क्रिकेट का सुपर संडे... आज एक नहीं तीन-तीन रोमांचक मुकाबले, कितने बजे शुरू होगा, किसका मैच?
IND vs WI: वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के मद्दनेजर दुनिया की टॉप-6 टीम आज एक-दूसरे के सामने होगी. भारत-वेस्टइंडीज के बीच पहला वनडे, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा वनडे तो इंग्लैंड और श्रीलंका एक-दूसरे के सामने तीसरे और आखिरी एकदिवसीय में होंगी.
बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना, पत्नी प्रियंका संग भस्म आरती में हुए शामिल
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना रविवार सुबह परिवार के साथ विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। दरअसल उन्होंने पत्नी प्रियंका रैना, साले विवेक और उनकी पत्नी नेहा के साथ तड़के होने वाली भस्म आरती में हिस्सा लिया। इसके बाद पूरे परिवार ने भगवान महाकाल के ज्योतिर्लिंग का पूजन कर आशीर्वाद लिया। महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद रैना ने कहा कि भस्म आरती में शामिल होना उनके लिए बेहद यादगार अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि पूरे परिवार के साथ इस आध्यात्मिक माहौल का हिस्सा बनना उनके लिए खास पल था।
दरअसल रविवार तड़के महाकाल मंदिर में होने वाली भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इसी दौरान सुरेश रैना भी परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और निर्धारित व्यवस्था के तहत आरती में शामिल हुए। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि महाकाल का आशीर्वाद लेना एक अलग ही अनुभव है।
दर्शन के बाद क्या बोले सुरेश रैना?
वहीं सुरेश रैना ने बताया कि उनके साथ पत्नी प्रियंका रैना, साले विवेक और उनकी पत्नी नेहा भी मौजूद थे। पूरे परिवार ने मिलकर भगवान महाकाल का पूजन किया। उन्होंने कहा कि उज्जैन आने के बाद उन्हें आध्यात्मिक शांति का एहसास हुआ और भस्म आरती को करीब से देखना उनके लिए खास रहा। बता दें कि महाकाल मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और यहां रोज तड़के होने वाली भस्म आरती देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी वजह से रैना की यात्रा भी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
श्रद्धालुओं से की अपील
दरअसल महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद प्रियंका रैना ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का पहला ज्योतिर्लिंग दर्शन था और उज्जैन आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। उन्होंने मंदिर के माहौल और भस्म आरती को बेहद दिव्य बताया। सुरेश रैना ने भी श्रद्धालुओं से अपील की कि अगर मौका मिले तो हर किसी को एक बार उज्जैन आकर भगवान महाकाल के दर्शन जरूर करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भस्म आरती का अनुभव शब्दों में पूरी तरह नहीं बताया जा सकता।
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