यूपी में बारिश ने मचाई तबाही! अब तक 10 लोगों की मौत; 100 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त; आज जमकर बरसेंगे बदरा
UP Rain Update: उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है. जिसके चलते कई जिलों में हालात बहुत खराब हो गया है. राज्य में भारी बारिश के चलते अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. खेतों में खड़ी धान और मक्का की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है. ऐसे में मौसम विभाग ने एक बार फिर से यूपी के अलग-अलग जिलों में आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है और भारी बारिश से 100 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है.
यूपी के 63 जिलों में हुई सामान्य से ज्यादा बारिश
अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है. जिससे कई इलाकों में अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है. जिससे ग्रामीण इलाकों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, इस दौरान चार जानवरों की भी मौत की खबर है. यूपी की राजधानी लखनऊ में शनिवार सुबह तक 125.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. जबकि फर्रुखाबाद और कानपुर नगर में हालात बहुत गंभीर हो गए, क्योंकि फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना और कानपुर नगर में 160 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई. वहीं, कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना ज्यादा बारिश हुई है.
यूपी के कई जिलों में आज भी भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, आज यानी रविवार को भी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. विभाग ने भारी बारिश के लिए उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने डिप्रेशन (कम दबाव का क्षेत्र) को जिम्मेदार बताया है. मौसम विभाग की मानें तो यह डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है जो कल सुबह प्रयागराज से लगभग 230 किलोमीटर दक्षिण में केंद्रित था. हालांकि, अगले 12 घंटों में यह धीरे-धीरे कमजोर होकर एक 'वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया' में बदल गया.
हालांकि, अभी भी राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है. मौसम विभाग की मानें तो आज मध्य तराई इलाके में कहीं-कहीं बहुत ज्यादा बारिश भी हो सकती है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान मध्य और तराई उत्तर प्रदेश के कुछ जल-ग्रहण क्षेत्रों (ड्रेनेज बेसिन) में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का हल्का से मध्यम खतरा हो सकता है.
मुख्यमंत्री योगी हालात पर रखे हुए हैं नजर
वहीं राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम के हालातों पर सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार नजर रखे हुए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया है कि सीएम योगी ने अधिकारियों को राज्य भर में भारी बारिश से प्रभावित लोगों को तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे भारी बारिश के कारण जान-माल और घरों के नुकसान के लिए तुरंत मुआवजा सुनिश्चित करें, साथ ही फसलों के नुकसान का तुरंत आकलन करें और किसानों को समय पर मुआवजा दें.
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सीएमओ ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों और घर गिरने से बेघर हुए लोगों को बाढ़ राहत और आश्रय केंद्रों में पहुंचाने का निर्देश दिया है. साथ ही, उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा है कि वे फील्ड में रहें, प्रभावित परिवारों से बातचीत करें और बिना किसी देरी के हर संभव मदद पहुंचाना सुनिश्चित करें.
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Pitru Paksha 2026: पितरों के आशीर्वाद के लिए दक्षिण दिशा में करें श्राद्ध, कुशा और काले तिल का प्रयोग अनिवार्य
आज यानी की 27 सितंबर 2026 से पितृपक्ष की शुरूआत हो रही है। इस दौरान पितरों को तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक पितृपक्ष के दौरान पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं और अपने वंशजों से तर्पण ग्रहण कर उनपर कृपा बरसाते हैं। पितरों की आत्मशांति और उनका आशीर्वाद पाने के लिए विधिविधान से श्राद्ध कर्म किया जाता है। इस दौरान पूरे 15 दिनों तक कई नियमों का पालन भी किया जाता है। माना जाता है कि यह समय अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का होता है।
पितृपक्ष 2026
26 सितंबर - पूर्णिमा श्राद्ध
27 सितंबर - प्रतिपदा श्राद्ध
28 सितंबर - द्वितीया श्राद्ध
29 सितंबर - तृतीया श्राद्ध
30 सितंबर - चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध
01 अक्तूबर - षष्ठी श्राद्ध
02 अक्तूबर - सप्तमी श्राद्ध
03 अक्तूबर - अष्टमी श्राद्ध
04 अक्तूबर - नवमी श्राद्ध
05 अक्तूबर - दशमी श्राद्ध
06 अक्तूबर - एकादशी श्राद्ध
07 अक्तूबर - द्वादशी श्राद्ध
08 अक्तूबर - त्रयोदशी श्राद्ध
09 अक्तूबर - चतुर्दशी श्राद्ध
10 अक्तूबर - सर्वपितृ श्राद्ध
श्राद्ध करने का समय और जगह
श्राद्ध या तर्पण हमेशा दोपहर के समय करना चाहिए। कभी भी सूर्यास्त के बाद यह कर्म नहीं करना चाहिए। पूजा के समय अपना मुंह हमेशा दक्षिण दिशा की ओर रखना चाहिए। इससे पितरों की दिशा माना जाता है। वहीं ध्यान रहे कि हमेशा श्रद्धा जमीन, किसी मंदिर या पवित्र नदी के किनारे ही करना चाहिए।
वहीं किसी दूसरे के घर पर श्राद्ध कर्म नहीं करना चाहिए। तर्पण के दौरान कुशा और काले तिल का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है।
ब्राह्मण भोज और पंचबली का महत्व
श्राद्ध वाले दिन कम से कम 3 ब्राह्मणों को घर पर बुलाकर पूरे सम्मान के साथ सात्विक भोजन कराना चाहिए। उनको दान-दक्षिणा देकर विदा करना चाहिए। क्योंकि बिना दान के श्राद्ध अधूरा माना जाता है। इसके साथ ही भोजन का एक हिस्सा गाय, देवताओं, कौवे, कुत्ते और चींटियों के लिए जरूर निकालें। इसको पंचबली कहा जाता है, जोकि पितरों तक खाना पहुंचाने का जरिया माना जाता है।
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