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China से बढ़त बनाए रखने के लिए Donald Trump ने AI पर कड़े नियमों का विरोध किया

(स्टीफन कॉलिन्स, केनेसॉ स्टेट यूनिवर्सिटी) जॉर्जिया (अमेरिका), 27 सितंबर (द कन्वरसेशन) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विकास की गति को धीमा करने तथा इस तकनीक पर अधिक सरकारी नियमन और निगरानी की मांग करने वाली आवाजों के बीच, एक प्रमुख विपरीत विचार वाला चेहरा अलग से दिखाई देता है: वह है डोनाल्ड जे. ट्रंप का। अमेरिका के राष्ट्रपति ने बार-बार तर्क दिया है कि एआई की प्रगति को धीमा करने के लिए कड़े नियम लागू करना अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा है, क्योंकि इससे चीन को बढ़त हासिल करने का मौका मिल सकता है। ‘‘जो भी एआई की दौड़ जीतेगा, वही जीतेगा!” ट्रंप ने 21 सितंबर, 2026 को सोशल मीडिया पर यह पोस्ट किया था और अमेरिका के एआई के क्षेत्र में “जीतने” के लिए चीन को मुख्य खतरे के रूप में चिह्नित किया।

इसके बाद उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में एक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने अपने प्रशासन द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता को “नियंत्रित करने के लिए किसी वैश्विक योजना को बनाने के किसी भी प्रयास” को पूरी तरह खारिज करने की बात कही। निश्चित रूप से, अगर चीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक बढ़त हासिल कर लेता है, तो यह अमेरिका के रणनीतिक और आर्थिक हितों के लिए एक चिंताजनक झटका होगा। एक ऐसे विद्वान के रूप में, जिनका शोध अंतरराष्ट्रीय संबंधों और प्रौद्योगिकी के बीच के संबंधों की पड़ताल करता है, मेरा मानना है कि एआई के क्षेत्र में चीन की तेज प्रगति उन प्रमुख कारणों में से एक है, जिनकी वजह से अमेरिकी एआई उद्योग का नियमन आवश्यक है।

अनियंत्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सुरक्षा संबंधी खतरे दुनियाभर के प्रमुख उद्योग जगत और राजनीतिक हस्तियों ने एआई के अनियंत्रित विकास से उत्पन्न सुरक्षा खतरों को लेकर चिंता जताई है। हालिया जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 10 में से 8 अमेरिकी भी इन चिंताओं को साझा करते हैं, जबकि डेमोक्रेट, निर्दलीय और रिपब्लिकन-तीनों के बहुमत एआई पर अधिक नियमन के समर्थन में हैं। इन खतरों में विदेशी देशों और आतंकवादी समूहों के हमलों के प्रति अमेरिका की बढ़ती संवेदनशीलता शामिल है।

ये समूह एआई में हो रही प्रगति का फायदा उठाकर अधिक घातक हथियार प्रणालियां विकसित कर सकते हैं—जिनमें पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ सामूहिक विनाश के हथियार भी शामिल हैं। इस क्षेत्र में हो रही प्रगति से गलत इरादे रखने वाले लोगों द्वारा विनाशकारी साइबर हमले किए जाने की आशंका भी बढ़ जाती है। एआई साइबर सुरक्षा की कमजोरियों की पहचान करने और उनका फायदा उठाने में लगातार अधिक सक्षम होता जा रहा है।

इन चिंताओं से उद्योग जगत भी परिचित है। दस सितंबर, 2026 को एंथ्रोपिक ने एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें ऐसे कई मामलों का खुलासा किया गया। इन घटनाओं में चीन, रूस और ईरान में स्थित कुछ विदेशी तत्वों ने साइबर गतिविधियों, प्रभाव डालने वाले अभियानों, निगरानी और धोखाधड़ी से जुड़ी कार्रवाइयों में क्लॉड का इस्तेमाल किया तथा हथियारों को बनाने में भी इसका उपयोग किया।

एंथ्रोपिक अमेरिका की एक प्रमुख एआई कंपनी है। गूगल ने भी हाल में चीन, रूस, उत्तर कोरिया और ईरान से जुड़े तत्वों द्वारा अपने जेमिनी एआई मॉडल का इस्तेमाल करके हैकिंग, दुष्प्रचार, जासूसी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के प्रयासों का पता लगाया। ट्रंप इन सबसे खराब स्थिति वाले परिदृश्यों को “झूठा प्रचार” कहकर खारिज कर सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे वास्तविक हैं।

ट्रंप का तर्क है कि अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि अमेरिकी कंपनियां एआई के क्षेत्र में चीन से आगे बनी रहें। वास्तव में, चीन के एआई मॉडल बहुत पीछे नहीं हैं और चीन के पास एआई प्रणाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण एक कारक—बिजली उत्पादन—में बढ़त है। एआई बड़ी मात्रा में बिजली की खपत करता है।

अमेरिकी कंपनियों द्वारा हालांकि एआई क्षमताओं में तेजी से की गई प्रगति ने चीन को अपने एआई उद्योग को गति देने में मदद की है। चीन के नेता शी चिनफिंग एआई में हो रही प्रगति को लेकर उत्साहित रहे हैं, लेकिन शंघाई में आयोजित 2026 विश्व एआई सम्मेलन में उनके भाषण में एआई के लिए कड़े नियमों और निगरानी की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया गया।

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UN में भारत का पाकिस्तान पर जोरदार पलटवार, कश्मीर से ओसामा तक की याद दिलाई

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण पर जवाब देते हुए उसके राजनीतिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने राइट ऑफ रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान पर आतंकवाद, मानवाधिकार और जम्मू-कश्मीर को लेकर कई आरोप लगाए। यह जवाब 26 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान दिया गया।

पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था पर निशाना

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर पाकिस्तान की बातें पाखंड हैं। उन्होंने कहा कि जिस देश की राजधानी को अपनी ही जनता से बचाने के लिए किले में बदला जा रहा हो, उसे लोकतंत्र पर उपदेश नहीं देना चाहिए।

उन्होंने पाकिस्तान की व्यवस्था को “सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए शासन” बताया। गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान के नेता बदलते रहेंगे, लेकिन असली ताकत किसके पास है, इसको लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।

भारत ने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन का भी जिक्र किया। इसके तहत चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को कानूनी मुकदमों से आजीवन छूट दिए जाने का मुद्दा उठाया गया।

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कश्मीर पर भारत ने दोहराया अपना रुख

शहबाज शरीफ के जम्मू-कश्मीर से जुड़े बयानों का जवाब देते हुए भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा।

पेटल गहलोत ने कहा कि अगर पाकिस्तान को कश्मीर पर बात करनी है तो उसे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की स्थिति पर बात करनी चाहिए। उन्होंने रावलकोट के लोगों का जिक्र करते हुए वहां कथित हत्याओं, हिंसा और बुनियादी अधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया।

भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भारत पर भी आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने के आरोप लगाए हैं।

9/11 और ओसामा बिन लादेन का जिक्र

शहबाज शरीफ की ओर से 2025 के तनाव के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की तारीफ किए जाने पर भारत ने भी प्रतिक्रिया दी। पेटल गहलोत ने 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी का जिक्र करते हुए कहा कि इस संदर्भ को याद रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन हमलों का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में सैन्य अकादमी के पास रह रहा था।

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आतंकवाद पर भारत की सीधी चेतावनी

भारत ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर कहा कि वह अपनी रक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा। गहलोत ने 7 मई 2025 को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया, जिसे भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताया था।

गहलोत ने कहा कि भारत ने दिखा दिया है कि आतंकवादियों के पास अब भागने या छिपने की जगह नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवाद जारी रखता है तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

धार्मिक असहिष्णुता पर भी उठाए सवाल

भारत ने धार्मिक असहिष्णुता को लेकर शहबाज शरीफ के बयानों पर भी सवाल उठाए। पेटल गहलोत ने कहा कि जिस देश में ईशनिंदा कानून और कट्टरता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, उसे दूसरे देशों को इस मुद्दे पर सीख नहीं देनी चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार का भी मुद्दा उठाया और कहा कि ऐसे बयानों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह नहीं किया जा सकता।

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  Sports

कुलदीप यादव ने 4 विकेट लेकर रचा इतिहास, वेंकटेश प्रसाद को छोड़ा पीछे

Kuldeep Yadav taks 4 wicket haul: कुलदीप यादव ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट चटकाए. तिरुवनंतपुरम में उन्होंने 10 ओवर में 40 रन देकर 4 शिकार किए. इस स्पेल के साथ कुलदीप ने वेंकटेश प्रसाद को पीछे छोड़ते हुए वनडे में अपने 198 विकेट पूरे कर लिए हैं. अब वह 200 वनडे विकेट के ऐतिहासिक आंकड़े से महज दो कदम दूर हैं. दो विकेट लेते ही वह कुंबले, हरभजन और जडेजा के बाद यह मुकाम हासिल करने वाले भारत के चौथे स्पिनर बन जाएंगे. Sun, 27 Sep 2026 18:45:54 +0530

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