भारत गल्फूड 2026 में स्वदेशी खाद्य उत्पादों को प्रदर्शित करेगा, अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार में स्थिति मजबूत होगी
नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। भारत गल्फूड 2026 में 161 प्रदर्शकों के माध्यम से अपने विविध कृषि-खाद्य इकोसिस्टम का प्रदर्शन करेगा। भारत को पहली पहली बार गल्फूड 2026 में भागीदार का दर्जा मिला है। यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को दी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि गल्फूड 2026 में भारत की भागीदारी बीते संस्करणों की तुलना में काफी अधिक है। भारतीय पवेलियन का आकार बीते वर्ष की तुलना में दोगुना हो गया है, जो भारतीय कृषि-खाद्य निर्यात के बढ़ते प्रभाव, भारतीय उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग और निर्यातकों, संस्थानों और स्टार्टअप्स की बढ़ी हुई भागीदारी को दर्शाता है।
गल्फूड 2026 में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के जरिए भारत क्षेत्र-प्रमुख कृषि उत्पादों, जीआई-टैग वाले उत्पादों, जैविक उत्पादों और वैल्यू-एडेड खाद्य उत्पादों को प्रदशित करेगा।
भारत की भागीदारी का एक प्रमुख आकर्षण भारती पवेलियन है, जो निर्यात के लिए तैयार कृषि-खाद्य और कृषि-तकनीक स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एपीडा की प्रमुख पहल है। दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के स्टार्टअप जोन में स्थित भारती पवेलियन में आठ उच्च क्षमता वाले भारतीय स्टार्टअप प्रदर्शित किए गए हैं, जिनका चयन 100 से अधिक आवेदकों में से राष्ट्रीय स्तर की प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। ये स्टार्टअप एपीडा के विदेश वाले खेत जैसे विजन के अनुरूप नवाचारी उत्पाद, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान और निर्यात-सक्षम प्रस्तुतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
मंत्रालय ने बताया कि भारतीय पवेलियन में एक विशेष पाक कला क्षेत्र भी है, जहां पर एक प्रसिद्ध खानसामे भारतीय व्यंजनों का लाइव प्रदर्शन करेंगे। यह अनुभवात्मक क्षेत्र भारत की समृद्ध पाक कला विरासत, विविध क्षेत्रीय स्वादों और भारतीय सामग्रियों की बहुमुखी प्रतिभा को रेखांकित करता है, जिससे खरीदारों की रुचि बढ़ती है और भारतीय खाद्य उत्पादों को वैश्विक स्तर पर सराहना मिलती है।
एपीडा गल्फूड 2026 में भारत के भागीदार देश के दर्जे के तौर पर दुबई के प्रमुख स्थानों पर व्यापक विशेष ब्रांडिंग और उच्च-प्रभाव वाली प्रचार गतिविधियों का संचालन कर रहा है। इनमें मेट्रो स्टेशनों पर ब्रांडिंग, बस रैप्स, गैस स्टेशन, पैनल ब्रांडिंग और अन्य उच्च-दृश्यता वाले आउटडोर प्रारूप शामिल हैं, जो भारत की विजिबिलिटी और ब्रांड की पहचान को बड़े स्तर पर बढ़ाते हैं।
मंत्रालय ने मुताबिक, इस व्यापक और विस्तारित भागीदारी के माध्यम से, एपीडा का लक्ष्य खरीदार-विक्रेता संबंधों को मजबूत करना, भारतीय ब्रांड को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहन देना, स्टार्टअप और निर्यातकों का सहयोग करना, भारत की कृषि-खाद्य विविधता को प्रदर्शित करना और वैश्विक कृषि-खाद्य मूल्य श्रृंखला में एक विश्वसनीय, नवाचार-संचालित और संपोषित खिलाड़ी के तौर पर भारत की भूमिका को और मजबूत करना है।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत-अमेरिका संबंध पिछले 20 सालों में सबसे निचले स्तर पर : भारतीय-अमेरिकी नेता
वॉशिंगटन, 23 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत और अमेरिका के संबंधों में काफी कड़वाहट देखने को मिली है। दोनों देशों में जारी तनाव के बीच व्यापार को लेकर बातचीत भी जारी है। हाल ही में दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय अधिकारी वार्ता भी देखने को मिली है।
ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही व्यापार पर बात पक्की हो जाएगी। हालांकि, इस सिलसिले में भारतीय-अमेरिकी नेता जसदीप सिंह जस्सी का कहना है कि दोनों देशों के बीच संबंध लगभग दो दशकों में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं।
जसदीप सिंह जस्सी सिख्स ऑफ अमेरिका और सिख्स फॉर ट्रंप के फाउंडर हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा कि ट्रंप सरकार ने अपने अभियान के मुख्य वादों को इतनी तेजी से पूरा किया है, वैसा आधुनिक अमेरिकन राजनीति में बहुत कम देखने को मिला है।
एक इंटरव्यू के दौरान जसदीप जस्सी ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप का पहला साल बहुत बढ़िया रहा है। मुझे लगता है कि उन्होंने इतिहास के किसी भी दूसरे राष्ट्रपति से ज्यादा काम किया है। जो दूसरे राष्ट्रपति 10 साल में करते, वह उन्होंने एक साल में कर दिया।”
हाल ही में अमेरिका में अवैध प्रवासी कानून को लेकर काफी सख्ती बरती जा रही है। जस्सी ने अमेरिका के इमिग्रेशन एनफोर्समेंट को एक बड़ी कामयाबी बताया और कहा कि ट्रंप ने अमेरिकी सीमा को सुरक्षित करने का अपना वादा पूरा किया।
उन्होंने कहा, “उन्होंने वादा किया था कि वह गैरकानूनी इमिग्रेशन को रोकेंगे और बॉर्डर बंद कर देंगे, और उन्होंने आज वह कर दिया है। अमेरिका में जीरो बॉर्डर क्रॉसिंग है। बाइडेन सरकार के कार्यकाल के दौरान हमारे यहां हर दिन 10,000 क्रॉसिंग होती थीं।”
जस्सी ने अमेरिका में अपराध के खिलाफ ट्रंप सरकार के सख्त रवैये की सराहना की और अमेरिका के बड़े शहरों में नेशनल गार्ड फोर्स की तैनाती का जिक्र किया। जेसी ने कहा, “उन्होंने अपराध पर रोक लगाने का वादा किया था, और उन्होंने वह किया भी है। बाल्टीमोर जैसे शहरों में आपराधिक आंकड़ों के रिकॉर्ड कम हो रहे हैं।”
जस्सी ने व्यापार, रोजगार और महंगाई के चलन पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका ट्रेड डेफिसिट में 35 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने इसे रिकॉर्ड पर सबसे बड़ी गिरावट बताया और कहा कि ट्रंप सरकार ने एक साल में प्राइवेट सेक्टर में 6,80,000 नई नौकरियां बनाई हैं और महंगाई के दबाव को कम करने में मदद की है।
उन्होंने कहा, “हमने पिछले तीन सालों की तुलना में किराने के सामान की सबसे कम कीमतें देखी हैं। थैंक्सगिविंग के आसपास पूरे देश में गैस की कीमतों में तेजी से गिरावट आई।
इसके अलावा, जस्सी ने टैरिफ रेवेन्यू का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सालाना 75,000 डॉलर से कम कमाने वाले अमेरिकियों या शादीशुदा जोड़ों के लिए 150,000 डॉलर को 2,000 डॉलर का चेक मिलने की उम्मीद है।
भारतीय अमेरिकी समुदाय को लेकर जस्सी ने कहा कि स्वाभाविक नागरिक, स्थायी निवासी और उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों को दूसरे अमेरिकियों की तरह फायदा हो रहा है। वे भारतीय अमेरिकी हैं, उनके बच्चे यहीं पैदा हुए हैं, और उनका भविष्य अमेरिका में है। अमेरिका के मजबूत होने और बिजनेस के फलने-फूलने के साथ, भारतीय अमेरिकी भी फलेंगे-फूलेंगे।
हालांकि, जस्सी ने भारत और अमेरिका के संबंधों पर चिंता भी जाहिर की है। उन्होंने कहा, हम सभी को उम्मीद थी कि भारत-यूएस इस साल अपने संबंध मजबूत करेंगे। लेकिन बदकिस्मती से, यह रिश्ता बहुत गंभीर हालत में है। मैंने इसे लगभग 20 सालों में इतना नीचे नहीं देखा।
--आईएएनएस
केके/एएस
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