, सांस्कृतिक गौरव और नशा-मुक्त युवा पीढ़ी का निर्माण करना ‘विकसित भारत’ बनाने की सामूहिक कोशिश का हिस्सा है।
CEC Gyanesh Kumar को हटाएं, Prithviraj Chavan ने ECI के कामकाज की जांच मांगी
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने रविवार को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के कामकाज की जांच कराने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। चव्हाण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि कुमार अपने सहयोगियों से विचार-विमर्श किए बिना निर्वाचन आयोग की ओर से फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच की जरूरत है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर चौंकाने वाली है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के बाद निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर विवाद शुरू हुआ था। खबर में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्तों एस एस संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीने में विभिन्न फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।
चव्हाण ने सवाल किया, ‘‘वह किसकी चुनाव जीतने में मदद कर रहे थे?’’ उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर शक्तियों के ‘‘खुले दुरुपयोग’’ का आरोप लगाया। चव्हाण ने कहा, ‘‘अगर चुनाव में सबकुछ पहले से तय कर लिया जाता है तो लोकतंत्र का कोई अर्थ नहीं रह जाता।’’ शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने भी इस मुद्दे को लेकर नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार कुमार को बचाने के लिए एक सूत्री कार्यक्रम चला रही है। राज्यसभा सांसद राउत ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को जाना चाहिए।
राउत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि कुमार का इस्तेमाल चुनावी हेरफेर और धोखाधड़ी के जरिए चुनावों में जीत हासिल करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी सरकार ने एक सूत्री कार्यक्रम शुरू किया है: ज्ञानेश कुमार को बचाओ।’’ राउत ने दावा किया कि ‘‘लोकतंत्र के हत्यारों’’ को बचाने के लिए विस्तृत प्रयास किया जा रहा है।
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