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कराची शॉपिंग प्लाजा आग : 67 लोगों की मौत और 77 अब भी लापता

इस्लामाबाद, 23 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कराची में शॉपिंग प्लाजा में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या 67 तक पहुंच गई है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। इस बीच सिंध के गवर्नर कामरान टेसोरी ने शुक्रवार को पाकिस्तान के कराची में गुल प्लाजा घटना की न्यायिक जांच की मांग की। स्थानीय मीडिया की ओर से जारी जानकारी के अनुसार 77 लोग अभी भी लापता हैं।

पाकिस्तानी अखबार द न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवर्नर टेसोरी ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट और सिंध हाई कोर्ट (एसएचसी) के चीफ जस्टिस से इस घटना की जांच शुरू करने की अपील करेंगे।

उन्होंने कहा, जिम्मेदार लोगों की पहचान होनी चाहिए। उन्हें बिना देर किए सजा मिलनी चाहिए।

गवर्नर ने कहा कि गुल प्लाजा में आग लगने की घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदारी से बरी नहीं किया जा सकता। उन्होंने घटना के बाद के हालात से निपटने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उनका यह बयान 17 जनवरी को लगी आग में लापता और लोगों को ढूंढने के लिए चल रहे बचाव प्रयासों के बीच आया है।

सूत्रों के मुताबिक, आग आर्टिफिशियल फूल बेचने वाली एक दुकान में लगी, जहां घटना के समय बच्चे खेल रहे थे। एक सूत्र ने कहा, जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि बच्चे शायद दुकान में माचिस या लाइटर से खेल रहे थे। स्टोर किया हुआ सामान पहले आग की चपेट में आया, फिर आग बिजली की वायरिंग तक फैल गई। जांच के मुताबिक, आग बिजली की खराबी की वजह से नहीं लगी थी।

इसके अलावा, डिस्ट्रिक्ट साउथ के डिप्टी कमिश्नर जावेद नबी खोसो ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है, जबकि 77 लोग अभी भी लापता हैं। शॉपिंग मॉल में सर्च और रिकवरी ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

शॉपिंग मॉल में रेस्क्यू ऑपरेशन शुक्रवार को सातवें दिन भी जारी रहा। शॉपिंग मॉल में 17 जनवरी को यह आग लगी थी, जो कराची में 10 साल से ज्यादा समय में सबसे भयावह आग की घटना हुई थी। स्थानीय मीडिया ने बताया कि गुरुवार को लापता लोगों के घरों की औरतो ने रेस्क्यू और रिकवरी ऑपरेशन की धीमी रफ्तार पर आक्रोश जाहिर किया और घटना वाली जगह के पास जमा हो गईं।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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इन आदतों को नहीं छोड़ा तो बीमारी को दे रहे दावत, तुरंत छोड़ना ही सही

नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। जब भी शरीर बीमार होता है, तो तुरंत बीमारी का कारण जाने बिना दवा लेकर खुद को रिकवर कर लिया जाता है। दवा थोड़े समय तक आराम देती है और फिर कुछ समय बाद बीमारी दोबारा शरीर को घेर लेती है।

आयुर्वेद का मानना है कि सिर्फ बीमारी को नहीं, बल्कि बीमारी की जड़ को खत्म करना जरूरी है। अगर बीमारी की जड़ पता चल जाए तो बीमारी खुद-ब-खुद खत्म हो जाती है।

आयुर्वेद का मानना है कि शरीर बाहर के वातावरण से बीमार जरूर होता है, लेकिन बीमारी की असली जड़ हमारे अंदर ही छिपी है। आयुर्वेद में रोग की जड़ को जानने के लिए तीन भागों में विभाजित किया गया है, जिससे कुछ आदतों को पहचान कर और उनमें सुधार लाकर रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है।

रोग की पहली जड़ है प्रज्ञापराध, यानी जानबूझकर ऐसी चीजें करना जिससे शरीर के बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है। इसमें जानते हुए भी गलत खाना, भूख न लगने पर भी खाना, थकान होने पर भी आराम न करना, रोजाना गुस्सा और चिंता करना और नींद को गंभीरता से न लेना शामिल है। ये सभी कारण हैं जो किसी भी स्वस्थ शरीर को बीमार करने के लिए काफी हैं और यही रोग की पहली जड़ भी है।

दूसरी जड़ है अग्नि का नाश। शरीर की पाचन अग्नि सिर्फ खाना पचाने में ही सहायक नहीं है, बल्कि ये शरीर का ऊर्जा का केंद्र है, पूरे शरीर का ओज है। प्रज्ञापराध में की गई चीजों का सीधा असर पाचन अग्नि पर पड़ता है और खाना पचने की बजाय शरीर में सड़ने लगता है। ऐसे में कितना भी प्रोटीन या विटामिन से भरा खाना शरीर को आधा-अधूरा पोषण ही दे पाता है और शरीर में धीरे-धीरे आम जमा होने लगती है।

तीसरी जड़ है दोषों का विकार। हमारे शरीर को संतुलित करने के लिए शरीर के अंदर तीन दोष यानी वात, कफ और पित्त दोष होते हैं। अगर ये तीनों दोष संतुलित हैं तो शरीर रोगों से कोसों दूर रहता है, लेकिन अग्नि के नाश और आम के जमाव से तीनों दोष ही असंतुलित हो जाते हैं और शरीर रोगों से घिर जाता है। इससे पेट से जुड़े रोग, सांस से जुड़े रोग, और हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़े रोग परेशान करने लगते हैं और हम उन्हें सामान्य मानकर दवा लेकर ठीक हो जाते हैं। दवा का सेवन करना सही है, लेकिन इसके साथ ही बीमारी की जड़ को पहचान पाना भी जरूरी है, जिससे बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके।

--आईएएनएस

पीएस/वीसी

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