योगी सरकार दिव्यांग पति-पत्नी को देगी 35 हजार रुपये, योजना का लाभ पाने के लिए ऐसे करें आवेदन
UP News: यूपी की योगी सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और छात्रों के लिए तमाम योजनाएं चला रही है. ऐसे में योगी सरकार अब राज्य के ऐसे दंपतियों को लाभ देने जा रही है, जो दिव्यांग हैं. दरअसल, योगी सरकार ऐसे दंपतियों को आर्थिक प्रोत्साहन देने जा रही है जिनमें से पुरुष या महिला में से कोई एक या फिर दोनों दिव्यांग हैं, ऐसे संपतियों को यूपी सरकार आर्थिक प्रोत्साहन दे रही है.
बता दें कि योगी सरकार यह प्रोत्साहन दिव्यांग शादी-विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत दिया जाता है. जिसमें दिव्यांग दंपत्तियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है. योजना का लाभ एक अप्रैल 2025 से अभी तक के समय में शादी करने वाले दंपती को दिया जा रहा है. इसके लिए चंदौली में पात्र जोड़ों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जा रहे हैं.
दिव्यांग दंपति को दिए जाएंगे 35 हजार रुपये
बता दें कि इस योजना के तहत योगी सरकार दोनों के दिव्यांग यानी पति-पत्नी के दिव्यांग होने पर दंपत्ति को अधिकतम 35 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराएगी. जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी रत्नेश सिंह ने बताया कि दिव्यांग दंपत्तियों को आर्थिक रूप से सहयोग देने के लिए इस योजना का संचालन किया जा रहा है.
इस योजना के तहत कैसे मिलेगी राशि
उन्होंने बताया कि अगर दंपति में से पति दिव्यांग होता है तो 15 हजार रुपये दिए जाएंगे. जबकि पत्नी के दिव्यांग होने पर 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. जबकि पति-पत्नी दोनों के दिव्यांग होने पर 35 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी. इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है. इसके साथ ही दंपति का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होने अनिवार्य है. या वे पिछले कम से कम पांच साल से उत्तर प्रदेश के निवासी होने की शर्त पूरी करते हों.
आवेदन के लिए इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
योगी सरकार की दिव्यांग शादी-विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए पात्र दंपत्तियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. जिसके लिए उन्हें कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ेगी. इस योजना के लिए आवेदन के दौरान वर-वधू की फोटो, आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, संयुक्त बैंक खाते का विवरण और विवाह प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदक को अपने अप्लीकेशन की हार्ड कॉपी निकाल कर जरूरी दस्तावेजों के साथ चंदौली के कार्यालय, बिछिया कला में जमा करनी होगी.
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किसे मिलेगा इस योजना का लाभ
इस योजना का लाभ ऐसे दिव्यांग दंपतियों को मिलेगा जिसमें पति की आयु 21 से 45 साल के बीच है. जबकि पत्नी की उम्र 18 से 45 वर्ष के बीच है. इसके अलावा पति-पत्नी में से कोई भी आयकर दाता यानी इनकम टैक्स न देता हो. दोनों में से किसी का पूर्व से जीवित जीवनसाथी न हो तथा किसी भी पक्ष के विरुद्ध कोई आपराधिक मामला दर्ज या विचाराधीन न हो. इसके अलावा पति या पत्नी अथवा दोनों के पास कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाणपत्र होना भी अनिवार्य है.
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SIR विवाद पर CM रेखा गुप्ता का राहुल गांधी पर पलटवार, चुनाव आयोग को बताया निष्पक्ष
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग शानदार काम कर रहा है और निष्पक्ष तरीके से देश तथा जनता के हित में काम कर रहा है. राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं द्वारा की जा रही गतिविधियां देशद्रोह से कम नहीं हैं और ऐसे मामलों में देशद्रोह का केस चलना चाहिए.
देश में हो रहे विकास कार्यों से लोगों का ध्यान भटकाने में लाग विपक्ष- रेखा गुप्ता
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं देख रही हूं कि विपक्ष देश में ऐसे हालात बनाने की कोशिश कर रहा है, जिनका कोई आधार नहीं है. इसके पीछे एकमात्र मकसद जनता को गुमराह करना और ऐसी परिस्थिति पैदा करना है, जिससे देश में हो रहे विकास कार्यों से लोगों का ध्यान भटक जाए. विपक्ष आज चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सवाल उठा रहा है तथा उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं. जिस पारदर्शिता के साथ चुनाव आयोग आज काम कर रहा है, क्या उनके शासनकाल में ऐसी पारदर्शिता संभव थी.
चुनाव आयोग पारदर्शिता तथा निष्पक्षता के साथ काम कर रहा
रेखा गुप्ता ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और वह पारदर्शिता तथा निष्पक्षता के साथ काम कर रहा है. चुनाव आयुक्तों की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि फॉर्म-6 से जुड़े विषयों पर भी चुनाव आयोग स्थिति स्पष्ट कर चुका है. मतदाता सूची को अधिक सटीक और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रक्रियाओं को सरल किया गया है और इसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं है.
विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप बेबुनियाद
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मृत, डुप्लीकेट और अन्य अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया लंबे समय से चलती आ रही है. इसका उद्देश्य वास्तविक और पात्र मतदाताओं को बेहतर सुविधा देना है. चुनाव आयोग का उद्देश्य किसी का वोट हटाना नहीं बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं. लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को समझना जरूरी है. मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया को वोट चोरी कहना सही नहीं है.
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