सरकार ने फ्लेवर और ऐज के दावों को लेकर ओल्ड मोंक, मैकडॉवेल्स और दूसरे ब्रांड्स के खिलाफ एफएसएसएआई की कार्रवाई का किया समर्थन
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। सरकार ने कहा है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने कुछ शराब बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ जो कार्रवाई शुरू की है, वह ऐसे फ्लेवरिंग पदार्थों के इस्तेमाल और प्रोडक्ट लेबल पर ऐज के दावों से जुड़ी है जो कथित तौर पर गुमराह करने वाले हैं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कुछ शराब बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। इन कंपनियों पर मौजूदा खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन न करने का आरोप है, जिसमें ऐसे फ्लेवर का इस्तेमाल शामिल है जो रम और व्हिस्की जैसे स्टैंडर्ड अल्कोहलिक ड्रिंक्स की असली खुशबू और स्वाद की नकल करते हैं।
मंत्रालय ने बताया कि जांच में पता चला है कि कुछ निर्माता मुख्य रूप से स्पिरिट या एक्स्ट्रा-न्यूट्रल अल्कोहल से अल्कोहलिक ड्रिंक्स बना रहे थे और बाद में रम और व्हिस्की जैसे प्रोडक्ट्स से जुड़ी खुशबू और स्वाद लाने के लिए उनमें बाहरी फ्लेवर मिला रहे थे।
मंत्रालय ने कहा, ऐसे प्रोडक्ट न सिर्फ घटिया क्वालिटी के होते हैं, बल्कि स्टैंडर्ड कैटेगरी के नाम का इस्तेमाल करके उन्हें गलत तरीके से पेश भी किया जाता है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि ग्राहकों को पैकेज के सामने वाले हिस्से पर प्रोडक्ट की असलियत के बारे में ठीक से जानकारी नहीं दी जाती थी।
मंत्रालय ने बताया कि कई मैन्युफैक्चरर्स के रम और व्हिस्की के सैंपल की लैब टेस्टिंग में बाहरी आर्टिफिशियल या नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवर पाए गए।
लैब की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मंत्रालय ने कहा कि ऐसे फ्लेवर मिलाने से प्रोडक्ट का नैचुरल फ्लेवर छिप जाता है और मौजूदा नियमों के तहत वे घटिया क्वालिटी के हो जाते हैं।
सरकार ने ओल्ड मोंक XXX रम के एक वेरिएंट पर 7 साल पुरानी ब्लेंडेड होने के दावे का भी जिक्र किया और इसे गुमराह करने वाला बताया।
मंत्रालय ने आगे कहा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (अल्कोहलिक बेवरेजेज) रेगुलेशंस, 2018 के तहत, ब्लेंडेड स्पिरिट की उम्र का दावा उस ब्लेंड में मौजूद सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट के आधार पर तय किया जाता है।
लैब रिपोर्ट के आधार पर, एफएसएसएआई ने मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर की खोपोली यूनिट, यूनाइटेड स्पिरिट्स की बारामती फैसिलिटी, मध्य प्रदेश में आईएनबीआरईडब्ल्यू बेवरेजेज, मध्य प्रदेश में एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रुअरीज और मध्य प्रदेश में यूनाइटेड स्पिरिट्स की एक यूनिट द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी किए।
प्रभावित ब्रांड्स में ओल्ड मोंक रम के अलग-अलग प्रकार, मैकडॉवेल्स नंबर 1 रम, बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की, ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम, एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की और रॉयल चैलेंज व्हिस्की शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि गोवा में मैंडेक्सी डिस्टिलरीज एंड ब्रुअरीज में भी जांच और सैंपलिंग की गई, जबकि महाराष्ट्र में छह अन्य मैन्युफैक्चरर्स को नोटिस जारी किए गए।
अपनी रेगुलेटरी स्थिति स्पष्ट करते हुए, मंत्रालय ने कहा कि कॉफी और वैनिला जैसे फ्लेवरिंग पदार्थों की अनुमति तब होती है जब कानूनन इसकी इजाजत हो और इसके पीछे कोई सही तकनीकी कारण हो।
हालांकि, मौजूदा मामला ऐसे फ्लेवर मिलाने से जुड़ा है जो खुद उस स्टैंडर्डाइज्ड अल्कोहलिक बेवरेज (शराब) जैसा ही स्वाद देते हैं, जैसे रम में रम का फ्लेवर या व्हिस्की में व्हिस्की का फ्लेवर।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह मामला पूरी शराब इंडस्ट्री से जुड़ा नहीं है और कई मैन्युफैक्चरर्स तय स्टैंडर्ड्स के मुताबिक अल्कोहलिक बेवरेज का उत्पादन कर रहे हैं।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मुल्तानी मिट्टी में मिलाएं ये 5 चीजें, चेहरे की गंदगी और ऑयली स्किन से मिलेगा छुटकारा
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। आज के समय में बाजार में चेहरे पर निखार लगाने के लिए तरह-तरह के महंगे प्रोडक्ट मौजूद हैं, लेकिन केमिकल युक्त होने के चलते लोग इन प्रोडक्ट्स पर भरोसा करने में हिचकिचाते है। ऐसे में वे प्राकृतिक चीजों की ओर लौट रहे है। इन्हीं प्राकृतिक चीजों में मुल्तानी मिट्टी का नाम सबसे ऊपर आता है। आज भी घरों में इसका इस्तेमाल त्वचा की सफाई और देखभाल के लिए किया जाता रहा है। मुल्तानी मिट्टी को त्वचा के लिए इसलिए खास माना जाता है क्योंकि यह चेहरे पर जमा अतिरिक्त तेल, धूल और गंदगी को हटाने में मदद करती है।
मुलतानी मिट्टी में मौजूद प्राकृतिक तत्व त्वचा को साफ रखने और फ्रेश महसूस कराने में मददगार होते हैं। हालांकि, सभी की त्वचा अलग होती है, इसलिए मुल्तानी मिट्टी में कुछ ऐसी प्राकृतिक चीजें मिलाई जा सकती हैं, जो अलग-अलग स्किन टाइप के हिसाब से बेहतर असर दे सकें।
ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का मिश्रण फायदेमंद है। जिन लोगों के चेहरे पर ज्यादा तेल आता है, उनके लिए यह पैक त्वचा को साफ करने में मदद करता है। गुलाब जल त्वचा को ठंडक देने और ताजगी बनाए रखने में मदद करता है। मुल्तानी मिट्टी के साथ इसे मिलाकर लगाने से चेहरे पर जमा अतिरिक्त तेल कम महसूस होता है और त्वचा ज्यादा साफ नजर आती है। इसे कुछ समय तक चेहरे पर लगाने के बाद पानी से धो लें। लेकिन बता दें कि इसका ज्यादा इस्तेमाल करने से त्वचा में रूखापन आ सकता है।
अगर त्वचा रूखी या बेजान नजर आती है तो मुल्तानी मिट्टी में दही मिलाकर लगाए। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की ऊपरी परत पर मौजूद मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है, जिससे चेहरा मुलायम महसूस होता है। वहीं, मुल्तानी मिट्टी त्वचा से गंदगी साफ करने में मदद करती है। दोनों का मिश्रण त्वचा को तरोताजा करता है। सेंसेटिव त्वचा वाले लोगों को इसे पहले थोड़ी मात्रा में लगाकर देखना चाहिए।
सामान्य त्वचा वालों के लिए मुल्तानी मिट्टी में शहद मिलाना फायदेमंद होता है। शहद में प्राकृतिक नमी बनाए रखने वाले गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा को सूखने से बचाने में मदद करते हैं। कई लोगों को मुल्तानी मिट्टी लगाने के बाद त्वचा में खिंचाव महसूस होता है, ऐसे में शहद मिलाने से त्वचा को अतिरिक्त नमी मिलती है। यह मिश्रण चेहरे को ज्यादा मुलायम और फ्रेश दिखाने में मदद करता है।
धूप के कारण अगर त्वचा पर जलन महसूस हो रही है, तो मुल्तानी मिट्टी में एलोवेरा जेल मिलाकर लगाएं। एलोवेरा त्वचा को ठंडक देने के लिए जाना जाता है, और इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व त्वचा को शांत करने में मदद करते हैं। मुल्तानी मिट्टी और एलोवेरा का मिश्रण त्वचा को राहत देने और चेहरे को तरोताजा महसूस कराने में मददगार होता है।
चेहरे की रंगत को निखारने के लिए कुछ लोग मुल्तानी मिट्टी में हल्दी मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं। हल्दी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा की देखभाल में मदद करते हैं। वहीं, मुल्तानी मिट्टी चेहरे से अतिरिक्त तेल और अशुद्धियां हटाने में मददगार होती है। लेकिन हल्दी की मात्रा हमेशा कम रखनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा हल्दी कुछ लोगों की त्वचा पर जलन या पीलेपन का कारण बन सकती है।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी जरूरी है। हर किसी की त्वचा एक जैसी नहीं होती, इसलिए कोई भी नया फेस पैक लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। अगर त्वचा पर जलन, खुजली या लाल निशान दिखाई दें तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें।
--आईएएनएस
पीके/एएस
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